Tuesday, August 16, 2022
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उत्तराखंड: एमएसएमई सेक्टर को बड़ी राहत , पढ़िए धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में  सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक में हरिद्वार जिला पंचायत चुनाव में ट्रिपल टेस्ट, अधीनस्थ चयन आयोग नियमावली, उत्तराखण्ड लैंड स्लाइड मिटीगेशन सहित कुल 36 प्रस्तावों पर मुहर लगी।

बैठक की समाप्ति के बाद मुख्य सचिव एसएस संधू ने मीडिया को ब्रीफिंग में बताया कि कुल 36 विषय लाए गए थे, जिसमें से 36 प्रस्ताव पर मुहर लगी है। योजना आयोग, राजपत्रित संशोधन सेवा से सम्बन्धित दो नियमावलीयों को अनुमोदन प्रदान किया गया। सिंचाई विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम लि को कार्यदायी संस्था के रूप में मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि एक्स-रे टैक्निशियन पद के लिये अब केवल 100 अंकों के टैक्निकल टेस्ट को मंजूरी और मल्लीताल, नैनीताल में लैण्ड यूज के सम्बन्ध में सिंगल आवासीय मद को स्वीकृति दी गई। ग्राम विकास विभाग के अन्तर्गत गढ़वाल कुमांयू में रूरल बिजनेस इंक्यूवेटर सेंटर से सम्बन्धित नियमावली, मार्गदर्शी सिद्धान्त को मंजूरी दी गई। सभी जिलों में सूचना केन्द्र के रूप में इंक्यूवेटर सेंटर खोले जायेंगे।

उन्होंने बताया कि अब मंत्रिमंडल ऑफिस भी ई-ऑफिस के रूप में कार्य करने की मंजूरी दी गई है। वर्ष 2019 उधम सिंह नगर कलेक्ट्रेट कर्मियों के 6 दिन के बहिष्कार अवधि का वेतन अर्जित अवकाश के रूप में आहरण और सेवा का अधिकार आयोग से सम्बन्धित वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर रखने की मंजूरी दी गई है। एमएसएमई 2015 की नीति के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए पहले से पूर्व पंजीकृत होना जरूरी था किन्तु जानकारी के अभाव में इससे सम्बन्धित लगभग 100 लाभार्थी सब्सिडी वंचित रह गए थे। इन लाभार्थी को भी छूट देते हुए सब्सिडी देने और एमएसएमई के अन्तर्गत प्लॉट ऑफ सैड के बिक्री को सर्कल रेट से लिंक करने की मुहर लगी है। इसके साथ ही विधानसभा सत्रावसान को मंजूरी दी गई।

उन्होंने बताया कि कौशल एवं सेवायोजन विभाग से सम्बन्धित अनुदेशक सेवा नियमावली 2007 संशोधन और केदारनाथ पुनर्निर्माण मास्टर प्लान बनाने वाली फर्म को सोनप्रयाग में भी मास्टरप्लान बनाने, किच्छा शुगर मिल से सम्बन्धित वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर रखने, बद्रीनाथ केदारनाथ में कार्य करने वाली पीएमसी का एग्रीमेंट यूटीडीवी के साथ था अब यूटीडीवी के बजाय बद्रीनाथ केदारनाथ उत्थान चौरिटेबल ट्रस्ट के साथ एग्रीमेंट को भी मंजूरी दी गई। चीनी मिल गदरपुर की सरप्लस भूमि को सरकारी विभागों की आवश्यकता पूरी करने के बाद अन्य विभाग के लिए लिए निस्तारण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आवास विभाग में हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) को लागू किया जाएगा। अधीनस्थ चयन आयोग समीक्षा अधिकारी, वैयक्तिक सहायक एवं सहायक लेखाकार पदों का सम्विलियन सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में मोबाइल टाॅवर लगाने के लिए एक समान फीस तय कर दी है। कुमांउ में एम्स सेटेलाइट सेन्टर, किच्छा के समीप 100 एकड़ की भूमि भारत सरकार को निशुल्क देगी। देहरादून मसूरी रोपवे में टर्मिनल निर्माण में उंचाई वृद्धि के लिए छूट दिया गया है।

उत्तराखण्ड इलैक्ट्रोनिक विज्ञापन मान्यता संशोधन सेवा नियमावली लाई गयी है। विद्युत नियामक प्राधिकरण से सम्बन्धित प्रतिवेदन विधानसभा पटल पर रखा जाएगा। केदारनाथ बद्रीनाथ में नये मास्टर प्लान के तहत कन्सलटैंसी शुल्क 3 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया है। मेट्रो स्टेशन के समीप व्यवसायिक उंचे भवनों को सैद्धान्तिक अनुमति दी गई। जिससे अधिक संख्या में आमजन एक स्थल से मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सके।

पहाड़ पर पार्किंग की समस्या के निराकरण के लिये तीन कार्यदायी संस्थाओं टीएचडीसी, आरवीएनएल, यूजेविएनएल को को मंजूरी दी गई। हरिद्वार जिला पंचायत चुनाव में ट्रिपल टेस्ट अयोग्यता निर्धारण के लिये न्यायालय से अनुरोध किया जायेगा, ताकि जल्द चुनाव हो सके। रिपोर्ट समय से नहीं आने पर मुख्यमंत्री को निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उत्तराखण्ड लैंड स्लाइड मिटीगेशन इंस्टीट्यूट से संबंधित नियमावली को मंजूरी दी गई। यह संस्था भूस्खलन को रोकने तथा ट्रीटमेंट पर अध्ययन के लिए कार्य करेगी।

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