मोदी सरकार व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी से सहमत नहीं, कहा- इसे वापस लें

नई दिल्ली। फेसबुक की स्वामित्व वाली मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप को मोदी सरकार ने बड़ा झटका दिया है। व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर असहमति जताते हुए सरकार ने कहा कि कंपनी इस पॉलिसी को वापस ले।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सएप को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर अपनी ‘गोपनीयता और डाटा हस्तांतरण और साझा नीतियों, और सामान्य व्यापार प्रथाओं’ से संबंधित मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए कहा है। मंत्रालय का कहना है कि भारतीयों का उचित सम्मान किया जाना चाहिए और व्हाट्सऐप की सेवा, गोपनीयता शर्तों में कोई भी एकतरफा बदलाव उचित और स्वीकार्य नहीं है।

सोमवार को व्हाट्सएप के वैश्विक प्रमुख विल कैथार्ट को संबोधित करते हुए एक ईमेल भेजा गया है। ई-मेल में कहा गया है कि भारत में व्हाट्सएप के 40 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। प्रस्तावित नीतिगत बदलावों का भारतीय नागरिकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसमें व्हाट्सएप से ई-मेल के सात दिनों के भीतर प्रस्तावित अपडेट से संबंधित 14 सवालों के जवाब देने को कहा है।

मंत्रालय का कहना है कि व्हाट्सऐप की सेवा और गोपनीयता नीति में प्रस्तावित बदलाव भारतीय नागरिकों की पसंद और स्वायत्तता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।

व्हाट्सएप ने नई नीति के चलते आलोचना के बाद इसे लागू करने की अवधि को 8 फरवरी से बढ़ाकर 15 मई कर दिया था। व्हाट्सएप का कहना है कि उसकी नई अपडेट से व्यक्तिगत वार्तालाप या अन्य प्रोफ़ाइल जानकारी के संबंध में फेसबुक के साथ डाटा साझा नहीं किया जाएगा।