5जी सर्विस आने से पहले ही हैंडसेट के बाजार में मची होड़

 भारत में अभी तक 5-जी सेवा की शुरुआत नहीं हुई है लेकिन हैंडसेट निर्माता कंपनियों  5-जी हैंडसेट को लेकर होड़ मच गई है।
 
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5जी सर्विस

नई दिल्ली।  भारत में अभी तक 5-जी सेवा की शुरुआत नहीं हुई है। 2022 की शुरुआत में भारत सरकार 5-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी करने की तैयारी कर रही है। अगर सब कुछ पहले से बनी योजना के मुताबिक हुआ तो 2022 की दूसरी छमाही में भारत में 5-जी सेवाओं की शुरुआत हो सकती है, लेकिन हैंडसेट निर्माता कंपनियों ने अभी से ही पूरे जोरशोर के साथ भारत में 5-जी हैंडसेट लाने की तैयारी शुरू कर दी है। 

माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक भारतीय बाजार में करीब चार करोड़ 5-जी हैंडसेट आ जाएंगे। इसकी वजह से भारत 5-जी हैंडसेट की संख्या के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच जाएगा।

जानकारों के मुताबिक देश में जैसे-जैसे कोरोना का प्रकोप कम हो रहा है, वैसे-वैसे आर्थिक गतिविधियां भी गति पकड़ रही हैं। आर्थिक गतिविधियों के तेज होने का असर भारतीय स्मार्टफोन मार्केट पर भी नजर आने की उम्मीद की जा रही है। कोरोना की वजह से करीब 1 साल तक मंदी की मार झेलने के बाद स्मार्टफोन मार्केट में भी अब तेजी आने का इंतजार हो रहा है, लेकिन बाजार में अभी भी लोग नए स्मार्टफोन खरीदने से बच रहे हैं।

जानकारों के मुताबिक 5-जी सेवा के लिए ट्रायल की शुरुआत हो चुकी है। इसके बाद 2022 की शुरुआत में 5-जी स्पेक्ट्रम की भी नीलामी हो जाएगी। इसलिए ग्राहक अब 4-जी हैंडसेट में पैसा लगाने के बजाय 5-जी हैंडसेट का इंतजार करना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। हैंडसेट निर्माता कंपनियां भी भारतीय ग्राहकों की मनोदशा को समझते हुए और मौके का फायदा उठाने के लिए अपने 5-जी हैंडसेट बाजार में उतार चुकी हैं। जिनकी कीमत फिलहाल 15 से लेकर 30 हजार रुपये तक है।

माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक हैंडसेट निर्माता कंपनियां भारत के बाजार में 4 करोड़ से अधिक 5-जी हैंडसेट उतार चुकी होंगी। जिसके बाद इन 5-जी हैंडसेट की कीमत घटकर 10 से 15 हजार रुपये के रेंज में आ जाएंगी। दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि हैंडसेट निर्माता कंपनियां भारत के बाजार को देखते हुए इस साल के अंत तक इतने हैंडसेट बाजार में पेश कर चुकी होंगी कि 5-जी सेवा शुरू होने के पहले ही भारत 5-जी हैंडसेट की संख्या के मामले में अमेरिका, चीन और जापान के बाद चौथे नंबर पर आ जाएगा।

दरअसल हैंडसेट कंपनियों को 5-जी हैंडसेट के रूप में भारत में एक बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर अभी तक 4-जी सेवाओं का का उपयोग कर रहे भारत के ग्राहक भी 5-जी की स्पीड का मजा लेने का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए उन्हें 5-जी हैंडसेट का ही इंतजार है, लेकिन इस वजह से देश में 4-जी हैंडसेट की बिक्री में काफी गिरावट आ गई है। ज्यादातर ग्राहक ये सोचकर 4-जी हैंडसेट नहीं खरीद रहे हैं कि 5-जी सेवा शुरू होने के बाद उनके लिए 4-जी हैंडसेट बेकार हो जाएगा। अभी 4-जी हैंडसेट वही लोग ले रहे हैं, जिनके सामने तत्काल फोन खरीदने की मजबूरी है। अन्यथा ग्राहकों का एक बड़ा वर्ग अभी से 5-जी हैंडसेट का ही इंतजार कर रहा है।