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टेक्नोलॉजी

अब यह मॉस्क शारीरिक दूरी पर करेगा अलर्ट, सामने वाले व्यक्ति के छींकने पर खुद ही चालू हो जाएगा पंखा

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मॉस्क में लगा पंखा सामने छीकने वाले व्यक्ति के कणों को भगाएगा

मॉडल को कराया जाएगा पेटेंट, कुछ कमियों को किया जाएगा दूर

कानपुर। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव के लिए बीएचयू आईआईटी के बाद 11वीं के एक छात्र ने शारीरिक दूरी पालन करने को लेकर एक तकनीक विकसित किया है, जो दो गज की दूरी को लेकर अलर्ट करेगा।  इस छात्र ने छाता की जगह मॉस्क में ऐसी तकनीक का प्रयोग किया है जिससे पता चल जाएगा कि शारीरिक दूरी के नियम का फॉलो नहीं हो रहा है। वहीं अगर सामने वाला व्यक्ति नजदीक आ गया और उसे छीक आ जाती है तो मॉस्क में लगे पंखे स्वतः चलने लगेंगे और छीक से निकले कणों को मॉस्क के पास नहीं आने देगा।
जय नारायण इंटर कॉलेज में भौतिक विज्ञान के शिक्षक और विज्ञान भारती ब्रह्मावर्त के संयोजक कौस्तुभ ओमर ने टिंकर इंडिया की शुरुआत की है। इसमें विशेषकर ऐसे छात्रों को जोड़ा जा रहा है जो अपनी खुद से कुछ नया करने की चाहत रखते हैं। इन दिनों कोरोना के संक्रमण को देखते हुए सभी छात्रों को कुछ नई तकनीक इजाद करने की सलाह दी गयी है। यही नहीं जुड़े हुए सभी छात्रों को सभी तरह की मदद भी प्रदान की जा रही है और बराबर संपर्क किया जा रहा है। कहा गया कि सभी छात्र टेक्नोलॉजी की मदद से तरह-तरह के मॉडल बनाएं जो कि तकनीक में काम आएं।
 इस पर जीआईसी प्रयागराज के 11वीं में पढ़ने वाले चैतन्य श्रीवास्तव ने अपनी खोजपरक प्रतिभा दिखाते हुए एक मॉस्क का मॉडल तैयार किया है और इस तकनीक में उसने अल्ट्रासोनिक सेंसर, बैट्री और छोटे फैन का प्रयोग किया है। इस मॉस्क को लगाने वाला व्यक्ति जैसे ही सामने वाले व्यक्ति से एक मीटर के अंदर दायरे में आने लगेगा तो यह मास्क बीप की आवाज करने लगेगा। इससे मॉस्क लगाने वाले व्यक्ति को पता चल जाएगा कि शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
 इस दौरान यदि किसी को छींक आ जाती है या उसके मुंह से निकले कण मास्क की ओर बढ़ते हैं तो इसमें लगा पंखा उनको भी दूर भगा देगा। कौस्तुभ ओमर ने सोमवार को बताया कि प्रयागराज के छात्र का मॉडल कोरोना पर बहुत बेहतर काम करेगा। फिलहाल इसमें कुछ बदलाव कर इसको और अधिक उपयोगी बनाने का काम किया जा रहा है।
 बताया कि छात्र का मॉडल काफी अच्छा है। छात्र को सभी तरीके से सपोर्ट किया जा रहा है। यदि पेटेंट कराने की जरुरत पड़ेगी तो उसमे भी मदद कर पेटेंट कराया जाएगा। बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय को भी मॉडल भेज दिया गया है और वहां से तारीफ की गयी है। बताते चलें कि आईआईटी बीएचयू ने एक ऐसा छाता तैयार किया है जो शारीरिक दूरी के नियमों का पालन न करने पर सचेत करेगा।

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