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राज्य

उन्नाव कांड में प्रमुख सचिव गृह पर गिरी गाज, योगी सरकार ने 26 आईएएस अधिकारियों का किया तबादला

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लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशाासनिक फेरबदल करते हुए 26 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इनमें कई अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया गया है। पिछले तीन महीने से रिक्त कृषि उत्पादन आयुक्त के पद का जिम्मा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार तिवारी को सौंपा गया है। वह कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ ही उच्च शिक्षा के अपर मुख्य सचिव भी बने रहेंगे। वहीं अपर मुख्य सचिव नियोजन दीपक त्रिवेदी राजस्व परिषद के नये अध्यक्ष होंगे। वह आज सेवानिवृत्त हो रहे प्रवीर कुमार की जगह लेंगे।

प्रमुख सचिव गृह हटाए गए, अवनीश संभालेंगे विभाग

तबादलों में उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़ित के सड़क दुर्घटना मामले का असर भी देखने को मिल रहा है। सरकार ने प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को हटाते हुए उन्हें प्रमुख सचिव परिवहन की जिम्मेदारी सौंपी है। कुमार बीते दो वर्ष से प्रमुख सचिव गृह का अहम ओहदा जिम्मा संभाल रहे थे, लेकिन पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह से उनके बेहतर तालमेल न होने को लेकर कई बार सवाल उठे। वहीं अब कुमार की जगह अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को गृह विभाग का काम देखेंगे।
अवस्थी के पास अब गृह, गोपन, वीजा पासपोर्ट, कारागार प्रशासन एवं सुधार तथा सतर्कता विभाग की जिम्मेदारी है। उनके पास पहले से ही धर्मार्थ कार्य, सूचना, यूपीडा और उपशा का अतिरिक्त प्रभार है। गृह विभाग की जिम्मेदारी दिए जाने के बावजूद पर्यटन छोड़ उनके पास पूर्व की सभी जिम्मेदारियां बनाए रखी गई हैं।

आराधना शुक्ला भी हटाईं गईं

इसके साथ ही सरकार ने आराधना शुक्ला से परिवहन विभाग की जिम्मेदारी ले ली है। वह सपा शासनकाल से ही परिवहन विभाग में तैनात थीं। बीते दिनों आगरा एक्सप्रेस वे पर भीषण सड़क दुर्घटना को उनके तबादले से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्हें माध्यमिक शिक्षा विभाग एवं विशेष कार्याधिकारी नोएडा का जिम्मा सौंपा गया है।
आईएएस बाबूलाल मीणा को प्रमुख सचिव दुग्ध विकास, मत्स्य समन्वय एवं पशुधान विभाग और आयुक्त दुग्ध प्रबंध एवं प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ समेत परियोजना समन्वयक डास्प का भी चार्ज मिला है। सुधीर महादेव बोबडे को श्रम आयुक्त कानपुर के पद पर भेजा गया है।

कामिनी चौहान से छिना विभाग

अनिल कुमार को प्रमुख सचिव होमगार्ड बनाया गया है। अपर मुख्य सचिव कुमार कमलेश से होमगार्ड का प्रभार हटा कर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अब भी बरकरार रखा गया है। मुख्य सचिव की प्रमुख स्टाफ ऑफिसर कामिनी चौहान रतन को सचिव ग्राम्य विकास की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। अब उन्हें मुख्य सचिव के प्रमुख स्टाफ ऑफिसर के पद पर नियमित तैनाती दे दी गई है। इसके अलावा परियोजना निदेशक उप्र एड्स कंट्रोल सोसाइटी तथा निदेशक राजस्व विशिष्टि अभिसूचना निदेशालय का भी वह देखती रहेंगी।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे दीपक कुमार को प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं परिवार कल्याण बनाया है। वह काफी समय से तैनाती की प्रतीक्षा कर रहे थे। वहीं अभी तक यह जिम्मा संभाल रहे प्रशांत त्रिवेदी को आयुष विभाग का प्रमुख सचिव और नोएडा का विशेष कार्याधिकारी बनाया गया है। उन्होंने अपनी सेहत का हवाला देते हुए सरकार से विभाग बदले जाने की गुजारिश की थी।

नवनीत सहगल को अतिरिक्त प्रभार

नवनीत सहगल अब प्रमुख सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग तथा निर्यात एवं प्रोत्साहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। जितेंद्र कुमार को प्रमुख सचिव पर्यटन, महानिदेशक पर्यटन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं पूर्व में मिले सभी विभाग भी उनके पास बरकरार रखे गये हैं। के. रविंद्र नायक को दीनदयाल उपाध्याय राज्य विकास संस्थान का भी अतिरिक्त प्रभार मिला है। आईएएस अधिकारी निधि गुप्ता सीडीओ हरदोई बनाई गई हैं। छोटे लाल पासी को विशेष सचिव खाद एवं रसद विभाग का चार्ज दिया गया है। बालकृष्ण त्रिपाठी को निदेशक समाज कल्याण विभाग बनाया गया है।

नीरज शुक्ला को बनाया गया अयोध्या विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष

प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव को विशेष सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है। सूर्यमणि लालचंद को परियोजना प्रशासक, ग्रेटर शारदा सहायक समाधि क्षेत्र प्राधिकारी बनाया गया है। डॉ. विभा चहल को अपर स्थानिक आयुक्त उत्तर प्रदेश पर तैनाती मिली है। ओम प्रकाश राय को परियोजना निदेशक सामान्य प्रशासन एचआरडी एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण का चार्ज दिया गया है।
नीरज शुक्ला को अयोध्या विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। एसवीएस रंगाराव को निबंधक सहकारी समिति का चार्ज मिला है। प्रतीक्षारत चल रहे एस राजलिंगम को विशेष सचिव नगर विकास विभाग के पद पर भेजा गया है। अभिषेक गोयल को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मथुरा के पद पर भेजा गया है। आनंद कुमार को मुख्य विकास अधिकारी कुशीनगर के पद पर तैनाती मिली है। https://kanvkanv.com

उत्तराखंड

Rawat cabinet / उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों को आयुष्मान योजना का लाभ

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देहरादून। उत्तराखंड कैबिनेट की शुक्रवार को यहां हुई बैठक में राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी आयुष्मान योजना के दायरे में लाने के फैसले पर मुहर लग गई। हालांकि बैठक में अटल आयुष्मान योजना में कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके तहत सरकारी अस्पताल की रेफरल प्रक्रिया खत्म कर दी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कुल 14 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड साक्षी संरक्षण अधिनियम 2020 को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई, जिसके तहत उत्तराखंड में मृत्यु दंड समेत गंभीर अपराधों के गवाहों को सुरक्षा दी जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट बैठक में भारत सरकार द्वारा राज्य में साइंस सिटी में स्वीकृत सलाहकार पद पर जीएस रौतेला को सलाहकार के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि जीएस रौतेला राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद में काम कर चुके हैं। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है।

इन फैसलों पर लगी मुहर

.कैबिनेट ने संविदा कृषि अधिनियम 2018 को राज्य में लागू करने के फैसले पर भी मुहर लगाई। इसके तहत अब किसानों के साथ कॉन्ट्रैक्ट कर अधिनियम के तहत खेती की जाएगी।
.उत्तराखंड कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम 2011 की जगह पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कृषि उपज एवं पशुधन विपणन अधिनियम 2017 प्रदेश में लागू किया जाएगा। किसानों के लिए मंडी में फसल पहुंचाने के लिए अनिवार्यता खत्म होगी। किसान अपने दामों पर कहीं भी फसल बेच सकेंगे। मंडी परिषद के अध्यक्ष की नियुक्ति सरकार द्वारा नहीं होगी। इसके तहत मंडी परिषद के अध्यक्ष के लिए विधिवत निर्वाचन होगा।
.अटल आयुष्मान योजना में भी कुछ बदलाव भी किए गए हैं, जिसके तहत सरकारी अस्पताल की रेफरल प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया है। इसके साथ ही स्टेट हेल्थ एजेंसी की जगह अब स्टेट हेल्थ अथॉरिटी नाम दिया गया है। आयुष्मान योजना की दिक्कतों को दूर करने के लिए दस कॉल सेंटरों का गठन किया जाएगा, जिसके माध्यम से फीडबैक लेकर लोगों की दिक्कतें जानी जाएंगी। स्वास्थ्य बीमा के तहत सरकार कर्मचारियों के ग्रेड-पे के हिसाब से महीने में प्रीमियम लेगी। वेतमान के हिसाब से 250, 450, 650, 1000 रुपये का प्रीमियम लिया जाएगा।
.उत्तराखंड साक्षी संरक्षण अधिनियम 2020 को मंजूरी दी गई। इसके तहत अब प्रदेश में गवाहों को सुरक्षा मिलेगी। मृत्यु दंड समेत तमाम बड़े अपराधों के गवाहों के इसके तहत सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया है।
.एसडीआरएफ में पुलिस के जवानों के डेपुटेशन की अविध पांच साल से बढ़ाकर सात साल की गई।
.कैबिनेट ने मेगा इंडस्ट्री इन्वेस्टमेंट नीति 2015 में संसोधन पर मुहर लगाई है। नकारात्मक सूची (निगेटिव लिस्ट) में शामिल उत्पादों पर अब छूट नहीं मिलेगी। तंबाकू, पान मसाला, सीमेंट, पॉलीथीन आदि पर छूट अब नहीं मिलेगी। हालांकि पहले से स्थापित उत्पादों पर पांच साल के लिए छूट जारी रहेगी।
.मेगा टेक्सटाइल पार्क पॉलिसी की धारा नौ में संशोधन को मंजूरी दी गई। 2021 की जगह 2023 तक पॉलिसी बढ़ाई गई है।
.पंचायती राज एक्ट 2016 में संशोधन किया गया है। धारा दो में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को परिभाषित किया गया है।
.आदि बद्री से लगी जमीन को पार्किंग के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग को सरकार द्वारा निःशुल्क देने को भी मंजूरी दी गई।
.लोक निर्माण विभाग अब जो नई सड़कें बनाएगा, वह 500 मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ी हो सकेंगी।
.162 कब्रिस्तान की चहारदिवारी बनाने के लिए एक साल समय बढ़ाया गया।
.उत्तराखंड उपकर अधिनियम 2015 के अंतर्गत विक्रय कीमत में संशोधन किया गया।

.स्टार्टअप नीति 2018 में संशोधन को हरी झंडी दी गई।

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उत्तराखंड

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, अगले दो दिन बारिश और बर्फबारी के आसार

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देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार से एक बार फिर मौसम के करवट बदलने के आसार हैं। इस दौरान मैदानी इलाकों में बारिश, ओलावृष्टि और ऊंची पर्वतीय चोटियों पर बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होने की सम्भावना है।

फिलहाल शुक्रवार को सूबे के कई जिलों में आसमान में बादल छाए हुए हैं। हालांकि कई जिलों में चमकदार धूप भी खिली हुई है। देहरादून और आसपास के इलाकों में आज सुबह आसमान बादलों से पूरी तरह आच्छादित था लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही चमकदार धूप निकल आई। पहाड़ों की रानी मसूरी में बीती रात से काले बादलों ने अपने आगोश में ले रखा था, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कोहरे की वजह से दृश्यता भी कम रही। इसके कारण वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शीत लहर और कोहरे के चलते स्थानीय लोग फिर घरों में कैद होने को मजबूर हो गए।

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार अगले दो दिन गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के ज्यादातर इलाकों में गरज और चमक के साथ बारिश हो सकती है। गढ़वाल के कई क्षेत्रों में आज रात को भी बारिश हो सकती है। ओले भी गिर सकते हैं। विभाग ने तीन हजार मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार आज शाम से मौसम में बदलाव होने लगेगा। देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में शुक्रवार शाम से बादल छा सकते हैं। रात को और शनिवार को कई जगह गरज और चमक वाले बादलों के साथ दो से तीन दौर की बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड में एक मार्च को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। दो मार्च को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। उस दिन उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। राज्य के अन्य इलाकों में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहेगा।

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उत्तर प्रदेश

जुमे की नमाज को लेकर सतर्क यूपी पुलिस,संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी

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लखनऊ। दिल्ली में हुई हिंसा के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में प्रशासन सतर्क है। शुक्रवार की नमाज को लेकर प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता के निर्देश दिये गये हैं। डीजीपी मुख्यालय ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में कैंप करने को कहा है। विशेष सतर्कता बरते जाने वाले जिलों लखनऊ, आगरा, बुलंदशहर, मुरादाबाद, अलीगढ़, रामपुर, बिजनौर, फिराेजाबाद आदि में उच्चाधिकारी विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। हर जगह पल-पल की जानकारी ली जा रही है। इसके साथ ही इन जिलों में पुलिस भी बढ़ा दी गयी है।

अलीगढ़ में उपद्रव के बाद जुमे की पहली नमाज को अमन चैन से कायम कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया है। इसके लिए 4 हजार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का भारी भरकम फोर्स लगाया गया है।

एसएसपी मुनिराज के अनुसार जुमे की नमाज को देखते हुए बाहर से पांच एडिशनल एसपी, 12 सीओ, 20 इंस्पेक्टर, 200 सब इंस्पेक्टर आदि के अलावा दो कंपनी आरएएफ (एक कंपनी में 140 कर्मी), एक कंपनी आरएएफ रिजर्व में रखी है।

वहीं मेरठ जोन में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। शुक्रवार को जिले को 11 जोन, 31 सेक्टरों और 62 सब सेक्टरों में बांटकर फोर्स तैनात की गई है। एसएसपी अजय साहनी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गुरुवार को सभी एडिशनल एसपी, सीओ के साथ बैठक की। लखनऊ में भी सतर्कता बढ़ा दी गयी है। जुमे की नमाज काे देखते हुए सुबह से ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस निगरानी कर रही है। कहीं कोई अराजकता न फैले। उसको समय रहते कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है।

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