उत्तराखंड: जमीन पर कब्जा करने वालों पर कसेगी नकेल ,नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव, बकायेदारों के लिये भी दरवाजे बंद

गैरसैंण । पंचायत या सरकारी जमीन के कब्जा करना अब महंगा पड़ने वाला है। ऐसे लोग अब पंचायत में किसी भी स्तर पर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसी तरह बकायेदारों के लिए भी त्रिस्तरीय पंचायत के दरवाजे बंद हो गए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार ने विधानसभा में उत्तराखंड पंचायतीराज संशोधन विधेयक 2021 रखा। इसके मुताबिक, बकायेदार अब किसी भी स्तर पर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। पहले ग्राम पंचायत के बकायेदार के सिर्फ ग्राम पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक थी, पर वो क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत का चुनाव लड़ सकता था।

ऐक्ट की कमियों का फायदा उठाकर कई बकायेदार पंचायत प्रतिनिधि बन जाते थे। अब किसी भी पंचायत का बकायेदार, ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत में किसी तरह से चुनाव नहीं लड़ पाएगा। इसी तरह पंचायत या सरकारी जमीन के कब्जेदारों के भी चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है।

इसके साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम में छह महीने से अधिक की जेल की सजा भुगतने वालों के लिए चुनाव की रोक का प्रावधान तकनीकी कारणों से लागू नहीं हो पा रहा था, अब नए विधेयक में इसे भी दुरुस्त कर लागू कर दिया गया है। बता दें कि उत्तराखंड विधान सभा का बजट सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में चल रहा है।