कोरोना से मरने वालों के परिजनों को उत्तराखंड सरकार देगी 50 हजार का मुआवजा

शासन ने जिलाधिकारियों को सौंपी मुआवजा राशि बांटने की जिम्मेदारी
 
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 कोरोना

-शासन ने जिलाधिकारियों को सौंपी मुआवजा राशि बांटने की जिम्मेदारी

देहरादून। उत्तराखंड सरकार कोरोना संक्रमण से मौत होने पर मृतक के परिजनों को 50 हजार का मुआवजा राशि देने का निर्णय लिया है। यह आर्थिक सहयोग आपदा मोचन निधि से दी जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर सभी औपारिकताएं पूरी कर ली गई है।

मुख्यमंत्री आवास में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों को इसकी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को आवेदन के 30 दिन के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मृत्यु पर राज्य सरकार मृतक के परिजनों को 50 हजार रूपये का मुआवजा देगी। यह आर्थिक सहायता ‘राज्य आपदा मोचन निधि’ से प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकर कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्र ने सभी जिलाधिकारियों को मुआवजा राशि बांटने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य तथा आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जारी एक बयान में कहा कि राज्य सरकार कोरोना पीड़ित परिजनों के साथ हर कदम पर खड़ी है। महामारी से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को 50 हजार का मुआवजा देगी। बशर्ते कि मृतक उत्तराखंड का राज्य का मूल निवासी हो या फिर राज्य में किसी भी कार्य से निवासरत हो। ताकि पीड़ित परिवार विपरीत परिस्थितियों में अपना भरण-पोषण कर सके।

डॉ रावत ने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत राज्य आपदा मोचन निधि के मापदण्डों के तहत मृतक के विधिक वारिस को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। इसके लिए शासन स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर समस्त जिलाधिकारियों को मुआवजा राशि बांटने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि देश में संक्रमण का पहला केस पाये जाने की तिथि से लेकर भविष्य में भी कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को सरकार मुआवजा देगी। इसके लिए मृतक के परिजनों को तहसील स्तर पर तहसीलदार या फिर जिला स्तर पर जिलाधिकारी कार्यालय में निर्धारित प्रारूप पर आवेदन करना होगा।

मुआवजा के लिए प्रारूप तहसील एवं जिला मुख्यालयों में उपलब्ध रहेगा। मुआवजा राशि पाने के लिए मृतक के परिजनों को स्वास्थ्य विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा। आवेदन करने के उपरांत राज्य मोचन निधि से 30 दिन के भीतर डीबीटी के माध्यम से आधार लिंक बैंक खाते में मुआवजे का भुगतान किया जायेगा।