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उत्तराखंड

उत्तराखंड : 1 जुलाई से कर सकेंगे चारधाम के दर्शन पर इन नियमों के साथ

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देहरादून। उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने सोमवार को बड़ा फैसला करते हुए एक जुलाई से प्रदेश के लोगों को चारों धामों के दर्शन करने की अनुमित दे दी है।  इसके लिए सोमवार को मानक प्रचालन विधि (एसओपी ) जारी कर दी गई है।

उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ रविनाथ रमन ने कहा कि 9 जून को राज्य में कुछ शर्तों के साथ यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम तथा अन्य मंदिरों में उस जनपद में निवासरत व्यक्तियों को संबंधित जिलाधिकारी की अनुमति से दर्शन करने की व्यवस्था 30 जून तक प्रदान की गई है। इसी क्रम में अब एक जुलाई से अगले आदेशों तक केवल उत्तराखंड राज्य में रह रहे व्यक्तियों के लिए चार धाम और अन्य मंदिरों में दर्शन किए जाने की सशर्त अनुमति प्रदान की जाती है।

ये है नियम

.राज्य के भीतर किसी भी कंटेनमेंट जोन तथा बफर जोन में निवासरत लोगों को किसी भी धाम या मंदिर क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

.प्रदेश में निवासरत ऐसे व्यक्ति जिनके द्वारा उत्तराखंड राज्य के बाहर से उत्तराखंड राज्य में आवागमन किया गया हो, उन्हें एकांतवास (क्वारंटाइन) से संबंधित सभी शर्तों का अनुपालन किया जाना सुनिश्चित करना होगा। उसके बाद ही वह धाम क्षेत्र में यात्रा करने के पात्र होंगे।

.इसी प्रकार राज्य अंतर्गत चार धाम क्षेत्र हेतु आवागमन करने वाले व्यक्तियों को निर्धारित एसओपी का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

.यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वर्तमान वेबसाइट https://badrinath-kedarnath.gov.in पर भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

.इसमें निर्धारित शर्तों को पूर्ण करने के संबंध में स्व घोषणा, यात्रा प्रारंभ करने की तिथि एवं अन्य विवरण, उत्तराखंड राज्य में स्थित निवास स्थान का पता का उल्लेख करना आवश्यक होगा तथा दिए गए पते का प्रमाण एवं फोटो आईडी अपलोड करना भी आवश्यक होगा।

.इसके बाद यात्रा करने से संबंधित ऑटो जेनरेटेड ई-पास प्राप्त कर यात्रा करते समय यही पास एवं अपलोड किए गए फोटो आईडी तथा उत्तराखंड स्थित निवास स्थान का प्रमाण पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। इसके आधार पर ही संबंधित जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें धाम क्षेत्र में प्रवेश करने दिया जाएगा।

.यात्रा के लिए व्यक्तियों को प्रत्येक धाम क्षेत्र में यात्रा विश्राम स्थल पर अधिकतम केवल एक रात्रि का ही स्थगन अनुमन्य होगा।

.यह स्थिति आपदा, सड़क बाधित होने या आपातकालीन परिस्थितियों जैसे स्वास्थ्य आदि में स्थानीय प्रशासन की अनुमति से बढ़ाया जा सकेगा।

.राज्य अंतर्गत निवासरत ऐसे लोग, जिनका धाम क्षेत्र में अवस्थापना की मरम्मत (रखरखाव, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, सड़क, बिजली, पानी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) से संबंधित कामकाज के लिए धर्म क्षेत्र में आना जाना है, वहां स्थानीय प्रशासन से अनुमति प्राप्त कर इलाके में एक दिन से अधिक समय भी रह सकेंगे।

.जिन व्यक्तियों को कोरोना या फ्लू से संबंधित किसी प्रकार के लक्षण होंगे, वह यात्रा नहीं करेंगे। केंद्र सरकार के कोरोना के लिए जारी दिशा निर्देश के अनुसार 65 वर्ष से अधिक उम्र और 10 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति और जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हैं, वह भी यात्रा नहीं कर सकेंगे।

. धर्म क्षेत्र में यात्रा के दौरान सैनिटाइजर एवं मॉस्क तथा शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा।

. मंदिर के गर्भ गृह तथा सभा मंडप का अग्रभाग जो गर्भ गृह से बिल्कुल सटा हुआ है वहां श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। मंदिर के बाहर से किसी प्रसाद या चढ़ावे आदि को मंदिर परिसर में लाना वर्जित रहेगा।

.किसी देव मूर्ति को स्पर्श करना भी वर्जित होगा। धाम क्षेत्र जिस जनपद में है, वहां के जिलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन द्वारा शारीरिक दूरी के दृष्टिगत प्रत्येक धाम क्षेत्र में निर्धारित अधिकतम सीमा जो पहले तय की गई है, वे उसका अनुपालन कराएंगे। यात्रा पास के लिए एक हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है, जिसके पूछताछ नंबर 70607 22843 और 97581 33933 हैं।

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देहरादून के डोईवाला, सहसपुर और सेलाकुई में साप्ताहिक बंदी के दिनों में बदलाव

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देहरादून। जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत जनपद के स्थानीय बाजार में साप्ताहिक बन्दी निर्धारित करने के लिए पहले किये गये आदेशों में स्थानीय व्यापारियों एवं निवासियों के अनुरोध पर साप्ताहिक बन्दी दिवसों में आंशिक संशोधन किया है। इसमें अब डोईवाला क्षेत्र में रविवार के स्थान पर बुधवार को तथा सहसपुर एवं सेलाकुई में शनिवार के स्थान पर बुधवार को साप्ताहिक बन्दी रहेगी। अन्य स्थानों पर पूर्व आदेशों के अनुसार ही साप्ताहिक बन्दी रहेगी।
जिलाधिकारी डाॅ. आशीष कुमार के अनुसार उक्त क्षेत्रों में साप्ताहिक बन्दी दिवसों पर वृहद् स्तर पर सेनिटाइजेशन किया जाएगा। उक्त निर्धारित साप्ताहिक बन्दी दिवसों में सम्बन्धित स्थानीय बाजार एवं उसमें अवस्थित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूर्णतः बन्द रहेंगे तथा केवल आवश्यक सेवाएं यथा दवाओं की दुकानें, फल, सब्जी की दुकानें, पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसियां, डेयरी, टिफिन सर्विस, बेकरी, मिठाई की दुकानें, मीट-मछली की दुकानें (जिनके पास वैध लाईसेंस हों), बेकरी ही प्रातः 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक संचालित हो सकेंगी। साप्ताहिक बन्दी दिवस में वाहनों के आवागमन में छूट रहेगी। इस दौरान निर्माण कार्य, औद्योगिक इकाइयों से सम्बन्धित गतिविधियां संचालित हो सकेंगी तथा प्रातः कालीन माॅर्निंग वाॅक पर यह प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा।
जनपद में प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को डेंगू उन्मूलन अभियान एवं सेनिटाइजेशन कराये जाने के लिए जिलाधिकारी के पूर्व में दिये गये निर्देशों के अनुपालन में आज जनपद के नगर निगम देहरादून क्षेत्रान्तर्गत सभी वार्ड में डेंगू उन्मूलन अभियान चलाया गया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, मण्डियों, एटीएम, चिकित्सालयों में फाॅगिंग के अलावा सेनिटाइजेशन भी करवाया गया। इसके अतिरिक्त नगर निगम, ऋषिकेश क्षेत्र में डेंगू उन्मूलन अभियान चलाया गया तथा चन्द्रेश्वर नगर खाली प्लाट में एकत्र हुए पानी की भी निकासी करते हुए फाॅगिंग की गयी।
आज जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जिला प्रशासन की टीम ने सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने पर 36 व्यक्तियों के चालान किये। इनमें ऋषिकेश में चार, तहसील सदर क्षेत्रान्तर्गत 32 व्यक्ति शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस टीम ने जनपद में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग न करने पर 492 व्यक्तियों के चालान किये गये।
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उत्तराखंड : गृह एकांतवास पर रखे गये लोगों की नियमित निगरानी की जाए : मुख्यमंत्री

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  • रिकवरी रेट में उत्तराखंड देश में लद्दाख के बाद दूसरे नंबर पर

  • कन्टेनमेंट जोन माइक्रो लेबल के बनाये जाएं

  • नैनीताल में बनाया जाएगा 500 बेड का कोविड केयर सेंटर

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को सचिवालय में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम तथा बचाव के लिए किये जा रहे कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि गृह एकांतवास पर रखे गये लोगों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारियों को नोडल ऑफिसर बनाया जाए।

निगरानी के लिए पीआरडी, होमगार्ड एवं अन्य लोगों की ड्यूटी लगाई जा

मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह एकांतवास एवं पर्यटन स्थलों पर सतत निगरानी के लिए पीआरडी, होमगार्ड एवं अन्य लोगों की ड्यूटी लगाई जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कारवाई की जाए। हाई रिस्क मामलों एवं आरोग्य सेतु ऐप पर भी नियमित निगरानी रखी जाए। सर्विलांस सिस्टम को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। चार मैदानी जनपदों देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। इन जनपदों में सेनेटाइजेशन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

9 जनपदों में 85 एक्टिव केस

अभी प्रदेश में 558 कोरोना के सक्रिय मामलों में से 473 इन चार जनपदों में हैं। शेष 9 जनपदों में 85 एक्टिव केस हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सब्जी मंडियों  एवं पर्यटक स्थलों पर फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं कोरोना के अन्य मानकों का पूरा अनुपालन किया जाए। मानकों का अनुपालन न करने वालों पर कारवाई की जाए। जोखिम क्षेत्र (कंटेनमेंट जोन) माइक्रो लेबल पर बनाए जाएं, ताकि उनकी निगरानी भी सही तरीके से हो एवं लोगों को अनावश्यक परेशानियां न हों।

कोरोना सैंपल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई गई

उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना सैंपल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई गई है। जल्द ही कुछ और ट्रू-नेट मशीन राज्य को मिलने वाली हैं, जिससे सैंपलिंग में और तेजी आयेगी। उन्होंने जिलाधिकारी नैनीताल को निर्देश दिए कि एसडीआरएफ के सहयोग से नैनीताल में 500 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जाए। अभी उत्तराखंड रिकवरी रेट में देश में लद्दाख के बाद दूसरे नंबर पर है। उन्होंने कहा कि कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिन जनपदों की सीमाएं अन्य प्रदेशों के जनपदों की सीमाओं से लगी हैं, सतर्कता के दृष्टिगत उस जनपद के प्रशासन से समन्वय रखा जाए।  मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए  की मानसून के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं सुचारु रखी जाएं। रिस्पांस सिस्टम कम से कम किया जाए। डेंगू से बचाव के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दौरान सभी जिलाधिकारी एवं उनकी टीम अच्छा कार्य कर रहे हैं लेकिन अभी हमको पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने होंगे। जनता का भी सकारात्मक सहयोग मिला है।

सर्विलांस सिस्टम को प्राथमिकता पर रखा जाए

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि सर्विलांस सिस्टम को प्राथमिकता पर रखा जाए। सभी जिलों में सैंपल टेस्टिंग टारगेटेड हो। हमें कोरोना से बचाव के साथ ही आर्थिक गतिविधियों पर भी ध्यान  देना होगा। प्रधानमंत्री के जान और जहान दोनों कांसेप्ट पर काम करना होगा। कान्टेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य में स्थिति नियंत्रण में हैं, आगे भी हमारे प्रयास इसी तरह के होने चाहिए। बैठक में बताया गया कि काशीपुर में अधिक एक्टिव केस के दृष्टिगत काशीपुर में लॉक डाउन किया गया है।
बैठक में सचिव (स्वास्थ्य) अमित नेगी, सचिव शैलेश बगोली, पंकज पाण्डेय, एसए मुरूगेशन, आईजी संजय गुंज्याल, अपर सचिव सोनिका, महानिदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. अमिता उप्रेती सहित सभी जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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उत्तराखंड लौटे प्रवासियों सरकार देगी रोजगार, योजनाओं का पिटारा खोला

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देहरादून। कोरोना काल में विभिन्न राज्यों से उत्तराखंड लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार मुहैया कराने के लिए राज्य की त्रिवेन्द्र सरकार ने योजनाओं का पिटारा खोल दिया है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने शुक्रवार को यहां पत्रकार सम्मेलन में इस बारे में तथा खासतौर पर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि इन प्रवासियों और उत्तराखंड राज्य निवासियों को रोजगार देने के लिए एक अम्ब्रेला के नीचे सभी विभागों की रोजगार परक योजना को अधिक आकर्षक और सुविधायुक्त बनाकर लाया गया है।

कौशल के अनुसार रोजगार

श्री कौशिक ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सुविधा और कौशल के अनुसार व्यवसाय चयन करने का रोजगार प्रदान करने का अवसर दिया गया है। अभी तक कुल प्रवासियों की संख्या 3.27 लाख है। यह संख्या और भी अधिक हो सकती है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जनपद में प्रवासियों के लिए उपयुक्त स्वरोजगार प्रदान करने के लिए जिला उद्योग केन्द्र द्वारा काउंसिलिंग की ली जाए और रोजगार प्रदान करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। विभिन्न व्यवसायों में विनिर्माण के क्षेत्र में 10 लाख से 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 15, 20 और 25 प्रतिशत की सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। अभी तक कुल 15109 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

कितने आवेदन आए

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में एमएसएमई विभाग में 15109 आवेदन में से अल्मोड़ा 1360, बागेश्वर 517, चमोली 847, चम्पावत 478, देहरादून 2682, हरिद्वार 1145, नैनीताल 1876, पौड़ी गढ़वाल 1278, पिथौरागढ़ 570, रुद्रप्रयाग 493, टिहरी गढ़वाल 1361, उधमसिंह नगर 1625, उत्तरकाशी 877 प्राप्त हुए हैं। स्वरोजगार देने के लिए बने होप पोर्टल पर कुल 17653 युवा पंजीकृत हुए हैं। अल्मोड़ा 1574, बागेश्वर 517, चमोली 429, चम्पावत 674, देहरादून 3777, हरिद्वार 688, नैनीताल 1390, पौड़ी गढ़वाल 1616, पिथौरागढ़ 353, रुद्रप्रयाग 2365, टिहरी गढ़वाल 1818, ऊधम सिंह नगर 2066, उत्तरकाशी 388 युवा पंजीकृत हैं। पोर्टल पर 51 नियोजकों द्वारा 966 रिक्तियां स्वास्थ्य, आईटी और तकनीशियन क्षेत्र में अपलोड की गई हैं।

डेयरी और सहकारिता विभाग

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना डेयरी विभाग में पशुपाल, मत्स्य, डेयरी तथा सहकारिता के विकास हेतु राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना में एकीकृत कृषि सहकारिता परियोजना वित्तपोषित करते हुए डेयरी के लिए 442.62 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत सहकारिता विभाग के द्वारा मोटर साइकिल, टैक्सी योजना संचालित की गयी है।

पर्यटन का क्षेत्र

प्रमुख पर्यटक स्थलों में पर्यटकों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए लाभार्थियों को 60 हजार रुपये से एक लाख 25 हजार तक का ऋण 2 वर्ष के ब्याज मुक्त शर्त के साथ प्रदान किया जाएगा।

उद्यान विभाग के लिए विशेष योजना

उद्यान विभाग के अन्तर्गत कृषकों एवं प्रवासियों हेतु विशेष योजना के अन्तर्गत मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना में सब्जी, आलू और मशाल, बीज, फल-पौध, पुष्प बीज के लिए 50 प्रतिशत अनुदान, कीटनाशक रसायन के लिए 60 प्रतिशत, कूल हाउस के लिए 50 प्रतिशत, रेफ्रिजरेटेड वैन 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त छोटी पौधशाला, अखरोट नर्सरी स्थापना 50 प्रतिशत अनुदान, मशरूम उत्पादन एवं विपणन योजना में 50 प्रतिशत अनुदान, मौन पालन में 50 प्रतिशत, उद्यान की घेरबाड़ी में 50 प्रतिशत, वर्मी कम्पोस्ट इकाई में 75 प्रतिशत, उत्तर फसल प्रबन्धन में 50 प्रतिशत, मिशन एप्पल में 80 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था है।

स्ट्रीट वेंडर्स के लिए योजना

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि कोरोना काल में उपजे आर्थिक संकट से उबारने के लिए फेरी व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि योजना लाई गई है। पात्र पथ विक्रेताओं को 10 हजार रुपये कार्यशील पूंजी ब्याज अनुदान आधारित आसान ऋण पर उपलब्ध करायी जाएगी। यह नियमित धन वापसी पर आधारित है और डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करती है।

विकास पर सकारात्मक प्रभाव

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना लागू करने के बाद राज्य के विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस प्रभाव के अन्तर्गत नवीन सेवा, व्यवसाय तथा सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना कर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों मेंं रोजगार के अवसरों का सृजन होगा, युवा उद्यमियों, कुशल व अकुशल दस्तकारों, हस्तशिल्पियों तथा शिक्षित शहरी व ग्रामीण बेरोजगारों को यथासम्भव उनके आवासीय स्थल के पास रोजगार के अवसर प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त इस योजना से पर्वतीय व ग्रामीण क्षेत्रों से नौकरी की खोज में होने वाले पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी।

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