रानीपोखरी पुल गिरने पर कांग्रेस हमलावर, प्रीतम सिंह बोले- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया पुल

कांग्रेस विधायक व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि देहरादून से ऋषिकेश को जोड़ने वाला रानी पोखरी का पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।
 
Ranipokhari bridge collapses on Dehradun-Rishikesh highway
रानीपोखरी पुल

देहरादून। कांग्रेस विधायक व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि देहरादून से ऋषिकेश को जोड़ने वाला रानी पोखरी का पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। उन्होंने इस पर विधानसभा में चर्चा कराने की मांग को लेकर वॉकआउट भी किया।

प्रीतम सिंह ने पत्रकारों को बताया कि रानी पोखरी पुल के नीचे से काफ़ी मात्रा में अवैध खनन किया गया था। खनन कार्य करने में पोकलैंड तथा जेसीबी आदि का प्रयोग किया गया था। खनन से पुल के पिलर के नीचे कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए थे, जिस कारण अत्यधिक बरसात होने से इन गड्ढों में पानी भर और निकासी न होने पर पुल को नुक़सान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग ने इस पुल के बचाव के लिए पुश्ता आदि का निर्माण करने में लाखों रुपया का व्यय किया गया लेकिन इसके बावजूद पुल धराशायी हो गया है।

उन्होंने कहा कि पुल के धराशायी होने से आज एक कार, दो मालवाहक वाहन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गये, जबकि तीन लोग घायल भी हुए हैं। इससे देहरादून से रानी पोखरी, ऋषिकेश एवं टिहरी पौड़ी, श्रीनगर के साथ चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों को दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य की राजधानी के पुलों की यह स्थिति है तो दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों एवं पुलों की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का प्रदेश के लोगों की सुरक्षा एवं समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रह गया है। उन्होंने मांग की कि सरकार पुल के टूटने की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें। साथ ही प्रदेश में पुलिया एवं पुलो के नीचे से हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाएं ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। सदन में नेता प्रतिपक्ष ने नियम 310 के अंतर्गत व संपूर्ण कार्रवाई स्थगित कर चर्चा कराने की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट भी किया।