चार धाम यात्रा आज से शुरू, गाइडलाइन का करना होगा पालन, जानिए क्या है नियम

उत्तराखंड में आज से यानी की 18 सितंबर से चारधाम की यात्रा शुरू हो गयी है. बदरीनाथ धाम में सुबह से ही भक्त पहुंचे और भगवान बदरीश का आशीर्वाद लिया। वहीं यात्रा के लिए शुक्रवार को ही परिवहन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली।
 
चार धाम यात्रा आज से शुरू, गाइडलाइन का करना होगा पालन, जानिए क्या है नियम   

देहरादून। उत्तराखंड में आज से यानी की 18 सितंबर से चारधाम की यात्रा शुरू हो गयी है. बदरीनाथ धाम में सुबह से ही भक्त पहुंचे और भगवान बदरीश का आशीर्वाद लिया। वहीं यात्रा के लिए शुक्रवार को ही परिवहन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली। परिवहन आयुक्त दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बैठक ली और यात्रा के लिए दो अस्थायी चेकपोस्ट बनाने का निर्णय लिया है।

बता दें कि, नैनीताल हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटा दी है. जिसके बाद राज्य सरकार चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुट गई है. इसी कड़ी में राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा से जुड़ी एसओपी जारी कर दी है. एसओपी के अनुसार राज्य के बाहर से आने वाले पर्यटकों को स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा. प्रदेश के लोगों को इसकी कोई जरुरत नहीं है. सभी तीर्थ यात्रियों द्वारा वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के 15 दिन के बाद का प्रमाण पत्र दिखाना होगा. जिसके बाद ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी. अगर वैक्सीन की पहली डोज या फिर कोई भी डोज नहीं लगाई गई है तो ऐसे में यात्रियों को 72 घंटे पुरानी टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट देनी होगी.

उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से चार धाम मंदिर की यात्रा के दौरान दर्शन के लिए अनिवार्य यात्रा का ई पास दिया जाएगा. सभी यात्रियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल और कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करना होगा. केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के यात्रियों को वैक्सीन की दोनों डोज के बाद भी नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी, जिसके बाद ही उन्हें दर्शन का पास दिया जाएगा.

किसी भी यात्री में राज्य के अंदर अगर किसी भी जगह पर जांच में संक्रमण के लक्षण या पर संक्रमण पाया जाना की पुष्टि होती है तो उसे वहीं से कोविड-19 अस्पताल में भर्ती किया जाएगा. यात्रा के लिए रोजाना दर्शन की लिमिट बनाई गई है. बदरीनाथ में 1000, केदारनाथ में 800, गंगोत्री धाम में 600 और यमुनोत्री धाम में 400 रोजाना यात्री ही एक दिन में दर्शन कर पाएंगे.

एसओपी में और क्या कुछ है खास

  • केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों को करवाना होगा पंजीकरण.
  • पंजीकरण के बाद ई-पास जारी किए जाएंगे. जिसके बाद ही चारधामों में दर्शन की अनुमति मिलेगी.
  • मंदिर परिसर में प्रसाद चढ़ाने और तिलक लगाने पर प्रतिबंध
  • मंदिर में मूर्तियों और घंटियों को छूने, तप्त कुंडों में स्नान पर प्रतिबंध रहेगा.
  • केदारनाथ धाम में एक समय में छह यात्री ही सभामंडप से दर्शन कर सकेंगे.
  • गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं होगी.
  • मंदिर परिसर में दिन में तीन बार सैनिटाइजेशन और साफ सफाई की जाएगी
  • मंदिरों में कोविड प्रोटोकाल का पालन कर मास्क पहनने, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा.
  • प्रत्येक धाम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा.
  • एसओपी का पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और एसडीएम की होगी.

इससे पहले शुक्रवार को मुख्य सचिव एसएस संधू की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा के सुरक्षित, व्यवस्थित और कुशल संचालन के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ सचिवालय सभागार में बैठक आयोजित की गयी. जिसमें जिलाधिकारी चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी को भी विभिन्न व्यवस्थाओं के संपादन के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये गये.

मुख्य सचिव ने सम्बन्धित जिलाधिकारियों को चारधाम यात्रा रूट पर सड़क सुरक्षा, साफ-सफाई, क्राउड मैनेजमेंट, यातायात व्यवस्था, टेस्टिंग तथा कोविड-19 के नियमों का अनुपालन करवाते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं को संपादित करने के निर्देश दिये. उन्होंने कहा यात्रा रूट के संवेदनशील क्षेत्रों में जहां पर भी सड़क सुधारीकरण के कार्य किये जाने हैं उनको लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधीकरण और सड़क सीमा संगठन से युद्धस्तर पर तत्काल पूरा करें. साथ ही जिन पैदल मार्ग से लोग यात्रा करते हैं उनमें भी मार्ग साफ-सुथरा और सुरक्षित बना रहे. सभी जगहों पर पेयजल, शौचालय इत्यादि की समुचित व्यवस्था हो.

उन्होंने यात्रा रूट पर श्रद्धालुओं के लिये पर्याप्त शौचालय और उसमें पानी, साफ-सफाई इत्यादि का एक बार अवलोकन करते हुए उसमें तदनुसार सुधार करने के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये. मुख्य सचिव ने सम्बन्धित जिलाधिकारियों को चारधामों में आने वाले श्रद्धालुओं की टेस्टिंग करवाने, कोविड-19 के एसओपी का अनुपालन, अच्छे श्रद्धालु के व्यवहार, आपात स्थिति में कन्ट्रोल रूम के संपर्क, सोशल डिस्टेंसिंग इत्यादि से संबंधित सूचनाओं को अनाउंसमेंट के माध्यम से प्रसारित करने के भी निर्देश दिये.

मुख्य सचिव ने यात्रा रूट पर आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की तैनाती करने, आपात स्थिति में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने, वाहनों की फिटनेस, लोगों के पंजीकरण, ऑनलाइन ही लोगों को व्हाट्सएप और मैसेज के माध्यम से जरूरी सूचना प्रेषित करने, खानपान की रेट लिस्ट, लोगों को महत्वपूर्ण सूचना प्रदान करने हेतु मुख्य-मुख्य स्थलों, चौराहों, होम स्टे स्थलों, दुकानों में बोर्ड पर प्रदर्शित करने के सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न रूट पर आवश्यकतानुसार चिकित्सकों-एम्बुलेंस की व्यवस्था करने, पुलिस विभाग को रूट पर सुरक्षा, यातायात और क्राउड मैनेजमेंट, विद्युत विभाग को चारधाम में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाये रखने, जल संस्थान और पेयजल निगम को रूट पर पेयजल की व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिये. इसके अतिरिक्त उन्होंने बाहर से आने वाले पर्यटकों के पंजीकरण से लेकर कमर्शियल वाहनों के ग्रीन कार्ड जारी करने इत्यादि सभी कार्य व्यवस्थित तरीके से पूर्ण करने के अधिकारियों को निर्देश दिये.