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उत्तर प्रदेश

यूपी में एक दिन में रिकार्ड 7,189 कोरोना नमूनों की जांच, 24 घंटे में 269 नए मामले आए सामने

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राज्य में कोरोना के 1,955 सक्रिय मामले, अब तक 2,918 मरीज इलाज से हुये ठीक

लखनऊ। प्रदेश में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने और बेहतर इलाज व्यवस्था करने के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा जांच करने के निर्देश दिये हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को विभिन्न प्रयोगशालाओं में 7,189 कोरोना नमूनों की जांच की गई। यह एक दिन में अभी तक की सबसे अधिक कोरोना नूमनों की जांच है।
प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को बताया कि प्रदेश में पहली बार एक दिन में कोरोना नूमनों की जांच संख्या 7,000 से ऊपर पहुंची है। इससे पहले सोमवार को विभिन्न प्रयोगशालाओं में 6,870 कोरोना नमूनों की जांच की गई। वहीं रविवार को 6,247 कोरोना नमूनों की जांच की गई थी। इस तरह प्रतिदिन होने वाली कोरोना नमूनों की जांच संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

पिछले चौबीस घंटे में संक्रमण के 269 नये मामले आये सामने

प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में कोरोना से सक्रिय मामलों की संख्या 1,955 हैं। वहीं अब तक 2,918 लोग इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होने के बाद घर भेजे जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 269 मामले सामने आए हैं। अब तक प्रदेश में इस वायरस से कुल 123 मौतें हुई हैं।
उन्होंने बताया कि 558 पूल के जरिए विभिन्न नमूनों की जांच की गई। इसमें एक साथ कई नूमनों की जांच की जाती है। एक पूल की रिपोर्ट निगेटिव आने पर सभी नूमनों में कोरोना संक्रमण नहीं होने की पुष्टि हो जाती है। वहीं 65 पूल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद सभी नूमनों की अलग-अलग जांच की गई।

3.38 करोड़ लोगों के बीच पहुंची स्वास्थ्य टीमें

प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच पहुंचकर सर्वेश्रण कर रही हैं। अभी तक 83,804 टीमें 67,64,024 घरों के बीच सम्पर्क के लिए पहुंची है। इस दौरान 3,38,07,714 लोगों से सम्पर्क किया है। लक्षण मिलने वालों की जांच करायी गई। उन्होंने बताया कि इस समय 2,132 लोग आइसोलेशन वार्ड में हैं। वहीं 12,427 लोग फैसिलिटी क्वारंटाइन में हैं।

आरोग्य सेतु अलर्ट को लेकर 23,000 से अधिक लोगों को फोन, 71 संक्रमित

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही ‘आरोग्य सेतु’ एप के जरिए जो भी अलर्ट मिल रहे हैं, उन्हें सम्बन्धित जनपदों को भेजा जा रहा है। वहीं कन्ट्रोल रूम के जरिए जो लोग संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आये हैं, उन्हें फोन करके इसकी जानकारी दे रहे हैं। अभी तक 23,780 से अधिक लोगों को फोन किया जा चुका है। इन्हें उचित सलाह दी गई है। इनमें 71 की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित आने पर इलाज किया जा रहा है। 41 मरीज पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं। वहीं अलर्ट से सम्बन्धित 326 लोगों को एकांतवास में रखा गया है।

4.75 लाख प्रवासी कामगारों का सर्वेक्षण, 26 संक्रमित

अब तक आशा कार्यकत्रियों द्वारा 5,36,236 प्रवासी कामगारों का सर्वेश्रण किया जा चुका है। इनमें से 629 में लक्षण नजर आने पर उनकी जांच करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसलिए प्रवासी कामगारों से अपील है कि यदि वह घरेलू एकांतवास (होम क्वारंटाइन) में हैं, तो भी निर्धारित समय तक अन्य लोगों से दूरी बनाकर रखें।

उत्तर प्रदेश

और जब गाड़ियों के काफिले के साथ थानेदार निकले चार्ज लेने, लेकिन हो गए सस्पेंड

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक थानेदार का ट्रांसफर हुआ तो वह लॉकडाउन के नियमों को खुद ही तोड़ बैठे और गाड़ियों के काफिल के साथ चार्ज लेने निकल पड़े। लेकिन वह चार्ज तो नहीं ले पाए बल्कि सस्पेंड जरूर हो गए।

ये है पूरा मामला

अंबेडकरनगर के टांडा से भाजपा विधायक संजू देवी ने अवैध वसूली के आरोप में बसखारी के थानाध्यक्ष मनोज सिंह पर कार्रवाई की मांग की थी। इसी शिकायत के बाद मनोज सिंह का ट्रांसफर बसखारी से जैतपुर कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

मनोज सिंह को मंगलवार रात को ही जैतपुर थाने का चार्ज लेना था। लेकिन वह बुधवार को बसखारी थाना से अपनी रवानगी करते समय कई पुलिसकर्मी और सरकारी गाड़ियों के काफिले के साथ थाने का चार्ज लेने के लिए निकल पड़े। काफिले में शामिल कई कई पुलिसकर्मी बाइक पर बिना मास्क, हेल्मेट पहने शामिल हुए। इस दौरान लॉकडाउन के नियमों, सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ। जिसके बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और मामले ने तूल पकड़ा।

इसके बाद एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कानून का उल्लंघन करने के मामले में थानाध्यक्ष जैतपुर मनोज सिंह को निलम्बित करने के बाद पुलिस लाइन भेज दिया है।

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उत्तर प्रदेश

प्रेम संबंध में सपा विधायक के गनर ने दे दी जान

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मुरादाबाद। मुरादाबाद देहात से सपा विधायक इकराम कुरैशी के गनर मनीष प्रताप सिंह ने बुधवार की देर रात अपनी सरकारी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।  सिपाही की आत्महत्या की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सिपाही किसी युवती के साथ रिलेशनशिप में था। जिसको लेकर दोनों परिवार विरोध कर रहे थे। इसी तनाव के चलते सिपाही ने यह आत्मघाती कदम उठाया है।

2018 हुआ था सिपाही पद पर चयन

मुरादाबाद पुलिस लाइन में तैनात मनीष प्रताप सिंह सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी के गनर के रूप में तैनात था। मनीष प्रताप सिंह बुलंदशहर कोतवाली देहात के गांव रसूलपुर पिटारी का मूल निवासी था। सन 2018 बैच में सिपाही के पद पर पुलिस में भर्ती हुआ था। मनीष कटघर के आदर्श नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था।

रात दो बजे मारी गोली

बुधवार की देर रात करीब 2 बजे सिपाही मनीष प्रताप सिंह ने अपने कमरे में सरकारी कार्बाइन से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दरवाजा तोड़कर देखा कि अंदर कमरे में सिपाही मृत पड़ा हुआ था।

घटना के समय मौजूद थी प्रेमिका

घटना के समय सिपाही के साथ उसकी प्रेमिका भी मौजूद थी। वहीं दो अन्य सिपाही ऊपरी मंजिल पर सो रहे थे। युवती और दोनों सिपाहियों से पूछताछ की गई।

एसपी सिटी बोले-तनाव में चल रहा था सिपाही

एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि सिपाही किसी रिलेशनशिप में था। दोनों के परिवार इस रिलेशनशिप का विरोध कर रहे थे। इसी कारण सिपाही तनाव में चल रहा था। माना जा रहा है कि तनाव के कारण ही सिपाही ने गोली मारकर आत्महत्या की है। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। उन्होंने खुद को गोली मारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस युवती से पूछताछ कर रही है। वहीं दोनों साथी सिपाही ने बताया कि खाना खाने के बाद वह ऊपरी मंजिल पर सोने चले गए थे। परिजनों को सूचना दे दी गई है।
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उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का तोहफा, 80 पुलिस इंस्पेक्टर बने डीएसपी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ने 80​ निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर प्रोन्नत किया है। पुलिस मुख्यालय से प्रोन्नत अफसरों की सूची जारी कर दी गयी है। प्रमोशन पाने वाले निरीक्षकों में खुशी है।

शासन से जारी सूची

जो निरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक बने हुए है, उनमें सियाराम, भगत सिंह, अनिरूद्ध सिंह, रामसूरत सोनकर, दीपक दूबे, अम्बरीश कुमार बघेल, राजीव द्विवेदी, देवेन्द्र कुमार, देवेश सिंह, अमरनाथ यादव, शक्ति सिंह, संतोष कुमार सिंह, शैलेश प्रताप सिंह, अनूप कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, आशोक सिंह, विवेक सिंह, विकास कुमार पांडेय, गजेन्द्र पाल सिंह, संजय ​नाथ त्रिपाठी, कमलेश कुमार सिंह, सत्येन्द्र सिंह, राम सिंह, इनाम वारिस, नन्द जी यादव, जगदीश यादव, उमेश चन्द्र पाण्डेय, अरुण कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, बृजेश सिंह, मनोज कुमार रघुवंशी, विशुन देव यादव, धमेन्द्र सिंह चौहान, प्रदीप कुमार त्रिवेदी, अरुण कुमार यादव, अखिलेश प्रताप सिंह, अरविन्द्र कुमार सिंह, सुरेश चन्द्र ओमहरे, कृष्ण गोपाल शर्मा, सतीश चन्द्र श्रीवास्तव, अरुण कुमार, ग्रीश चन्द्र शर्मा, उमेश चन्द्र श्रीवास्तव, सरेन्द्र कुमार राना, मुकुन्द मिश्रा, रामकुमार श्रीवास्त, प्रभात कुमार वर्मा,परमानंद द्विवेदी, परमेश सिंह, श्रवण कुमार राना, नरेन्द्र मोहन तिवारी, मदन सिंह, प्रदीप कुमार मिश्रा, शैलेन्द्र ​कुमार त्रिपाठी, हृदयानंद पाण्डेय, जसवीर सिंह, शिवराज सिंह, योगेश बाल दीक्षित,देवी राम, कैलाश कुमार शर्मा, राकेश कुमार पालीवाल, नईमुद्दीन खां, सुनील कुमार गादी, गजेन्द्र सिंह, अरविन्द सिंह, राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला,ओम प्रकाश सिंह,उदय पाल सिंह, राजेन्द्र कुमार शर्मा, प्रमोद कांत मिश्रा, अब्दुल रज्जाक, लईक अहमद, सुरेश कुमार त्रिपाठी कमलेश नारायन पाण्डेय, अरुण कुमार सिंह, अरविन्द कुुमार सिंह पुंडीर, सुरेन्द्र सिंह, सुरेश चन्द्र गौड़, विवेक उपाध्याय, रेखा बाजपेई और राम अवतार सिंह यादव शामिल है।

अप्रैल माह में उप्र लोक सेवा आयोग के अधीन गठित विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन पुलिस निरीक्षकों की प्रोन्नति की संस्तुति की गई थी। इस सूची में करीब 22 ऐसे निरीक्षक हैं, जिन्हें आउट ऑफ टर्न प्रोन्नति देकर पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है।

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