यूपी: आंवला सीट से तीन बार सांसद रहे राजवीर सिंह का निधन, नोएडा के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस

उत्तर प्रदेश की आंवला लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रहे राजवीर सिंह का लंबी बीमारी के बाद नोएडा के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 83 बरस के थे। काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वह जनसंघ, भाजपा से जुड़े रहे। उनके निधन की सूचना पर समर्थकों और भाजपा नेताओं में शोक की लहर।
 
Three-time MP Rajveer Singh passed away
आंवला सीट से तीन बार सांसद रहे राजवीर सिंह का निधन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आंवला लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रहे राजवीर सिंह का लंबी बीमारी के बाद नोएडा के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 83 बरस के थे। काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वह जनसंघ, भाजपा से जुड़े रहे। उनके निधन की सूचना पर समर्थकों और भाजपा नेताओं में शोक की लहर।

उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को बरेली में होगा। पूर्व सांसद भाजपा के कद्दावर नेता थे और अपनी बेजोड़ कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। वह भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर भी रहे। 2004 में राजवीर सिंह को मुलायम सिंह यादव ने सपा की सदस्यता दिलाई थी।

व्यापार मंडल की राजनीति में थे सक्रिए
बताया जाता है कि राजवीर सिंह चुनाव लड़ने से पहले व्यापार मंडल की राजनीति में काफी सक्रिए थे। जिसकी वजह से लोगों के बीच उनकी काफी अच्छी पकड़ भी थी और लोग उन्हें बेहद पसंद भी करते थे। मगर धीरे-धीरे व्यापार मंडल की राजनीति छोड़कर उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। राजवीर सिंह भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके है। इसलिए किसनों के लिए वह आज तक सोचते रहे। जब भाजपा ने हाल ही में तीन कृषि कानूनों को लाने का ऐलान किया था तब भी उन्होंने इसका विरोध किया था।

अटल बिहारी वाजपेयी, कल्याण सिंह आदि से थे पारवारिक संबंध
पूर्व सांसद राजवीर सिंह के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वाराज, लाल कृष्ण आडवाणी आदि के साथ पारवारिक संबंध रह चुके है। इन लोगों के बीच इनका सिर्फ राजनैतिक संबंधों से ज्यादा घरेलू संबंध रह चुके है। जिसकी वजह से राजनैतिक क्षेत्र में भी राजवीर सिंह के निधन को एक बड़ी क्षति मानी जा रही है।

1975 में इमरजेंसी के वक्त जेल भी गए थे
बताया जाता है कि 25 जून, 1975 में जब भारत में इमरजेंसी (आपातकाल) लगाई गई। तो इंदिरा गांधी के राजनीतिक विरोधियों को कैद कर लिया गया। उस समय राजवीर सिंह को भी जेल का मुंह देखना पड़ा था। हालांकि उनके साथ बरेली से और भी कई दिग्गज नेताओ को जेल जाना पड़ा था। मगर वह दिन राजवीर के लिए लोग आज भी याद करते है।

राजवीर सिंह के दो बच्चे, एक बेटा दूसरी बेटी
पूर्व सांसद राजवीर सिंह के दो बच्चे है। जिसमें पहला बेटा धीरेंद्र वीर सिंह उर्फ धीरू और दूसरी बेटी है। बेटी की शादी उन्होंने बदायूं में की है। राजवीर सिंह पुत्रवधू आशा इन दिनों बरेली कॉलेज में केमिस्ट्री की लेक्चरार है। करीब 30 वर्ष पहले उनकी पत्नी का भी देहांत हो चुका है। फिलहाल जब उनके देहांत की सूचना मिली तो बरेली समेत आस-पास के उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ चुकी है।