UP: सिविल कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला- 62 साल तक चले केस में तीसरी पीढ़ी को मिला विवादित मकान पर कब्जा

यूपी के कौशांबी की सिविल कोर्ट ने मकान विवाद के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दरअसल 62 साल तक कोर्ट में दोनों पक्षों का मुकदमा चला। जिसकी पैरवी तीन पीढ़ी के लोगों ने किया। 62 साल तक चले केस में तीसरी पीढ़ी को विवादित मकान पर कब्जा दिलाया गया। सरायअकिल कस्बे के चावल मंडी के रामदास एवं भोला ने 1961 में प्रयागराज की सिविल कोर्ट में दर्ज कराया था। कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 को रामदास के पक्ष में फैसला सुनाया गया। कोर्ट के अमीन ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर रामदास के वारिसों को कब्जा दिलाया।

 
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UP: सिविल कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला- 62 साल तक चले केस में तीसरी पीढ़ी को मिला विवादित मकान पर कब्जा
 

यूपी के कौशांबी की सिविल कोर्ट ने मकान विवाद के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दरअसल 62 साल तक कोर्ट में दोनों पक्षों का मुकदमा चला। जिसकी पैरवी तीन पीढ़ी के लोगों ने किया। 62 साल तक चले केस में तीसरी पीढ़ी को विवादित मकान पर कब्जा दिलाया गया। सरायअकिल कस्बे के चावल मंडी के रामदास एवं भोला ने 1961 में प्रयागराज की सिविल कोर्ट में दर्ज कराया था। कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 को रामदास के पक्ष में फैसला सुनाया गया। कोर्ट के अमीन ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर रामदास के वारिसों को कब्जा दिलाया।

सराय अकील थाना के सराय अकील  कस्बे की चावल मंडी स्थित एक विवादित मकान को लेकर 62 साल बाद अदालत से फैसला आया। इस दौरान मुकदमा लड़ते-लड़ते दोनों पक्षों की दो पीढ़ियां गुजर गईं। कोर्ट के फैसले के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट अमीन ने पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मकान के असल मालिक के वारिसों को कब्जा दिलाया। मकान के अंदर रखे कबाड़ को सरायअकिल थाने के मालखाने में रखवाया गया। कानूनी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। चावल मंडी के रामदास व भोला के बीच वर्ष 1961 में मकान को लेकर विवाद हुआ था। दोनों ने विवादित मकान पर अपना दावा करते हुए न्यायालय में वाद दाखिल किया। दोनों पक्षों के बीच सिविल न्यायालय में 62 वर्षों तक मुकदमा चला।