यूपी सरकार ने पेश किया 7 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट, 3000 करोड़ युवाओं को रोजगार देने में होंगे खर्च

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 7301 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया। बजट में रोजगार को प्राथमिकता में रखते हुए 3000 करोड़ रूपये सरकार खर्च करेगी। बजट में आशा वर्कर, चौकीदारों, ग्राम प्रहरी, आंगनबाड़ी, रोजगार सेवक, प्रांतीय रक्षक दल, रसोईया समेत विभिन्न संभाग में काम कर रहे कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का जिक्र भी किया गया। 

 
यूपी सरकार ने पेश किया 7 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट, 3000 करोड़ युवाओं को रोजगार देने में होंगे खर्च

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 7301 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया। बजट में रोजगार को प्राथमिकता में रखते हुए 3000 करोड़ रूपये सरकार खर्च करेगी। बजट में आशा वर्कर, चौकीदारों, ग्राम प्रहरी, आंगनबाड़ी, रोजगार सेवक, प्रांतीय रक्षक दल, रसोईया समेत विभिन्न संभाग में काम कर रहे कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का जिक्र भी किया गया। अधिवक्ताओं के लिए भी स्पेशल बजट लाया जा रहा है। गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान किया जाएगा। विस्तृत बजट गुरुवार को सदन में पेश किया जाएगा। इसके बाद इस पर चर्चा होगी।

वहीं, विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। 6 मिनट के अंदर ही स्थगित कर दी गई। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। नारेबाजी के चलते सत्र की कार्यवाही 45 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

इस दौरान, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर अपने विधायकों के साथ चौधरी चरण सिंह प्रतिमा के पास विधानसभा में धरने पर बैठ गए हैं। राजभर का कहना है कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, पिछड़ी जाति के जातिवार जनगणना, सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू कराने व विधानसभा में बाबा साहब अंबेडकर का ऑयल प्रिंट फोटो लगाने की मांग को लेकर ये धरना शुरू किया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताई। कहा, यूपी विधानसभा का आकार देश मे सबसे बड़ा है, बल्कि यूं कहें कि कई देशों से बड़ा है तो गलत नहीं होगा। लेकिन बहस की गुणवत्ता घटने और सदस्यों के शोर शराबा करने से आम जनमानस में गलत संदेश जाता है। आम जनता इससे प्रभावित होती है। जनता सदस्यों को सीधे देखती है। कार्यवाही अगर सुचारू रूप से चले तो जनता प्रसन्न होती है। इसलिए सदस्यों को शालीनता का व्यवहार करना चाहिए। एक अच्छा संदेश जनता को देना होगा। हमारा ये दायित्व है।

योगी सरकार 7.50 लाख राज्य कर्मचारियों का मानदेय बढ़ा सकती है। प्रदेश में ग्राम प्रहरी, आंगनबाड़ी रोजगार सेवक, प्रांतीय रक्षक दल, आशा कार्यकर्ता और रसोईया समेत विभिन्न संभागों में कर्मचारी मानदेय पर काम कर रहे हैं। ज्यादातर संभागों के कर्मचारी बढ़ती महंगाई और मानदेय में लंबे समय से वृद्धि न किए जाने का हवाला देकर मानदेय बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। इनके मानदेय पर अभी करीब 7 हजार करोड़ प्रतिवर्ष खर्च हो रहा है।लखनऊ में बन रहे आंबेडकर स्मारक स्थल और संग्रहालय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर राज प्रेरणा स्थल पर बजट बढ़ा सकती है। कोरोना वायरस से मौत से अनाथ हुए बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित विधवाओं की मिशन शक्ति से जुड़ी योजनाओं के लिए धन व्यवस्था की तैयारी पर प्रस्ताव लाया जा सकता है।

यूपी में जनसंख्या नियंत्रण के लिए राज्य विधि आयोग ने जनसंख्या नियंत्रण विधेयक 2021 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस ड्राफ्ट के अनुसार, दो से अधिक संतान वालों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। वह व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए आवेदन भी नहीं कर पाएगा और न ही किसी स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ सकेगा। उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी को लेकर आए दिन प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ऐसे में कई विभागों में वेकेंसी को देखते हुए अनुपूरक बजट में नौकरी निकालने का ऐलान किया जा सकता है।