UP Election : सवर्ण महासंघ ने भरी हुंकार, कहा- सवर्ण आयोग नहीं तो वोट नहीं

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सवर्ण महासंघ फाउंडेशन ने भी अब सरकार के खिलाफ वोट करने की बात कर रहा है। सवर्ण महासंघ फाउंडेशन ने बुधवार प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि हमारा पूरा समाज इस बार एकत्रित होकर एक साथ सरकार के विरोध में वोट करेगा।
 
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लखनऊ।  यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सवर्ण महासंघ फाउंडेशन ने भी अब सरकार के खिलाफ वोट करने की बात कर रहा है। सवर्ण महासंघ फाउंडेशन ने बुधवार प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि हमारा पूरा समाज इस बार एकत्रित होकर एक साथ सरकार के विरोध में वोट करेगा। उन्होंने कहा लगभग 74 वर्षों से अपने ही देश में सवर्णों को असंवैधानिक, अछूता बना दिया गया है। तरह-तरह के हथकंडे  अपना कर के सवर्णों को शिक्षा, न्याय, नौकरी, प्रमोशन और राजनीति से वंचित किया जा रहा है। इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि वह हमारी मांगों पर विचार करें।  महासंघ ने कहा कि अगर सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करेगी तो आने वाले विधानसभा चुनाव में उनके खिलाफ सवर्ण समाज एकजुट होकर मतदान करेगा।


सवर्ण महासंघ के संस्थापक गजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश में सवर्ण आयोग का गठन हो चुका है। उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू किया जाए। अगर सरकार हमारी सभी मांगों पर तुरंत निर्णय नहीं लेती तो वह गांव-गांव, मोहल्ला मोहल्ला व नगर-नगर में जाकर वर्तमान सरकार का विरोध करेंगे। उन्होंने सवर्ण समाज के सभी लोगों से  से निवेदन किया कि वह अपने बच्चों के भविष्य के लिए उनका साथ दें।  गजेंद्र त्रिपाठी ने यूपी सरकार से मांग की कि वह समाज समाज के लिए राष्ट्रीय समाज एक्ट बनाएं। साथी अगर कोई जातिसूचक शब्द कहे तो उसके लिए तुरंत जेल भेजने का प्रावधान भी कर लिया जाए।


 वहीं संघ के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश पाठक ने कहा कि यदि वर्तमान सरकार सवर्णों की आवाज नहीं सुनेगी तो वह आंदोलन करेंगे। सवर्ण समाज सरकार का वोटर रहा है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। वह ब्राह्मण वर्ग को रिझाना चाहती है जो अब संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवर्ण समाज को तोड़ना चाहती है लेकिन सवर्ण महासंघ फाउंडेशन इस चाल को सफल नहीं होने देगा। समाज के लोग घर घर जाकर वर्तमान सरकार का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों के साथ सरकार अन्याय कर रही है। हमारे बच्चे 90% अंक प्राप्त करने के बाद भी अयोग्य कहे जा रहे हैं और 33% अंक पाने वाले सरकारी नौकरी कर रहे हैं। यह अन्याय अब सवर्ण समाज सहन नहीं करेगा। उन्होंने सरकार द्वारा बनाई गई 16 सदस्य समिति ब्राह्मणों के समिति पर भी निशाना साधते हुए कहा की इस बार ब्राह्मण उनके जाल में फंसने वाला नहीं है।


सवर्ण महासंघ फाउंडेशन के अध्यक्ष गजेंद्र त्रिपाठी ने बताया की हमारा संगठन विश्व स्तर का सामाजिक संगठन है। वर्तमान में सवर्ण महासंघ फाउंडेशन कई देशों जिसमें  अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, थाइलैंड के साथ-साथ भारत के 18 राज्यो  में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, गोआ, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओड़ीसा, पश्चिम बंगाल, झारखंड में क्रेंद्र बिन्दु है।


 सवर्ण महासंघ फाउंडेशन की सरकार से मांग

1. राष्ट्रीय सवर्ण आयोग का गठन किया।

2. सवर्ण समाज के लिए " राष्ट्रीय सवर्ण एक्ट " बनाया जाय  यदि हमें भी कोई जाति सूचक  शब्द कहे तो उसको भी तुरंत  जेल भेजा जाय।

3. पार्टी के अन्दर सवर्ण मोर्चा का गठन करे।

4. संविधान में वर्णित मूल अधिकार के उल्लंघन पर सवर्ण समाज के पुनर्वास एवं क्षतिपूर्ति हेतु मुआवजा दिया जाय।

5. जातिय आरक्षण समाप्त कर समाज के सभी आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को आरक्षण दिया जाय जिनकी आय रू 3.00 लाख से कम हो ।