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उत्तर प्रदेश

अनलॉक 2.0 गाइडलाइन:  यूपी में 31 तक स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, सोशल डिस्टेंसिंग का करना होगा कड़ाई से पालन

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लखनऊ। केंद्र सरकार ने एक जुलाई से शुरू होने वाले अनलॉक 2.0 की गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके बाद मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अनलॉक 2.0 की गाइडलाइन जारी की है। फिलहाल स्कूल कॉलेजों को 31 जुलाई तक बंद रखने को कहा गया है।

कंटेनमेंट जोन में कोई राहत नहीं

सरकार ने अनलॉक 2.0 के तहत कोई खास ढील नहीं दी है। नए नियमों में लोगों को कुछ ही राहत मिली है, जबकि कंटेनमेंट जोन में कोई राहत नहीं दी गई है।

15 जुलाई से ट्रेनिंग संस्थान खुल सकेंगे

राज्य सरकार ने कहा है कि 15 जुलाई से ट्रेनिंग संस्थान खुल सकेंगे। लेकिन उन्हें कोरोना वायरस के बचाव के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना जरूरी होगा। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के ट्रेनिंग संस्थान 15 जुलाई से खुल सकेंगे। वहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन जरूरी होगा। सभी को मास्क पहनना, सैनिटेशन करने जैसे नियों का पालन भी करना होगा।

दुकानों पर एक बार में सिर्फ 5 लोग

राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अनलॉक 2.0 के तहत दुकानें खोली जा सकेगीं। हालांकि दुकान पर एक समय में पांच से ज्यादा लोगों को रहने की अनुमति नहीं होगी। दुकान में काम करने वालों से लेकर आने वाले ग्राहकों तक को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा।

मॉल, थिएटर और स्वीमिंग पूल रहेंगे बंद

नई गाइडलाइन के मुताबिक सिनेमा हॉल, मेट्रो, स्वीमिंग पूल, इंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, असेंबली हॉल और ऑडिटोरियम अभी बंद ही रहेंगे। 31 जुलाई तक अनलॉक 2.0 लागू रहेगा। इन सभी को खोलने को लेकर 31 जुलाई के बाद फैसला लिया जाएगा।

नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक

नई गाइडलाइन में नाइट कर्फ्यू की अवधि एक घंटे कम कर दी गई है। अब रात में 10 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक नाइट कफ्र्यू लागू होगा। इस समय किसी भी व्यक्ति के घर के बाहर निकलने पर पाबंदी होगी। सिर्फ इमरजेंसी में ही बाहर निकल सकेंगे।

उत्तर प्रदेश

शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा को बेटियों ने कंधा देकर दी मुखाग्नि, कहा-पापा आपकी शहादत पर गर्व

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कानपुर। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गयी पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे सीओ बिल्हौर देवेन्द्र मिश्रा आठ पुलिस कर्मियों के साथ गुरुवार की रात शहीद हो गये थे। शहीद सीओ का पार्थिव शरीर शनिवार को भैरो घाट पहुंचा और बेटियों ने कंधा दिया। बेटियों का कंधा देख शहरवासियों की आंखे नम हो गयी और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुखाग्नि देते हुए शहीद सीओ की बड़ी बेटी ने कहा कि पापा आपकी शहादत पर हमे गर्व है।

हर शख्स रो पड़ा

चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में गुरुवार देर रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुए हमले में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा, शिवराजपुर एसओ महेश यादव समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। सीओ देवेंद्र मिश्रा का पार्थिव शरीर रीजेंसी अस्पताल में ही रखवाया गया था। उनके छोटे भाई राजीव और रमादत्त मिश्र भी बांदा से आ गए थे। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए भैरो घाट ले जाया गया। अंतिम यात्रा में शहीद पिता को बेटियों (वैष्णवी और वैशारदी) ने भी कंधा दिया।
यह नजारा देखकर मौजूद हर शख्स रो पड़ा। गंगा नदी के तट भैरोघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिता को मुखाग्नि देते समय बेटी वैष्णवी फफककर रो पड़ी तो मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। वैष्णवी ने कहा कि पापा आपकी शहादत पर हमें गर्व है।

बड़े अफसर रहे शामिल

इस मौके पर वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को सांत्वना देते हुए सीओ को सलामी देते हुए अंतिम विदाई दी। एडीजी जय नारायण सिंह ने वैष्णवी से कहा कि इस दुख की घड़ी में पुलिस और प्रशासन हर तरह से उनकी मदद को तत्पर है वह अपने परिवार को अकेला ना समझें। यहां पर एडीजी जयनारायण सिंह, आईजी मोहित अग्रवाल, एसएसपी दिनेश कुमार पी समेत पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और लोग मौजूद रहें।
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उत्तर प्रदेश

कानपुर शूटआउट पर एक्शन : विकास दुबे का गिराया गया घर, सीज किए जाएंगे बैंक खाते, संपत्ति की होगी जांच

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कानपुर में सीओ समेत 8 पुलिसवालों की हत्या करने वाले गैंगस्टर विकास दुबे के किलेनुमा घर को ध्वस्त कर दिया गया है। शनिवार को प्रशासन की एक टीम ने बिकरू गांव पहुंचकर विकास दुबे के किलेनुमा घर को उसी जेसीबी से गिराया, जिससे उसने पुलिस का रास्ता राेका था।

सीज किए जाएंगे बैंक खाते, संपत्ति की होगी जांच

घर गिराने से पहले पुलिस ने विकास दुबे के पिता रामकुमार को और उनकी नौकरानी रेखा को बच्चों समेत घर से बाहर निकाल लिया था। इसके अलावा प्रशासन, विकास दुबे की सारी पॉपर्टी को अटैच करने की तैयारी कर रहा है। प्रशासन उसकी सभी संपत्तियों की जांच करेगा। साथ ही सभी बैंक अकाउंट्स भी सीज किए जाएंगे।

लग्जरी कारों को भी कर दिया कबाड़

पुलिस मकान को जमींदोज करने के साथ ही विकास की लग्जरी कारों जेसीबी से पूरी तरह से डैमेज कर दिया। इसके साथ ही ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के साथ मकान की एक चीज को निस्तोनाबूत कर दिया गया।

vikas dubey house destroyed

नेपाल भागने की आशंका

इधर, विकास की तलाश में पुलिस की 20 टीमें अलग-अलग इलाकों में दबिश दे रही हैं। इन सभी इलाकों में विकास के रिश्तेदार रहते हैं। पुलिस ने अब तक इस मामले में पूछताछ के लिए 12 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस को विकास के नेपाल भागने की भी आशंका है। लिहाजा, लखीमपुर खीरी जिले की पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। विकास को लेकर नेपाल बॉर्डर पर अलर्ट कर दिया गया है। यहां नेपाल से जुड़ी 120 किमी की सीमा हैं और चार थाने हैं। हर जगह फोटो चस्पा कर दी गई है। एसएसबी के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।

विकास के घर को गिरा रही पुलिस

किलेनुमा है मकान

यूपी मोस्ट वांटेड विकास ने अपराध के सहारे साम्राज्य खड़ा कर रखा है। गांव में सिक्योरिटी से लैस किले की तरह मकान है। जेल की तरह दीवारें हैं। जिन्हें अब गिराया जा रहा है। इन पर कांटेदार तारों से घेराव है। व्यवस्था ऐसी कि परिंदा भी पर मारे तो विकास को इसकी खबर हो जाए।

शनिवार सुबह प्रशासन की टीम ने गैंगस्टर विकास दुबे के बिकरु गांव स्थित घर को गिरा दिया। विकास को उम्रकैद की सजा भी हुई थी। उस पर 60 से ज्यादा केस दर्ज हैं।

दंभ में चूर विकास लोगों से कहता रहा है कि पंडितजी के गांव में सिर्फ सेना ही घुस सकती है। विकास ने कानपुर के अलावा कई अन्य शहरों में करोड़ों की जमीनें कब्जा की हैं। अरबों की संपत्ति बनाई है। गांव के मकान में 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।

दीवारों की ऊंचाई तीस से चालीस फीट है। इन पर कटीले तारों की घेरेबंदी से यहां किसी का दाखिल होना आसान नहीं। अगर कोई दाखिल हो भी जाए तो उसका पकड़ा जाना तय है। उसके पास लग्जरी कारें हैं। घर में लाखों के फर्नीचर व लग्जरी इलेक्ट्रॉनिक के सामान हैं। कुल मिलाकर वह गांव में लग्जरी लाइफ जीता आया है।

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उत्तर प्रदेश

अखिलेश पर भड़के पूर्व DGP, बोले-पिता से सियासी लड़ाई जैसी मासूम नहीं होती जमीन पर मुठभेड़, शर्म करिए

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लखनऊ। कानपुर में पुलिस टीम के आठ सदस्यों के शहीद होने पर एक कार्टून को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विवादों में आ गये हैं।  अखिलेश ने शुक्रवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर एक कार्टून साझा किया था, जिसमें कानपुर पुलिस के अपराधी को पकड़ने के दौरान उसे चारों तरफ से घेरने की बात कही गई, जिस पर दूसरी ओर से ‘सेम टू यू’ का जवाब दिया गया। अखिलेश का इस कार्टून के जरिए पुलिस पर तंज कसना प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल को रास नहीं आया। 

बृजलाल ने ट्वीट कर दी नसीहत

उन्होंने शनिवार को सपा अध्यक्ष को आड़े हाथों लिया और उन्हें नसीहत दी कि ये मुठभेड़ वैसी नहीं थी, जैसी उन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को हटाकर स्वयं पार्टी अध्यक्ष पद पर कब्जा करके की थी। बृजलाल ने ट्वीट किया कि अखिलेश यादव जी,‘पिता’ से सियासी मुठभेड़ जैसी ‘मासूम’ नहीं होती है जमीन पर मुठभेड़। आप क्या जानें कि कैसे गरीब के लड़के समाज की रक्षा के लिए मुठभेड़ को अंजाम देते हैं, शहीद होते हैं। उन्होंने कहा कि इतना ‘अपराधी प्रेम’ कि पुलिस कर्मियों की  शहादत को भी अपमानित कर डाला। शर्म करिए…

हम बलिदान भूलते नहीं

बृजलाल ने पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद उन पर धोखे से हमला करने वाले अपराधी विकास दुबे और उसके पूरे गैंग के सफाया होने की भी बात कही है।
 
उन्होंने कहा कि 1981 में नथुवापुर थाना अलीगंज एटा में इंस्पेक्टर राजपाल सिंह सहित 9 पुलिस और पीएसी कर्मियों की हत्या राजनैतिक संरक्षण प्राप्त कुख्यात छविराम यादव गैंग ने किया था। परिणामस्वरूप कुछ महीने में छविराम और उसके 14-15 साथियों का सफाया कर दिया गया था। हम बलिदान भूलते नहीं। 
 
उन्होंने कहा कि इसी तरह वर्ष 2007 में कुख्यात ददुवा गैंग का सफाया यूपी एसटीएफ ने किया और उसी दिन उसके गुर्गे ठोकिया ने छह एसटीएफ जवानों को धोखे से हत्या कर दी। परिणामस्वरूप 8-10 महीनों में ही ठोकिया और ददुवा पटेल के सभी गुर्गों का सफाया कर दिया गया। 

विकास दुबे के पूरे गैंग का भी सफाया होगा

पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल के मुताबिक अब कानपुर की घटना के बाद अपराधी विकास दुबे के पूरे गैंग का भी सफाया होगा। उन्होंने कहा कि दबिश देने गई पुलिस टीम को दरअसल यह आभास नहीं था कि विकास दुबे ऐसा दुस्साहस कर सकता है। ऐसे वक्त में और मुश्किल बढ़ जाती है जब पुलिस नीचे और बदमाश ऊपर हों।

यह है मामला

गौरतलब है कि कानपुर में गुरुवार रात शातिर बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कानपुर नगर पहुंचकर शहीद पुलिस जवानों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं। अनेक टीमें गठित की गई हैं। पुलिस मुठभेड़ में 02 अपराधी मारे भी गए हैं। पुलिस जवानों के कुछ असलहे भी बरामद हुए हैं।
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