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उत्तर प्रदेश

फैसले से पहले रामनगरी में चर्चाओं का दौर

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रवीन्द्र पाण्डेय”रवि”

अयोध्या। रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद की चर्चा आजकल अयोध्या में काफी सरगर्म है।कारण कि तीन दशक पुराने विवाद में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट इसी माह की 30सितंबर को अपना फैसला देने वाली है।इस बीच बाबरी मस्जिद के आदि पक्षकार रहे हाशिम अंसारी के बेटे और मौजूदा कायम मुकाम इकबाल अंसारी ने यह बयान देकर मुस्लिम पक्ष और बाबरी समर्थकों में सनसनी फैला दिया कि सीबीआई की विशेष अदालत और सुप्रीम कोर्ट को अब यह मामला बन्द कर देना चाहिए।

क्योंकि देश की सर्वोच्च अदालत मान चुकी है कि पहले उस स्थान पर राम जन्म भूमि हुआ करती थी।तथा अब 05 अगस्त से भव्य मंदिर निर्माण भी शुरू हो चुका है।ऐसे हालात में फैसले का कोई सार्थक महत्व नहीं रह जाता।इकबाल अंसारी ने गुरुवार को अयोध्या में मीडिया से कहा कि अब देश को विकास,समरसता और भाईचारा चाहिए,नया विवाद नहीं।

गौरतलब है कि बाबरी मामले के पक्षकार हाशिम अंसारी और मुकामी पुलिस द्वारा तत्समय थाना कोतवाली रामजन्मभूमि में दर्ज कराये गए हाईप्रोफाइल मामले में पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी,तत्कालीन मुख्य मंत्री कल्याण सिंह,साध्वी उमा भारती,फायरब्रांड हिन्दू नेता एवं पूर्व सांसद विनय कटियार,विहिप अध्यक्ष अशोक सिंघल,मन्दिर आंदोलन के शलाका पुरूष रामचंद्र परमहंस सहित कुल 47 लोग मुख्य अभियुक्त बनाये गए थे।जिसमें 15 लोगों की मुकदमें के दौरान मौत हो चुकी है।तथा कई अन्य कथित अभियुक्त अपनी आयु की अन्तिमा अवस्था में रुग्ण जीवन जी रहे हैं।

हालांकि इकबाल अंसारी के ताजा बयान से मुस्लिम पक्ष असहज दिख रहा है।लेकिन अयोध्या के अभूतपूर्व विकास को लेकर हो रही घोषणाओं से तमाम मुस्लिम संतुष्ट भी नजर आ रहे हैं।वहीं दूसरी ओर हिन्दू जनमानस के एक बड़े तबके ने बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी के बयान को एक सच्चे हिंदुस्थानी मुसलमान का मनोभाव बताकर जमकर सराहा है।

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