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उत्तर प्रदेश

इटावा जेल में वर्चस्व को लेकर हुआ था उपद्रव ,जांच रिपोर्ट में खुलासा

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लखनऊ। इटावा जेल में बुधवार को कैदियों के बीच हुआ उपद्रव जेल में अपना वर्चस्व स्थापित करने को लेकर हुआ था। यह हिंसक घटना जेल के पुराने कैदियों और हाल में आगरा और कानपुर से प्रसाशनिक आधार शिफ्ट किये गए कैदियों के बीच हुई थी। इसका खुलासा कानपुर परिक्षेत्र डीआईजी वीपी त्रिपाठी की जांच रिपोर्ट में हुआ है।

हालांकि इस घटना में गंभीर रूप से घायल कानपुर के शातिर अपराधी मोनू पहाड़ी उर्फ राशिद ने रात में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डीआईजी ने जांच रिपोर्ट बुधवार की शाम डीजी को सौंप दी है।

डीजी आंनद कुमार के निर्देश पर डीआईजी वीपी त्रिपाठी इस प्रकरण जांच करने गुरुवार सुबह इटावा जेल पहुंचे। उन्होंने जिस बैरक के कैदियों के बीच हिंसक घटना हुई थी।

उनके बयान लिए जिसमें पता चला कि बुधवार की शाम करीब 6.30 बजे जेल बन्द किये जाने के दौरान जेलकर्मी और लम्बरदार (पुराने कैदी) बैरक संख्या 6, 7 और 8 के कैदियों कि गिनती कराकर बैरकें बंद करा रहे थे। जिसमें आगरा से कुछ दिन पहले यहां लाया गया शातिर कैदी मुन्ना खालिद और कानपुर का मोनू पहाड़ी व उसके कुछ समर्थकों ने बैरक में जाने से मना दिया।

जबकि जेलकर्मी हेड वार्डर पुरषोत्तम सिंह और अंकित पाठक के साथ ही लम्बरदार छुन्ना लाल, सत्यवीर, और राम खिलावन ने काफी समझाने का प्रयास किया। दूसरे कैदियों को बैरक में बंद करा दिया। जबकि मुन्ना खालिद औऱ मोनू पहाड़ी इनके कुछ समर्थक अपनी बैरकों में न जाकर हंगामा शुरू कर दिया। लम्बरदारों के विरोध पर इन सभी ने छुन्ना, सत्यवीर और रामखिलावन पर हमला बोल दिया।

सर्किल में मौजूद डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद मौके पर पहुंचे तो कैदियों ने उन पर भी हमला कर दिया। मामला बढ़ने पर कैदियों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। दीवार की ईंटें उखाड़ कर एक दूसरे पर चलाने लगे। जेल प्रशासन ने अलार्म बजवाया। पुलिस के आने के बाद स्थिति नियंत्रण में हुई है। गंभीर घायल होने और डिप्टी जेलर सहित अन्य कैदियों को जेल अस्पताल से इटवा जेल अस्पताल। फिर इन्हें सैफई भेजा गया था। इटावा जेल प्रशासन द्वारा उपद्रव और तोड़फोड़ की रिर्पोट दर्ज करा दी गई है।

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उत्तर प्रदेश

प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की पीटकर हत्या, तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज 

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मीरजापुर। अहरौरा थाना क्षेत्र के बाराडीह गांव में बीती रात घर में घुसे प्रेमी को  युवती के परिजनों ने दौड़ाया तो वह भागने के चक्कर में छत से नीचे गिर गया। आरोपितों ने युवक को दौड़ा लिया और डंडे से पीटकर उसकी हत्या कर दी। बुधवार की सुबह शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे गए। हत्या की सूचना मिलते ही मौके पर एडिशनल एसपी और सीओ भी पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के साले की तहरीर पर पुलिस ने तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं, आरोपितों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
बाराडीह गांव निवासी रामकेश के घर में पड़ोस के ही रहने वाले विनोद उर्फ प्रमोद (35) आना जाना था। इसी दौरान वह उसकी लड़की से प्रेम करने लगा। मंगलवार की रात ग्यारह बजे के लगभग विनोद चाहरदिवारी फांदकर रामकेश के घर में घुस कर छत पर चढ़ गया। इसी दौरान रामकेश के लड़के ने उसे देख लिया। उसे देख विनोद भागने लगा और छत से नीचे गिर गया। इसके बाद वह बाउंड्री वाल लांघकर भागने लगा लगभग दो मीटर की दूरी पर उसे दौड़ाकर पकड़ लिया गया। इसके बाद डंडे से विनोद को वही मारने लगे और उसे पकड़कर अपने घर पर लेकर आया, जहां फिर से उसे पीटा गया। सिर और पैर में चोट ज्यादा लगने की वजह से वह लहूलुहान होकर तड़पने लगा। तड़पते हुए घंटे बीतने के बाद उसकी मौत हो गई। हत्या को छिपाने के लिए आरोपितों ने उसके अंतिम संस्कार की तैयारी करना शुरू कर दिया। तभी इसकी भनक पुलिस को लग गई।
थानाध्यक्ष राजेश चौबे ने बताया कि मृतक के साले की तहरीर पर आरोपित राजन उसकी मां उषा और बहन सीमा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

गांव में नहीं था कोई विनोद का सगा संबधी

मृतक विनोद की शादी लगभग पंद्रह वर्ष चकिया थाना क्षेत्र के दाउदपुर गांव में हुई थी। लगभग पांच वर्ष पूर्व उसकी पत्नी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इस दौरान उसके दो पुत्र और दो पुत्रियों को मां की कमी महसूस होने लगी तो वह उन्हें उनके ननिहाल में रहने के लिए छोड़ दिया। पड़ोस में ही रामकेश का घर होने की वजह से वह आए दिन वहा पर आता-जाता रहता भी था। गांव में उसका सगा कोई नहीं रहने की वजह जब उसकी मौत हो गई तो आरोपितों ने गांव में यह सबको बता दिया कि छत से गिरने की वजह से विनोद की मौत हुई है और उसके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गये।
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उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती फिर लटकी, हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने लगाई अंतरिम रोक

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नियुक्ति का इंतजार कर रहे सफल अभ्यर्थियों को बड़ा झटका

लखनऊ। प्रदेश में 69,000 शिक्षकों की भर्ती पर एक बार फिर तलवार लटकती नजर आ रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बुधवार को भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। उत्तरमाला पर उठे विवाद के बाद कोर्ट ने रोक लगाने का आदेश दिया है। जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने यह आदेश दिया। यह आदेश तब आया जब आज से राज्य में काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही थी।

अगली सुनवाई 12 जुलाई को

हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं अभ्यर्थी विवादित प्रश्नों पर आपत्तियों को एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत करें। आपत्तियों को सरकार यूजीसी को प्रेषित करेगी। यूजीसी आपत्तियों का निस्तारण करेगी। मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। इसके साथ ही 8 मई के बाद से सरकार द्वारा कराई गई सभी प्रक्रिया पर रोक लग गई है। इसमें उत्तरमाला, संशोधित उत्तरमाला, परिणाम, जिला विकल्प, जिला आवंटन, कॉउंसलिंग प्रक्रिया समेत सभी प्रक्रिया शून्य घोषित हो गई है।
इससे पहले सोमवार को हाईकोर्ट ने आंसर शीट विवाद में अंतरिम राहत के बिन्दु पर अपना आदेश सुरक्षित कर लिया था। सोमवार को जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने इस मामले में दाखिल रिषभ मिश्रा व अन्य समेत कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की।
इस दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखा। वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए लगभग पांच घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने विवादित प्रश्नों को विशेषज्ञ समिति के समक्ष भेजने व चयन प्रक्रिया रोकने के बिन्दु पर आदेश सुरक्षित कर लिया।

काउंसलिंग के लिए विभिन्न केन्द्रों पर पहुंच गये थे अभ्यर्थी

प्रदेश में डेढ़ साल से इंतजार कर रहे अभ्यर्थी आज काउंसलिंग के लिए विभिन्न केन्द्रों पर पहुंच गये थे। उनका सरकारी अध्यापक बनने का सपना पूरा होने जा रहा था। बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों की जिलेवार आवंटन की सूची मंगलवार को जारी कर दी थी। परिषद ने सभी 75 जनपदों के लिये 67,867 अभ्यर्थियों की चयन सूची को वेबसाइट पर डाल दिया था। इसके अलावा 1,133 एसटी अभ्यर्थी नहीं मिलने के चलते उनकी सीटें खाली रखी गई हैं। आज तीन जून से छह जून तक जिलों में अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग शुरू होनी थी।
लेकिन, कोर्ट के आदेश से मामला फिर लटक गया है। वहीं सफल अभ्यर्थियों के चेहरे कोर्ट के आदेश के बाद लटके नजर आये। कई लोगों ने कहा ​कि विवाद पहले ही सुलझा लेना चाहिए थे। लम्बे समय बाद अब जब सरकारी नौकरी मिलने का सपना पूरा हो रहा था, तो फिर इस पर ग्रहण लग गया। अब सरकार जल्दी से जल्दी मामले का समाधान करे, जिससे आगे देरी न हो।

विपक्ष ने सरकार की मंशा पर उठाये सवाल

उधर कोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार वास्तव में चाहती ही नहीं थी कि शिक्षक भर्ती के जरिए युवाओं को नौकरी मिले। वह नहीं चाहती कि उसके खजाने में आर्थिक बोझ पड़े और खजाना खाली हो। इसलिए जानबूझ कर लापरवाही की जा रही है। आंसर शीट का विवाद पहले ही सुलझा लेना चाहिये था। कोर्ट जाने वाले अभ्यर्थियों को पहले ही सन्तुष्ट किया जा सकता था। लेकिन, जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया। सरकार समाधान ही नहीं करना चाहती।
सपा नेता अनुराग भदौरिया ने कहा कि सरकार चाहती ही नहीं है कि किसी को नौकरी मिल पाये। उसके नेता सिर्फ बातें करते हैं। अगर वास्तव में सरकार का मकसद युवाओं को नौकरी देने का होता तो प्रक्रिया का सही तरीके से पालन होता। पारदर्शी तरीके से काम होना चाहिए था। आंसर शीट पर विवाद इसी वजह से हो रहा है।
वहीं भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि जो लोग आरोप लगा रहे थे। उनके समय में कुछ नहीं हुआ। हमारी सरकार शुरुआत से ही संवेदनशील है। कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है। भर्ती प्रक्रिया पूरी की जायेगी।

आदेश का अध्ययन कर उच्च स्तरीय बैठक कर लेंगे उचित निर्णय-सतीश द्विवेदी

वहीं कोर्ट के फैसले को लेकर बेसिक शिक्षा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ.सतीश द्विवेदी ने कहा​ कि सरकार शिक्षकों की भर्ती को लेकर गम्भीर है। सरकार का उद्देश्य है कि स्कूलों में मानकों के मुताबिक शिक्षक उपलब्ध हों। इसीलिए काउंसलिंग निर्धारित प्रक्रिया के तहत आज से शुरू भी हो चुकी थी। शेड्यूल के मुताबिक कार्य किया जा रहा था।
उन्होंने कोर्ट में सरकार की कमजोर पैरवी को लेकर कहा कि आज का विषय अलग है। इसमें केवल कुछ प्रश्नों के उत्तर को लेकर आपत्ति थी। हमने लॉकडाउन के दौरान भी 69,000 लोगों को नौकरी देने का प्रयास किया। अब कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर उच्च स्तरीय बैठक कर उचित निर्णय किया जायेगा।
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उत्तर प्रदेश

यूपी के प्रतापगढ़ में युवक को पेड़ से बांधकर जिंदा जलाया, प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह

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  • वारदात
  • आक्रोशित ग्रामीणों ने फूंक दिये पुलिस के दो वाहन
  • तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में पीएसी बल तैनात
  • हत्या के आरोप में दो और उपद्रव के आरोप में पांच गिरफ्तार

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ जिले के फतनपुर थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में सोमवार देर रात प्रेम प्रसंग में एक युवक को पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया गया। इस वारदात से गुस्साए युवक के परिजनों ने ग्रामीणों संग जमकर बवाल काटा। आक्रोशित लोगों ने पथराव और तोड़फोड़ के बाद पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने युवक की हत्या के आरोप में  हरिशंकर व शुभम और उपद्रव करने के आरोप में पांच लोग को गिरफ्तार किया है। गांव में तनाव को देखते हुए एसपी ने पीएसी बल को तैनात कर दिया।

बाग में मिली युवक की लाश

फतनपुर थाना क्षेत्र के भुजैनी गांव निवासी अंबिका प्रसाद पटेल (25) का अधजला शव देर रात गांव के ही स्कूल के पास बने बाग में मिला। बेेटे का शव देखकर घरवालें और ग्रामीण आकोश में आ गये। इस बीच सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर ग्रामीणों ने अपना आपा खो दिया और पुलिस टीम पर पथराव शुरु कर दिया।

जान बचाकर भागे पुलिस कर्मी

किसी तरह पुलिस कर्मियों ने अपनी जान बचाकर वहां से भागे और अधिकारियों को सूचित किया। इस दौरान आकोशित ग्रामीणों ने पथराव और तोड़फोड़ के बाद पीआरवी वाहन व फतनपुर थाने की पुलिस जीप को फूंक दिया। ग्रामीणों के बवाल की सूचना पाकर एसपी कई थानों की फोर्स और पीएस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।

युवक ने वायरल किया था प्रेमिका का वीडियो

एसपी ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच में पता चला है कि मृतक अंबिका पटेल गांव की एक युवती से प्रेम करता था। इनके प्रेम प्रसंग को लेकर दोनों परिवार में कई बार झगड़ा हो चुका है। हाल में ही युवती का चयन पुलिस​ विभाग में सिपाही के पद पर हो गया और वह इस वक्त कानपुर जिले में तैनात है। कुछ दिन पहले अंबिका ने अपनी प्रेमिका का वीडियो वायरल कर दिया था। इस मामले में युवती के परिजनों ने अंबिका के खिलाफ फतनपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

कुछ दिन पहले ही जेल से छूटा था युवक

अंबिका कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर घर आया था। आज उसकी अज्ञात बदमाशों ने जिंदा जलाकर हत्या कर दी। उसकी हत्या किसने की है इस मामले की जांच की जा रही है जल्द ही खुलासा किया जायेगा। फिलहाल गांव की तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पीएसी बल को तैनात कर दिया गया है।

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