प्रियंका को पीएम मोदी पर निशाना, कहा- किसानों की चिंता है तो अजय मिश्रा के साथ मंच साझा न करें

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लखीमपुर कांड को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।
 
Priyanka Gandhi Vadra - Prime Minister Narendra Modi.webp
प्रियंका गांधी वाड्रा-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


लखनऊ। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लखीमपुर कांड को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। प्रियंका ने कहा है कि पीएम मोदी को लखनऊ में डीजीपी और आईजी के सम्मेलन में शामिल नहीं होना चाहिए। मैंने उन्हें (DGP और IG) भी इस बारे में लिखा है। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वास्तव में किसानों की चिंता है, तो उन्हें गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के साथ मंच साझा नहीं करना चाहिए, जिनका बेटा लखीमपुर खीरी मामले में आरोपी है। 

बता दें किे कल अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के प्रति बहुत संवेदना और चिंता व्यक्त की थी। दूसरी तरफ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पर लखीमपुर खीरी में विगत 3 अक्टूबर को किसानों को कुचल कर मार देने का केस और पूछताछ चल रहा है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वक्तव्य और सलाह इसी दो विरोधाभासी स्थितियों के संदर्भ में आया है।

प्रियंका की चिट्ठी में किए गए 5 बड़े सवाल

  1. लखीमपुर किसान मामले में अन्नदाताओं के साथ हुई क्रूरता को पूरे देश ने देखा। आपको यह जानकारी भी है कि किसानों को अपनी गाड़ी से कुचलने का मुख्य आरोपी आपकी सरकार के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का बेटा है?
  2. सरकार की मंशा देखकर लगता है कि सरकार किसी विशेष आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है।
  3. मैं लखीमपुर के शहीद किसानों के परिजनों से मिली हूं। वे असहनीय पीड़ा में हैं। सभी का कहना है कि वे सिर्फ अपने शहीद परिजनों के लिए न्याय चाहते हैं और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर बने रहते हुए उन्हें न्याय की कोई आस नहीं है।
  4. देश की कानून व्यवस्था के ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आपके मंत्री के साथ मंच साझा कर रहे हैं।
  5. आपने किसानों के हित को देखते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने फैसला लिया है। आपने कहा कि देश के किसानों के प्रति आप नेकनीयत रखते हैं। अगर ऐसा है तो लखीमपुर मामले में किसान पीड़ितों को न्याय दिलवाना भी आपके लिए सर्वोपरि होना चाहिए। मंत्री के साथ मंच पर विराजमान होने की बजाय उसे बर्खास्त करिए।