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उत्तर प्रदेश

कन्नौज में पुलिस टीम पर पथराव, सामूहिक नमाज रोकने गई थी पुलिस

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कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद में घर पर बुलाकर दो दर्जन से अधिक लोगों द्वारा सामूहिक नमाज कराई जा रही थी। सूचना पर एलआईयू कर्मी पहुंचा और मना किया और चौकी का फोर्स बुला लिया। पुलिस को देख आग बबूला हुए लोगों ने घेर कर पुलिस कर्मियों को जमकर पीटा और चारों तरफ से पथराव कर दिया। उपद्रवियों के पथराव में कई पुलिस कर्मी घायल हो गए, जबकि कई ने भाग कर जान बचाई।
सूचना पर जिलाधिकारी, एसपी सहित प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ पहुंचा और उपद्रवियों की धरपकड़ शुरु की गई। उपद्रवियों ने खुद को घरों में बंद कर लिया। जिसके बाद प्रशासन ने दो ड्रोन कैमरों की मद्द ली तो उनके घरों की छतों पर भारी पत्थर जमा देखे गए और भारी संख्या में लोग अंदर जमा है। पुलिस ने एक आरोपी के दामाद सहित 11 उप​द्रवियों को गिरफ्तार करते हुए कार्यवाही जारी कर दी है।
कन्नौज के सदर कोतवाली थानाक्षेत्र स्थित कागजियाना मोहल्ला है। यहां पर भारी संख्या में मुस्लिम परिवार रहते हैं। कोरोना वायरस के चलते देश में लॉक डाउन के बीच सभी को सो​शल डिस्टेंसिंग रखने की हिदायत दी जा रही है। शासन व प्रशासन की तमाम सख्ती के बावजूद शुक्रवार को कागजियाना मोहल्ले में रहने वाले मो0 सगीर के घर पर करीब 26 लोग जमा हुए। यह सभी एक साथ नमाज कर रहे थे। इसकी भनक जैसे ही क्षेत्रीय लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) कर्मी राजीव को हुई तो वह बिना समय गवांए मौके पर पहुंचे। जहां पहले से मकान के गेट पर बाहर की ओर तीन—चार महिलाओं निगरानी कर रही थी। एलआईयू कर्मी ने घर के अंदर नमाजियों को इकट्टा न होने की हिदायात दी तो निगरानी कर रही महिलाएं बिफर गई। जिसके बाद कर्मी ने स्थानीय हाजी सलीस चौकी इंचार्ज आनंद पांडेय को सूचना दी।
भीड़ ने किया जानलेवा हमला
सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। इस बीच जैसे ही एलआईयू कर्मी ने घर के बाहर से अंदर लोगों को जमा भीड़ की फोटो मोबाइल पर लेनी चाही तो महिलाओं सहित चारों तरफ से घरों की छतों से पुलिस पर पथराव कर दिया गया। उपद्रवियों ने मौजूद पुलिस व एलआईयू कर्मी पर जानलेवा हमला करते हुए मोटर साइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया। सिर पर चोट लगने के बाद लहुलूहान हालत में चौकी इंचार्ज, एलआईयू व एक सिपाही घायल हालत में भागे। इसके अलावा एक महिला कर्मी व सिपाही हमले में बाल—बाल बच गए।
ड्रोन कैमरे से देखी उपद्रवियों की हकीकत
पुलिस पर उपद्रवियों द्वारा भीड़ के एक राय होकर पथराव व जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा, एसडीएम शैलेश कुमार, एडीएम, एसपी अमरेन्द्र प्रताप सिंह, एएसपी विनोद कुमार चार थानों का पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। प्रशासन व पुलिस बल को देख संवेदनशील इलाके में उपद्रवियों की भीड़ घरों में छुप गई। उपद्रवियों को पकड़ने के लिए प्रशासन ने दो ड्रोन कैमरों को आरोपियों के घरों की छतों पर उड़ाकर देखा तो सभी दंग रहे गए। पूरे मोहल्ले की छातों पर एक-एक ट्राली पत्थर जमा था और घरों में भी महिलाओं, बच्चों के साथ कई बाहरी लोगों को देखा गया।
प्रशासन ने की कार्यवाही
ड्रोन से उपद्रवियों के घरों का माहौल देख प्रशासन ने मीडिया कवरेज बंद कराते हुए कार्यवाही शुरु की। उपद्रवियों के घरों से काफी मशक्कत के बाद निकाला गया। लेकिन मुख्य आरोपी सगीर पूरे घर को बंद कर परिवार और कुछ बाहरी लोगों को लेकर अंदर छुपकर प्रशासन को लगातार ललकारता रहा।
 
मुख्य आरोपी का दामाद सहित 11 लोग गिरफ्तार 
पुलिस कार्यवाही के दौरान घरों में छुपे उपद्रवियों की धरपकड़ की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी सगीर के दामाद को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 10 अन्य उपद्रवियों को पकड़ा जा चुका है और कार्यवाही जारी है। अभी भी करीब दो दर्जन उपद्रवियों को पकड़ा जाना है जो घरों में छुपे हुए हैं।
एनएसए लगाया जाएगा
जिलाधिकारी ने बताया कि लॉक डाउन का उल्लंघन करते हुए घर में गुपचुप तरीके से  नामज पढ़ाई जा रही थी। इसकी जानकारी पर जब एलआईयू व पुलिस पहुंची तो एक राय होकर आराजक तत्वों व उपद्रवियों ने हमला कर दिया। इस हमले में तीन पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। पुलिस व एलआईयू कर्मी पर हमला करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ एनएसए के साथ गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखा जा रहा है। सभी की गिरफ्तारी करते हुए जेल भेजने की कार्यवाही जारी है।

साजिश के तहत जानलेवा हमला

बताते चलें कि दिल्ली में निजामु​द्दीन में हुए मरकज के बाद देश में लगातार कोरोना वायरस की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे मरीज बढ़ने पर सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए देशभर की मस्जिदों व मदरसों में आने—जाने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। एहतियात के तौर पर एक जगह लोगों को नमाज पढ़ने से भी पाबंदी लगाई गई है। निगरानी के लिए तब्लीगी में शामिल लोगों को पता लगाया जा रहा है। इसको देखते हुए कन्नौज प्रशासन भी जनपद में निगरानी कर रहा है। शुक्रवार को इसी कड़ी में ही लॉक डाउन का पालन कराने व बाहरी की सूचना पर एलआईयू कर्मी मो0 सगीर के घर पर जमा भीड़ का पता लगाने पहुंचे थे, जिसके बाद सभी नमाजियों ने साजिश के तहत जानलेवा हमला किया है।

उत्तर प्रदेश

यूपी बोर्ड: जून के आख़िरी हफ्ते में आएगा हाईस्कूल और इण्टर का रिजल्ट

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य आज संपन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा का परिणाम जून 2020 के अंतिम सप्ताह में घोषित किया जाएगा।

वर्ष 2020 की हाईस्कूल/ इण्टरमीडिएट परीक्षा में कुल 5611072 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए इनमें हाईस्कूल के 3024632 परीक्षार्थी व इण्टरमीडिएट के 2586440 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल में पंजीकृत परीक्षार्थियों में 1662334 बालक व 1362298 बालिकाएं तथा इण्टरमीडिएट में पंजीकृत परीक्षार्थियों में 1464604 बालक व 1121836 बालिकाएं हैं।

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उत्तर प्रदेश

प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की पीटकर हत्या, तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज 

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मीरजापुर। अहरौरा थाना क्षेत्र के बाराडीह गांव में बीती रात घर में घुसे प्रेमी को  युवती के परिजनों ने दौड़ाया तो वह भागने के चक्कर में छत से नीचे गिर गया। आरोपितों ने युवक को दौड़ा लिया और डंडे से पीटकर उसकी हत्या कर दी। बुधवार की सुबह शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे गए। हत्या की सूचना मिलते ही मौके पर एडिशनल एसपी और सीओ भी पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के साले की तहरीर पर पुलिस ने तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं, आरोपितों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
बाराडीह गांव निवासी रामकेश के घर में पड़ोस के ही रहने वाले विनोद उर्फ प्रमोद (35) आना जाना था। इसी दौरान वह उसकी लड़की से प्रेम करने लगा। मंगलवार की रात ग्यारह बजे के लगभग विनोद चाहरदिवारी फांदकर रामकेश के घर में घुस कर छत पर चढ़ गया। इसी दौरान रामकेश के लड़के ने उसे देख लिया। उसे देख विनोद भागने लगा और छत से नीचे गिर गया। इसके बाद वह बाउंड्री वाल लांघकर भागने लगा लगभग दो मीटर की दूरी पर उसे दौड़ाकर पकड़ लिया गया। इसके बाद डंडे से विनोद को वही मारने लगे और उसे पकड़कर अपने घर पर लेकर आया, जहां फिर से उसे पीटा गया। सिर और पैर में चोट ज्यादा लगने की वजह से वह लहूलुहान होकर तड़पने लगा। तड़पते हुए घंटे बीतने के बाद उसकी मौत हो गई। हत्या को छिपाने के लिए आरोपितों ने उसके अंतिम संस्कार की तैयारी करना शुरू कर दिया। तभी इसकी भनक पुलिस को लग गई।
थानाध्यक्ष राजेश चौबे ने बताया कि मृतक के साले की तहरीर पर आरोपित राजन उसकी मां उषा और बहन सीमा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

गांव में नहीं था कोई विनोद का सगा संबधी

मृतक विनोद की शादी लगभग पंद्रह वर्ष चकिया थाना क्षेत्र के दाउदपुर गांव में हुई थी। लगभग पांच वर्ष पूर्व उसकी पत्नी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इस दौरान उसके दो पुत्र और दो पुत्रियों को मां की कमी महसूस होने लगी तो वह उन्हें उनके ननिहाल में रहने के लिए छोड़ दिया। पड़ोस में ही रामकेश का घर होने की वजह से वह आए दिन वहा पर आता-जाता रहता भी था। गांव में उसका सगा कोई नहीं रहने की वजह जब उसकी मौत हो गई तो आरोपितों ने गांव में यह सबको बता दिया कि छत से गिरने की वजह से विनोद की मौत हुई है और उसके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गये।
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उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती फिर लटकी, हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने लगाई अंतरिम रोक

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नियुक्ति का इंतजार कर रहे सफल अभ्यर्थियों को बड़ा झटका

लखनऊ। प्रदेश में 69,000 शिक्षकों की भर्ती पर एक बार फिर तलवार लटकती नजर आ रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बुधवार को भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। उत्तरमाला पर उठे विवाद के बाद कोर्ट ने रोक लगाने का आदेश दिया है। जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने यह आदेश दिया। यह आदेश तब आया जब आज से राज्य में काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही थी।

अगली सुनवाई 12 जुलाई को

हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं अभ्यर्थी विवादित प्रश्नों पर आपत्तियों को एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत करें। आपत्तियों को सरकार यूजीसी को प्रेषित करेगी। यूजीसी आपत्तियों का निस्तारण करेगी। मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। इसके साथ ही 8 मई के बाद से सरकार द्वारा कराई गई सभी प्रक्रिया पर रोक लग गई है। इसमें उत्तरमाला, संशोधित उत्तरमाला, परिणाम, जिला विकल्प, जिला आवंटन, कॉउंसलिंग प्रक्रिया समेत सभी प्रक्रिया शून्य घोषित हो गई है।
इससे पहले सोमवार को हाईकोर्ट ने आंसर शीट विवाद में अंतरिम राहत के बिन्दु पर अपना आदेश सुरक्षित कर लिया था। सोमवार को जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने इस मामले में दाखिल रिषभ मिश्रा व अन्य समेत कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की।
इस दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखा। वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए लगभग पांच घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने विवादित प्रश्नों को विशेषज्ञ समिति के समक्ष भेजने व चयन प्रक्रिया रोकने के बिन्दु पर आदेश सुरक्षित कर लिया।

काउंसलिंग के लिए विभिन्न केन्द्रों पर पहुंच गये थे अभ्यर्थी

प्रदेश में डेढ़ साल से इंतजार कर रहे अभ्यर्थी आज काउंसलिंग के लिए विभिन्न केन्द्रों पर पहुंच गये थे। उनका सरकारी अध्यापक बनने का सपना पूरा होने जा रहा था। बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों की जिलेवार आवंटन की सूची मंगलवार को जारी कर दी थी। परिषद ने सभी 75 जनपदों के लिये 67,867 अभ्यर्थियों की चयन सूची को वेबसाइट पर डाल दिया था। इसके अलावा 1,133 एसटी अभ्यर्थी नहीं मिलने के चलते उनकी सीटें खाली रखी गई हैं। आज तीन जून से छह जून तक जिलों में अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग शुरू होनी थी।
लेकिन, कोर्ट के आदेश से मामला फिर लटक गया है। वहीं सफल अभ्यर्थियों के चेहरे कोर्ट के आदेश के बाद लटके नजर आये। कई लोगों ने कहा ​कि विवाद पहले ही सुलझा लेना चाहिए थे। लम्बे समय बाद अब जब सरकारी नौकरी मिलने का सपना पूरा हो रहा था, तो फिर इस पर ग्रहण लग गया। अब सरकार जल्दी से जल्दी मामले का समाधान करे, जिससे आगे देरी न हो।

विपक्ष ने सरकार की मंशा पर उठाये सवाल

उधर कोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार वास्तव में चाहती ही नहीं थी कि शिक्षक भर्ती के जरिए युवाओं को नौकरी मिले। वह नहीं चाहती कि उसके खजाने में आर्थिक बोझ पड़े और खजाना खाली हो। इसलिए जानबूझ कर लापरवाही की जा रही है। आंसर शीट का विवाद पहले ही सुलझा लेना चाहिये था। कोर्ट जाने वाले अभ्यर्थियों को पहले ही सन्तुष्ट किया जा सकता था। लेकिन, जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया। सरकार समाधान ही नहीं करना चाहती।
सपा नेता अनुराग भदौरिया ने कहा कि सरकार चाहती ही नहीं है कि किसी को नौकरी मिल पाये। उसके नेता सिर्फ बातें करते हैं। अगर वास्तव में सरकार का मकसद युवाओं को नौकरी देने का होता तो प्रक्रिया का सही तरीके से पालन होता। पारदर्शी तरीके से काम होना चाहिए था। आंसर शीट पर विवाद इसी वजह से हो रहा है।
वहीं भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि जो लोग आरोप लगा रहे थे। उनके समय में कुछ नहीं हुआ। हमारी सरकार शुरुआत से ही संवेदनशील है। कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है। भर्ती प्रक्रिया पूरी की जायेगी।

आदेश का अध्ययन कर उच्च स्तरीय बैठक कर लेंगे उचित निर्णय-सतीश द्विवेदी

वहीं कोर्ट के फैसले को लेकर बेसिक शिक्षा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ.सतीश द्विवेदी ने कहा​ कि सरकार शिक्षकों की भर्ती को लेकर गम्भीर है। सरकार का उद्देश्य है कि स्कूलों में मानकों के मुताबिक शिक्षक उपलब्ध हों। इसीलिए काउंसलिंग निर्धारित प्रक्रिया के तहत आज से शुरू भी हो चुकी थी। शेड्यूल के मुताबिक कार्य किया जा रहा था।
उन्होंने कोर्ट में सरकार की कमजोर पैरवी को लेकर कहा कि आज का विषय अलग है। इसमें केवल कुछ प्रश्नों के उत्तर को लेकर आपत्ति थी। हमने लॉकडाउन के दौरान भी 69,000 लोगों को नौकरी देने का प्रयास किया। अब कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर उच्च स्तरीय बैठक कर उचित निर्णय किया जायेगा।
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