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उत्तर प्रदेश

CM योगी का आदेश, सभी जनपदों में वेंटिलेटर, एचएफएनसी की रिपोर्ट शाम तक कराएं उपलब्ध

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कानपुर नगर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में मेडिकल टेस्टिंग में वृद्धि के निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके मद्देनजर प्रदेश में हर हाल में कोरोना के 1.50 लाख टेस्ट प्रतिदिन किए जाएं। उन्होंने जनपद कानपुर नगर, वाराणसी, प्रयागराज तथा गोरखपुर में मेडिकल टेस्टिंग में वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं।

सभी जिलों में वेंटिलेटर, एचएफएनसी को रखा जाए क्रियाशील

मुख्यमंत्री ने बुधवार को लोकभवन में उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि सभी जनपदों में वेंटिलेटर, एचएफएनसी (हाई फ्लो नेजल कैन्युला) को क्रियाशील रखा जाए। इस सम्बन्ध में आज शाम तक शासन को रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
दरअसल कोरोना से शरीर में ऑक्सीजन की काफी कमी हो जाती है। उस स्थिति में नार्मल नजल प्रोंज से दी गई ऑक्सीजन से काम नहीं चल पाता। नार्मल नजल प्रोंज से एक मिनट में 4 से 5 लीटर ही ऑक्सीजन मिल पाती है जबकि एचएफएनसी के जरिए एक मिनट में 60 से 80 लीटर तक ऑक्सीजन मिल जाती है। एचएफएनसी अधिक फ्लो के साथ ऑक्सीजन देती है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के बाद शरीर में ऑक्सीजन के गिरते  स्तर में सुधार करने के लिए हाई फ्लो ऑक्सीजन देने के मकसद से एचएफएनसी बेहद कारगर साबित हो रही है।

हेपेटाइटिस-बी के मरीजों के लिए प्रत्येक जिले में उपलब्ध हो डायलिसिस मशीन

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कोविड अस्पतालों में डायलिसिस मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि हेपेटाइटिस-बी के मरीजों के लिए प्रत्येक जनपद में डेडिकेटेड डायलिसिस मशीन की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कोविड तथा नॉन कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन के कम से कम 48 घंटे के बैकअप की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सालयों में कम से कम 48 घंटे की ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों से जनपदीय स्तर के साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन 1076 के जरिए भी स्वास्थ्य की निरन्तर जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए।

सितम्बर में वेक्टरजनित रोगों के प्रकोप की अधिक सम्भावना

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि सितम्बर माह में वेक्टरजनित रोगों के प्रकोप की अधिक सम्भावना रहती है। इसके दृष्टिगत स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन की कार्रवाई में पूरी तत्परता बरती जाए। उन्होंने राजकीय कर्मियों की कार्यालयों में समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में प्रभावी पर्यवेक्षण के साथ-साथ निरीक्षण किए जाएं। समय से उपस्थित न होने पर सम्बन्धित के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

नहरें रोस्टर के अनुरूप पूरी क्षमता से की जाएं संचालित

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने किसानों को सिंचाई कार्य के लिए पानी उपलब्ध कराने के मद्देनजर नहरों को रोस्टर के अनुरूप पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और इस कार्य में कोई शिथिलता न बरती जाए। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराते हुए किसानों को शीघ्र मुआवजा वितरित किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में मकान के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में अनुमन्य राहत राशि का वितरण भी समयबद्ध ढंग से किया जाए।

50 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा मण्डलीय समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा में 50 करोड़ से अधिक राशि की विकास परियोजनाओं के सम्बन्ध में मण्डलायुक्त प्रस्तुतिकरण देंगे। जिलाधिकारियों द्वारा भी अपने-अपने जनपद की विकास योजनाओं के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन तथा अमृत योजना की परियोजनाओं में तेजी लाने तथा इनकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

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