Manish Gupta Murder Case: सिर पर चोट लगने से हुई कारोबारी की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले पुलिस बर्बरता के राज

पुलिस की पिटाई से मरने वाले कानपुर के कारोबारी मनीष की गुप्ता की मौत सिर पर चोट लगने से हुई। इसके अलावा शरीर पर भी घाव के निशान मिले हैं।
 
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Manish Gupta Murder Case

गोरखपुर। पुलिस की पिटाई से मरने वाले कानपुर के कारोबारी मनीष  गुप्ता (Manish Gupta Murder Case) की मौत सिर पर चोट लगने से हुई। इसके अलावा शरीर पर भी घाव के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया है। जानकारी के मुताबिक, दिनभर की कवायद के बाद शाम छह बजे पोस्टमार्टम शुरू किया गया। रिपोर्ट में सिर में चोट के अलावा शरीर पर घाव के निशान सामने आए हैं। इससे एक बात तो साफ है कि सिर्फ गिरने भर से ऐसी चोट संभव नहीं है। दूसरे, होटल के कमरे में गिरने से इस तरह की चोट पर भी सवाल उठ रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।


मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता मंगलवार शाम होटल कृष्णा पैलेस भी गईं, जहां पति की मौत हुई थी। होटल के कमरे की सफाई पर मीनाक्षी ने सवाल खड़े किए हैं। पुलिस से पूछा कि आखिर घटनास्थल की सफाई क्यों कराई गई? कमरे में जो खून फैला था, उसे धुलवाया क्यों गया? कमरे को सीज कर फोरेंसिक जांच क्यों नहीं कराई गई? वहां पर खून बिखरे थे और कई ऐसे साक्ष्य थे जिसकी फोरेंसिक जांच होती तो कई सच्चाई सामने आती, मगर ऐसा नहीं किया गया। पत्नी का आरोप है कि पुलिस ठीक से जांच नहीं कर रही है, क्योंकि मामले में पुलिस कर्मी ही आरोपी हैं। अगर किसी दूसरे व्यक्ति की मौत होती तो पुलिस कमरे को सीज करके ही जांच-पड़ताल जरूर करती। मीनाक्षी ने हाथ जोड़कर न्याय दिलाने की मांग की है।

ये हुए हैं निलंबित
इंस्पेक्टर जगत नरायण सिंह, फलमंडी चौकी प्रभारी अक्षय मिश्रा, दरोगा विजय यादव, दरोगा राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव और कांस्टेबल प्रशांत कुमार।