माफिया मुख्तार को बैरक नम्बर 15 की बजाय 16 में रखा गया, जेल सुरक्षा कड़ी

माफिया मुख्तार को बैरक नम्बर 15 की बजाय 16 में रखा गया, जेल सुरक्षा कड़ी
माफिया मुख्तार को बैरक नम्बर 15 की बजाय 16 में रखा गया, जेल सुरक्षा कड़ी
  • जेल की सुरक्षा कड़ी की गई, डीजी जेल आनंद कुमार खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग

लखनऊ। पंजाब के रोपड़ जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को डॉक्टरों के शारीरिक परीक्षण के बाद बांदा जेल की बैरक नम्बर 16 में रखा गया है। पहले उसे उसकी पुरानी बैरक 15 में रखने की योजना थी लेकिन जेल प्रशासन ने अचानक बैरक को बदल दी। मुख्तार को लेकर जेल की सुरक्षा इतनी कड़ी की गई है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। खुद डीजी जेल आनंद कुमार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

डीजी ने बताया कि मुख्तार अंसारी की सुरक्षा के लिए जेल प्रशासन ने पर्याप्त इंतजाम किए हैं। उसे बैरक नम्बर 16 में रखा गया है और 24 घंटे जेल पुलिस की निगरानी में है। पूरी जेल को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। जेल मुख्यालय लखनऊ के कमांड सेंटर रूम से लगातार पूरी मॉनिटरिंग उच्चाधिकारियों द्वारा की जा रही है। वह स्वयं इसको लेकर अपनी नजर बनाये हुए हैं।

बांदा जेल अधीक्षक पीके त्रिपाठी ने बताया कि मुख्तार अंसारी के स्वास्थ्य से सम्बंधित सभी जांच हो गई हैं और इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। डॉक्टरों की रिपोर्ट में मुख्तार को स्वस्थ बताया गया है। मुख्तार को फिलहाल बैरक नम्बर 16 में रखा है। उसके आसपास की बैरक खाली रखी गई है। जेल में दो और डिप्टी जेलर तैनात किए गए हैं। जेल के बाहर अतिरिक्त पीएसी लगाई गई है।

पांच बॉडी वॉर्न कैमरे, 30 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी

जेल अधीक्षक ने बताया कि मुख्तार पर जेल में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक ड्रोन कैमरा, पांच बॉडी वॉर्न कैमरे और 30 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं। मुख्तार के आसपास जाने वाला हर जेल कर्मी बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस रहेगा, ताकि उसके और मुख्तार अंसारी के बीच हुई बातचीत और व्यवहार की रिकॉर्डिंग हो सके। जेल की निगरानी के लिए एक ड्रोन कैमरा भी लखनऊ से भेजा गया है।

कोर्ट ने 12 अप्रैल को मुख्तार को किया तलब

एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने 21 साल पुराने एक मामले में 12 अप्रैल की तारीख तय करते हुए मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपितों को तलब किया है। एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने पहले भी तलब होने का आदेश दिया था लेकिन मुख्तार अंसारी पेश नहीं हुआ था। उल्लेखनीय है कि 21 साल पूर्व मुख्तार अंसारी व उसके गुर्गे आलम, यूसुफ चिश्ती, लालजी यादव और कल्लू पंडित पर लखनऊ जेल के कारापाल और उप कारापाल से गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देने, पथराव कर हमला करने का आरोप है।

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