लखीमपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष की गिरफ्तारी पर अड़े किसान, कार्रवाई न होने तक नहीं होगा अंतिम संस्कार

लखीमपुर खीरी जिले में रविवार को हुई हिंसा के मामले में किसान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी को लेकर किसान अड़ गए हैं।
 
Farmers adamant on arrest of Union minister's son Ashish.jpg
लखीमपुर हिंसा

लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी जिले में रविवार को हुई हिंसा के मामले में किसान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी को लेकर किसान अड़ गए हैं। किसानों ने आरोपित की गिरफ्तारी होने तक शवों का अंतिम संस्‍कार न करने का ऐलान किया है। 

लखीमपुर के तिकुनिया थाने में केंद्रीय मंत्री मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्‍या, आपराधिक साजिश और बलवा सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

एफआईआर बहराइच नानपारा के जगजीत सिंह की तहरीर पर दर्ज की गई है। बेटे पर लगे आरोपों को लेकर मंत्री अजय मिश्रा ने सफाई दी है कि किसानों के बीच छुपे हुए कुछ उपद्रवी तत्वों ने उनकी (भाजपा कार्यकर्ताओं) गाड़ियों पर पथराव किया, लाठी-डंडे से वार करने शुरू किए। फिर उन्हें खींचकर लाठी-डंडों और तलवारों से मारापीटा, इसके वीडियो भी हमारे पास हैं। उन्होंने गाड़ियों को सड़क से नीचे खाई में धक्का दिया। उन्होंने गाड़ियों में आग लगाई, तोड़फोड़ की। मेरा बेटा कार्यक्रम खत्म होने तक वहीं(कार्यक्रम स्थल) था, उन्होंने जिस तरह से  घटनाएं की हैं अगर मेरा बेटा वहां(घटनास्थल पर) होता तो वो उसकी भी पीटकर हत्या कर देते।

किसानों का आरोप 
किसान संघ के एक नेता डॉ दर्शन पाल ने कहा, 'किसानों ने मंत्रियों के आगमन को रोकने के लिए हेलीपैड का घेराव करने की योजना बनाई थी। एक बार यह समाप्त हो गया और अधिकांश लोग वापस जा रहे थे। इस बीच तीन कारें आईं और किसानों को कुचल दिया। एक किसान की मौके पर ही मौत हो गई। मंत्री का बेटा कार में था।' किसान संघों ने कहा कि कार की चपेट में आने से चार किसानों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं में से एक तेजिंदर एस विरक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।