Lakhimpur Violence Case: सरेंडर की फिराक में था अंकित दास, पुलिस ने गनर के साथ दबोचा

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले (Lakhimpur Violence Case) के आरोपी अंकित दास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
 
Ankit Das in custody in Lakhimpur Kheri violence case.jpg
Lakhimpur Violence Case

लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले (Lakhimpur Violence Case) के आरोपी अंकित दास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अंकित को उस समय गनर के साथ पकड़ा गया जब वह कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में थां 

इससे पहले बुधवार सुबह अंकित गुप्ता के लखनऊ स्थित आवास पर एसआईटी की ओर से नोटिस चस्‍पा कर उसे बयान दर्ज कराने के लिए क्राइम ब्रांच के लखीमपुर खीरी स्थित दफ्तर बुलाया था। 

नोटिस में अंकित को बयान दर्ज कराने के लिए आज ही यानी 13 अक्‍टूबर की ही तारीख दी गई थी। इसके थोड़ी देर बाद लखीमपुर में अंकित के क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचने की सूचना आई। बताया जा रहा है कि उसके साथ कई वकील भी हैं। फिलहाल क्राइम ब्रांच के दफ्तर में अंकित से पूछताछ हो रही है। पुलिस ने उसके साथ ही उसके निजी गनर लतीफ को भी हिरासत में लिया है। 

दोनों को क्राइम ब्रांच के दफ्तर ले जाया गया है। अंकित पर तीन अक्‍टूबर को लखीमपुर में हुई हिंसा के दौरान घटनास्‍थल पर मौजूद रहने का आरोप है। वह इस मामले में गिरफ्तार मुख्‍य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा का करीबी बताया जाता है। लखीमपुर हिंसा के दौरान किसानों को कुचलने वाली थार जीप के पीछे-पीछे चल रही फार्रच्‍यूनर अंकित दास के नाम रजिस्‍टर्ड बताई जा रही है। 

अंकित की थी थार के पीछे चल रही फार्रच्‍यूनर 
जिस थार जीप से किसानों को कुचले जाने के आरोप लग रहे हैं वह  जीप केंद्रीय गृहराज्‍य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की थी। घटना के बाद वायरल हुए कई वीड‍ियो में थार जीप के पीछे-पीछे एक फार्रच्‍यूनर भी जाती दिख रही है। आरोप है कि यह फार्रच्‍यूनर अंकित दास की है। किसानों का आरोप है कि घटना के वक्‍त मंत्री का बेटा आशीष मिश्रा मौजूद था। किसानों की मौत के लिए वही जिम्‍मेदार है। वहीं मंत्री अजय मिश्र टेनी शुरू से अपने बेटे आशीष को निर्दोष बता रहे हैं। इसी घटना के दौरान अंकित दास पर भी मौजूद रहने के आरोप लगे हैं। माना जा रहा है कि अंकित से पूछताछ में लखीमपुर घटनाक्रम के बारे में कई ऐसी जानकारियां मिल सकती हैं जो अभी तक पुलिस के पास नहीं हैं।