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उत्तर प्रदेश

कानपुर एनकाउंटर : दो साल पहले ही पुलिस में भर्ती हुए थे बबलू और जितेंद्र, फर्ज की खातिर हुए कुर्बान 

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आगरा, मथुरा। कानपुर में पुलिस मुठभेड़ में शहीद हुए डिप्टी एसपी समेत आठ पुलिस कर्मियों में आगरा और मथुरा के भी दो परिवार शामिल हैं, जिनके लाल दो साल पहले ही पुलिस में भर्ती हुए थे। बेटों की पुलिस में नौकरी लगने से परिवारों में खुशियां आनी शुरू ही हुई थीं, लेकिन बदमाशों की दुस्साहसिक करतूत से इनके परिवारों में मातम पसर गया है।

बब्लू पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी

बिठूर थाना में तैनात आरक्षी बबलू कुमार मूलत: आगरा के फतेहाबाद के गांव पोखर पांडे निवासी छोटे लाल का बेटा है। चार भाईयों और पांच बहनों में बब्लू तीसरे नम्बर का था। पिता राजमिस्त्री का काम करते थे। वर्ष 2018 में बबलू पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। बब्लू पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी।

बब्लू ने बड़े भाई से फोन पर बात किया था

परिजनों के मुताबिक, गुरुवार की रात को बब्लू ने बड़े भाई से फोन पर बात किया था। इसके 18 घंटे बीत जाने के बाद कानपुर से बबलू की शहादत की खबर आई तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। बब्लू के शहीद होने की खबर पर परिवार के लोग कानपुर के लिए रवाना हो गये। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि सिपाही बब्लू की शहादत से उनका पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है।

ग्रामीण महेंद्र सिंह ने बताया कि 23 वर्षीय बबलू बड़ा मिलनसार व्यक्ति था। तीन जून को वह छुट्टी पर घर  आया था। हमें शहीद बबलू पर गर्व है। बस उनकी मांग यह है कि सरकार कुख्यात विकास दुबे और उसके साथियों का खात्मा करके शहीद पुलिस कर्मियों का बदला लें।  

जितेंद्र के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मचा

कानपुर मुठभेड़ में शहीद हुए मथुरा जिले के सिपाही जितेंद्र गांव बरारी के रहने वाले थे। उनके परिजन तंतुरा नवादा में रहते हैं। जितेंद्र के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। 26 साल के जितेंद्र दो साल पहले ही पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी अभी शादी नहीं हुई थी। परिवार में उनके पिता तीर्थपाल सिंह, मां व भाई-बहन हैं। जितेंद्र का अंतिम संस्कार गांव बरारी में किया जाएगा।

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