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उत्तर प्रदेश

कन्नौज : घरों पर ही अदा की जाए ईद की नमाज – जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र

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बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज। निगरानी समिति के अलावा अब संबंधित पुलिस भी रखेगी बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर निगरानी। नमाज घरों पर ही अदा की जाए। बचाव सुरक्षा एवं जागरूकता द्वारा ही कोरोना से बचा जा सकता है।
यह बात कल देर शाम  जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने कलेक्ट्रेट सभागार में ईद-उल-फितर के त्यौहार को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने एवं सभी सदस्यों को ईद-उल-फितर  के त्यौहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाओं सहित कोरोना वायरस के संक्रमण की जानकारी देते हुए जिला शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित सदस्यों के द्वारा जनपद वासियों को को दिए। उन्होंने सभी को बताया कि यदि हम सतर्कता नहीं बरतेंगे तो कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। हम सभी एक अदृश्य शक्ति से सामना कर रहे हैं जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं है।
उन्होंने कहा हम सभी को एक दूसरे से सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए अपने चेहरे को ढककर रखना चाहिए जिससे इस लाइलाज महामारी से बचा जा सके। यह हम सभी का उत्तरदायित्व है की हम एकजुट होकर इस महामारी का सामना करें एवं बढ़ती हुई महामारी की चेन को रोकने में अपना-अपना सहयोग दें। उन्होंने कहां की जनपद के समस्त नागरिकों द्वारा जिस प्रकार अभी तक लॉक डाउन का अनुपालन करते आए हैं उसी प्रकार आगे भी अपना पूर्ण सहयोग देकर महामारी से बचाने हेतु अपना सार्थक प्रयास करें। उन्होंने कहा की हम सभी ने नए तरीके से जीना सीखा है और आगे भी इस महामारी से बचने हेतु कार्य करेंगे जिससे जनपद कोरोना वायरस से मुक्ति पा सके और सभी का जीवन सुगमता से आगे बढ़ सके।
 जिलाधिकारी ने सभी उपस्थित सदस्यों  से  अपील  की  कि इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए ईद उल फितर पर नमाज अपने अपने घरों पर ही की जाए एवं घरों में ही सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए त्यौहार बनाया जाए जिससे संक्रमण का खतरा शून्य हो सके। बैठक में तहसील एवं थाने वार की गई बैठक के संबंध में जानकारी ली गई एवं सदस्य द्वारा बताई गई परेशानियों को सुनते हुए त्यौहार को सहज एवं साधारण रूप से बनाए जाने हेतु आग्रह किया गया।
 पुलिस अधीक्षक ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि जनपद में बाहर से आ रहे जनपद के नागरिकों में कोरोना वायरस का संक्रमण अधिक पाया जा रहा है जिसकी जानकारी संक्रमण के 06 से 14 दिनों के मध्य होती है जिस कारण यह एक बड़ी चुनौती एवं चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अब संक्रमण ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है एवं सभी को एक साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाते हुए संक्रमण के बढ़ने की तेजी पर विराम लगाना होगा।
उन्होंने कहा की जिस प्रकार अभी तक सभी ने जनपद को संभाले रखा है यह अत्यंत प्रशंसनीय है एवं इसी प्रकार आगे भी सभी से अपील करते हुए बाहर से आने वाले श्रमिकों की जानकारी समय से उपलब्ध कराए जाने हेतु कहा जिससे संक्रमण का समय से पता लगाकर उसे बढ़ने से रोका जा सके एवं संबंधित नागरिक का इलाज कर उसे सुरक्षित उसके घर भेजा जा सके। उन्होंने सभी से यह भी अपील की की गांव में आने वाले श्रमिकों को समझाएं कि वह तत्काल चिन्हित स्थलों पर पहुंचकर जांच कराएं जिसमें संक्रमित पाए गए व्यक्तियों का इलाज किया जा सके एवं अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को होम क्वॉरेंटाइन हेतु घर पर रखा जा सके। बाद में तीनो तह्सीलो के उप जिलाधिकारियों ने भी अपने यहाँ तहसील स्तरीय शान्ति समितियों की बैठक कर सभी नागरिकों का सहयोग माँगा|

बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी

   बैठक में अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0), अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी तिर्वा एवं छिबरामऊ, क्षेत्राधिकारी सदर एवं छिबरामऊ, जिला पंचायत राज अधिकारी अधिशासी अधिकारी कन्नौज , समस्त थाना अध्यक्ष एवं अन्य शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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उत्तर प्रदेश

और जब गाड़ियों के काफिले के साथ थानेदार निकले चार्ज लेने, लेकिन हो गए सस्पेंड

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक थानेदार का ट्रांसफर हुआ तो वह लॉकडाउन के नियमों को खुद ही तोड़ बैठे और गाड़ियों के काफिल के साथ चार्ज लेने निकल पड़े। लेकिन वह चार्ज तो नहीं ले पाए बल्कि सस्पेंड जरूर हो गए।

ये है पूरा मामला

अंबेडकरनगर के टांडा से भाजपा विधायक संजू देवी ने अवैध वसूली के आरोप में बसखारी के थानाध्यक्ष मनोज सिंह पर कार्रवाई की मांग की थी। इसी शिकायत के बाद मनोज सिंह का ट्रांसफर बसखारी से जैतपुर कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

मनोज सिंह को मंगलवार रात को ही जैतपुर थाने का चार्ज लेना था। लेकिन वह बुधवार को बसखारी थाना से अपनी रवानगी करते समय कई पुलिसकर्मी और सरकारी गाड़ियों के काफिले के साथ थाने का चार्ज लेने के लिए निकल पड़े। काफिले में शामिल कई कई पुलिसकर्मी बाइक पर बिना मास्क, हेल्मेट पहने शामिल हुए। इस दौरान लॉकडाउन के नियमों, सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ। जिसके बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और मामले ने तूल पकड़ा।

इसके बाद एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कानून का उल्लंघन करने के मामले में थानाध्यक्ष जैतपुर मनोज सिंह को निलम्बित करने के बाद पुलिस लाइन भेज दिया है।

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उत्तर प्रदेश

प्रेम संबंध में सपा विधायक के गनर ने दे दी जान

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मुरादाबाद। मुरादाबाद देहात से सपा विधायक इकराम कुरैशी के गनर मनीष प्रताप सिंह ने बुधवार की देर रात अपनी सरकारी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।  सिपाही की आत्महत्या की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सिपाही किसी युवती के साथ रिलेशनशिप में था। जिसको लेकर दोनों परिवार विरोध कर रहे थे। इसी तनाव के चलते सिपाही ने यह आत्मघाती कदम उठाया है।

2018 हुआ था सिपाही पद पर चयन

मुरादाबाद पुलिस लाइन में तैनात मनीष प्रताप सिंह सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी के गनर के रूप में तैनात था। मनीष प्रताप सिंह बुलंदशहर कोतवाली देहात के गांव रसूलपुर पिटारी का मूल निवासी था। सन 2018 बैच में सिपाही के पद पर पुलिस में भर्ती हुआ था। मनीष कटघर के आदर्श नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था।

रात दो बजे मारी गोली

बुधवार की देर रात करीब 2 बजे सिपाही मनीष प्रताप सिंह ने अपने कमरे में सरकारी कार्बाइन से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दरवाजा तोड़कर देखा कि अंदर कमरे में सिपाही मृत पड़ा हुआ था।

घटना के समय मौजूद थी प्रेमिका

घटना के समय सिपाही के साथ उसकी प्रेमिका भी मौजूद थी। वहीं दो अन्य सिपाही ऊपरी मंजिल पर सो रहे थे। युवती और दोनों सिपाहियों से पूछताछ की गई।

एसपी सिटी बोले-तनाव में चल रहा था सिपाही

एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि सिपाही किसी रिलेशनशिप में था। दोनों के परिवार इस रिलेशनशिप का विरोध कर रहे थे। इसी कारण सिपाही तनाव में चल रहा था। माना जा रहा है कि तनाव के कारण ही सिपाही ने गोली मारकर आत्महत्या की है। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। उन्होंने खुद को गोली मारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस युवती से पूछताछ कर रही है। वहीं दोनों साथी सिपाही ने बताया कि खाना खाने के बाद वह ऊपरी मंजिल पर सोने चले गए थे। परिजनों को सूचना दे दी गई है।
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उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का तोहफा, 80 पुलिस इंस्पेक्टर बने डीएसपी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ने 80​ निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर प्रोन्नत किया है। पुलिस मुख्यालय से प्रोन्नत अफसरों की सूची जारी कर दी गयी है। प्रमोशन पाने वाले निरीक्षकों में खुशी है।

शासन से जारी सूची

जो निरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक बने हुए है, उनमें सियाराम, भगत सिंह, अनिरूद्ध सिंह, रामसूरत सोनकर, दीपक दूबे, अम्बरीश कुमार बघेल, राजीव द्विवेदी, देवेन्द्र कुमार, देवेश सिंह, अमरनाथ यादव, शक्ति सिंह, संतोष कुमार सिंह, शैलेश प्रताप सिंह, अनूप कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, आशोक सिंह, विवेक सिंह, विकास कुमार पांडेय, गजेन्द्र पाल सिंह, संजय ​नाथ त्रिपाठी, कमलेश कुमार सिंह, सत्येन्द्र सिंह, राम सिंह, इनाम वारिस, नन्द जी यादव, जगदीश यादव, उमेश चन्द्र पाण्डेय, अरुण कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, बृजेश सिंह, मनोज कुमार रघुवंशी, विशुन देव यादव, धमेन्द्र सिंह चौहान, प्रदीप कुमार त्रिवेदी, अरुण कुमार यादव, अखिलेश प्रताप सिंह, अरविन्द्र कुमार सिंह, सुरेश चन्द्र ओमहरे, कृष्ण गोपाल शर्मा, सतीश चन्द्र श्रीवास्तव, अरुण कुमार, ग्रीश चन्द्र शर्मा, उमेश चन्द्र श्रीवास्तव, सरेन्द्र कुमार राना, मुकुन्द मिश्रा, रामकुमार श्रीवास्त, प्रभात कुमार वर्मा,परमानंद द्विवेदी, परमेश सिंह, श्रवण कुमार राना, नरेन्द्र मोहन तिवारी, मदन सिंह, प्रदीप कुमार मिश्रा, शैलेन्द्र ​कुमार त्रिपाठी, हृदयानंद पाण्डेय, जसवीर सिंह, शिवराज सिंह, योगेश बाल दीक्षित,देवी राम, कैलाश कुमार शर्मा, राकेश कुमार पालीवाल, नईमुद्दीन खां, सुनील कुमार गादी, गजेन्द्र सिंह, अरविन्द सिंह, राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला,ओम प्रकाश सिंह,उदय पाल सिंह, राजेन्द्र कुमार शर्मा, प्रमोद कांत मिश्रा, अब्दुल रज्जाक, लईक अहमद, सुरेश कुमार त्रिपाठी कमलेश नारायन पाण्डेय, अरुण कुमार सिंह, अरविन्द कुुमार सिंह पुंडीर, सुरेन्द्र सिंह, सुरेश चन्द्र गौड़, विवेक उपाध्याय, रेखा बाजपेई और राम अवतार सिंह यादव शामिल है।

अप्रैल माह में उप्र लोक सेवा आयोग के अधीन गठित विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन पुलिस निरीक्षकों की प्रोन्नति की संस्तुति की गई थी। इस सूची में करीब 22 ऐसे निरीक्षक हैं, जिन्हें आउट ऑफ टर्न प्रोन्नति देकर पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है।

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