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उत्तर प्रदेश

गोंडा : डीआईजी की प्रभावी पैरवी से मिला पीड़िता को शीघ्र न्याय, जानिए क्या था पूरा मामला

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राधेश्याम मिश्र

गोंडा| देवीपाटन परिक्षेत्र स्तर पर पाक्सो एक्ट के अन्तर्गत पंजीकृत विभिन्न मुकदमों की निगरानी  व पैरवी स्वयं पुलिस उपमहानिरीक्षक  डा0 राकेश सिंह द्वारा की जा रही है | इसी क्रम में  डा0 राकेश सिंह द्वारा त्वरित एवं प्रभावी पैरवी के लिये चिन्हित पाक्सो एक्ट के 10 मुकदमों में थाना मल्हीपुर क्षेत्र के एक गांव में विगत 30 अप्रेल-2018 को घटित नाबालिग बालिका के साथ बलात्कार की घटना में अपर सत्र न्यायालय ( विशेष पाक्सो एक्ट ) द्वारा सन्ने चौहान पुत्र सत्तन निवासी फत्तेपुर तुरसमा थाना मल्ल्हीपुर जनपद श्रावस्ती को गत 20 अगस्त 2019 दिन मंगलवार को 20 वर्ष सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये के आर्थिक दण्ड की सजा सुनाई गयी | अभियुक्तत द्वारा अर्थदण्ड अदा ना करने पर 06 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनायी गयी | न्यायाधीश द्वारा समस्त अर्थदण्ड में से 10 हजार रुपये की राशि पीडिता को देने का आदेश भी दिया गया |

ये था मामला

विदित हो कि मल्हीपुर थाना क्षेत्र की एक किशोरी 30 अप्रैल 2018 को गेंहू की रखवाली करने खेत गयी थी | इसी बीच वहाँ पहुँचे सन्ने चौहान ने किशोरी से दुष्कर्म किया  ,इसके बाद किशोरी को बेहोशी की हालत में छोड कर आरोपी मौके से फरार हो गया  था , होश आने के बाद किशोरी ने घर आकर परिवारीजनों को घटना के बारे में जानकारी दी इसका मामला किशोरी के प़िता ने मल्हीपुर थाने में दर्ज कराया था | इसके बाद आरोपी ने किशोरी के परिवारीजनों को जान माल की धमकी दी थी | मामले में मल्हीपुर पुलिस ने आरोपी को जेल भेजने के साथ ही उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था | पुलिस की प्रभावी पैरवी से न्याय पाकर पीडिता व परिवारीजन सन्तुष्ट हुये |  डीआईजी द्वारा चिन्हित पाक्सो एक्ट व बलात्कार के अन्य विचारित मामलों में प्रभावी पैरवी से पीडितों में शीघ्र न्याय की उम्मीद जगी है |

हरसंभव मदद का भरोसा दिया

इसी क्रम में  पुलिस उपमहानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र गोण्डा डा0 राकेश सिंह द्वारा वृद्धाश्रम में निवास कर रहे बुजुर्गों को उनके अपने परिवारीजनों से मिलाने की पहल के क्रम में वृद्धजन आवास (वृद्धाश्रम) फोर्विसगंज बादशाहबाग चौराहा गोण्डा में जाकर वृद्धजनों से हालचाल लिया गया | वृद्धजनों व उनके परिवारीजनों के मध्य विवादों को समाप्त कर उनकी घर वापसी के लिये वृद्धजनों से बातचीत कर उनकी हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया | साथ ही वृद्धजनों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेते हुये उनकी हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया गया  एवं उनके खाने-पीने ,रहने, सोने आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया | और वृद्धाश्रम संचालक को वृद्धजनों को आवश्यक मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया |  इस मौके पर वृद्धाश्रम के कर्मचारीगण भी मौजूद रहे |https://kanvkanv.com

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जुमे की नमाज को लेकर सतर्क यूपी पुलिस,संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी

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लखनऊ। दिल्ली में हुई हिंसा के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में प्रशासन सतर्क है। शुक्रवार की नमाज को लेकर प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता के निर्देश दिये गये हैं। डीजीपी मुख्यालय ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में कैंप करने को कहा है। विशेष सतर्कता बरते जाने वाले जिलों लखनऊ, आगरा, बुलंदशहर, मुरादाबाद, अलीगढ़, रामपुर, बिजनौर, फिराेजाबाद आदि में उच्चाधिकारी विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। हर जगह पल-पल की जानकारी ली जा रही है। इसके साथ ही इन जिलों में पुलिस भी बढ़ा दी गयी है।

अलीगढ़ में उपद्रव के बाद जुमे की पहली नमाज को अमन चैन से कायम कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया है। इसके लिए 4 हजार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का भारी भरकम फोर्स लगाया गया है।

एसएसपी मुनिराज के अनुसार जुमे की नमाज को देखते हुए बाहर से पांच एडिशनल एसपी, 12 सीओ, 20 इंस्पेक्टर, 200 सब इंस्पेक्टर आदि के अलावा दो कंपनी आरएएफ (एक कंपनी में 140 कर्मी), एक कंपनी आरएएफ रिजर्व में रखी है।

वहीं मेरठ जोन में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। शुक्रवार को जिले को 11 जोन, 31 सेक्टरों और 62 सब सेक्टरों में बांटकर फोर्स तैनात की गई है। एसएसपी अजय साहनी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गुरुवार को सभी एडिशनल एसपी, सीओ के साथ बैठक की। लखनऊ में भी सतर्कता बढ़ा दी गयी है। जुमे की नमाज काे देखते हुए सुबह से ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस निगरानी कर रही है। कहीं कोई अराजकता न फैले। उसको समय रहते कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है।

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आजम खान के बेटे अब्दुल्ला की विधायकी गई, स्वार टान्डा सीट रिक्त घोषित

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लखनऊ। रामपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम अब विधायक नहीं रहे। उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई। इस संबंध में विधानसभा से अधिसूचना जारी कर दी गई। अब्दुल्ला आजम स्वार टान्डा सीट से 2017 में चुनाव जीते थे। अब यह सीट रिक्त हो गई है। बीते साल 16 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की विधानसभा सदस्यता को अवैध घोषित कर दिया था।

विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश पर किसी तरह के स्थगनादेश की सूचना नहीं आई है। ऐसे में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तह अब्दुल्ला आजम खान का निर्वाचन 16 दिसंबर 2019 से विधि शून्य माना जाएगा। इस तरह सीट रिक्त है।

दरअसल, 2017 में नामांकन के समय अब्दुल्ला आजम की उम्र 25 साल नहीं थी। लेकिन उन्होंने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ा था और जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।

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खनन घोटालाः अखिलेश यादव सीबीआई के रडार पर, विधि सलाहकार से पूछताछ

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हमीरपुर। खनन घोटाला की फाइनल जांच कर रही सीबीआई टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी को तलब कर दो घंटे तक पूछताछ की। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के पिता और दो चाचा समेत छह लोगों से भी अवैध खनन के नेटवर्क के बारे में पूछताछ की गई है। सूत्रों की माने तो विधि सलाहकार से अहम जानकारी जुटाने के बाद अब सीबीआई अखिलेश यादव के यहां पूछताछ के लिये दस्तक दे सकती है।

सीबीआई की दो सदस्यीय टीम पिछले चार दिनों से हमीरपुर स्थित मौदहा बांध निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में कैम्प कर खनन घोटाले की परतें खोलने में जुटी है। अखिलेश यादव की सरकार में महोबा जिले के सूपा निवासी मनोज त्रिवेदी विधि सलाहकार थे। हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुये 14 मौरंग के पट्टों को मंजूरी दी थी। इसके बाद खनन मंत्रालय गायत्री प्रजापति के हाथ में आने के बाद 49 मौरंग के पट्टे जारी किये गये थे। इन सभी मौरंग के पट्टे जारी करने में नियमों और उच्च न्यायालय के निर्देशों को ताक पर रखा गया था।

हाईकोर्ट के आदेश पर अगस्त 2016 से सीबीआई अवैध खनन की लगातार जांच कर रही है। गुरुवार को सीबीआई के अधिकारियों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी को कैम्प आफिस में तलब कर उनसे पूछताछ की। सूत्र बताते है कि सीबीआई ने उनसे सवाल किया कि मौरंग के पट्टे स्वीकृत होने में विधि सलाह दी गयी या नहीं। पूछताछ के बाद इनके हस्ताक्षर भी कराये गए।

सीबीआई की नोटिस पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के पिता सत्यदेव दीक्षित, उनके चाचा राकेश दीक्षित व देव नारायण दीक्षित भी कैम्प आफिस तलब हुए और करीब दो घंटे तक इन सभी से लम्बी पूछताछ की गयी है। बयान लेने के बाद इन सभी से साइन लिये गये हैं। इसके अलावा एक महिला और दो अन्य कारोबारियों से भी पूछताछ की गयी है। कैम्प आफिस से बाहर निकलते ही मौरंग कारोबारी बेचैन नजर आये।

सीबीआई की एफआईआर में यहां की तत्कालीन आईएएस बी.चन्द्रकला, खनन अधिकारी मुईनुद्दीन, एमएलसी रमेश मिश्रा, दिनेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित, उनके पिता सत्यदेव दीक्षित, रिटायर्ड खनिज लिपिक रामआसरे प्रजापति व लोनिवि का रिटायर्ड बाबू रामऔतार समेत ग्यारह लोग आरोपित हैं। इन सभी के खिलाफ ईडी को भी पत्र लिखा जा चुका है।

तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अब सीबीआई के रडार पर आ चुके है क्योंकि उन तक पहुंचने के लिये विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी से पूछताछ कर सीबीआई ने अहम जानकारी जुटा ली है। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर 16 अक्टूबर 2015 को जारी मौरंग के 49 पट्टे निरस्त कर जांच कमेटी बनाकर जिम्मेदार अधिकारियों व पट्टा धारकों के खिलाफ कार्यवाही भी करने के आदेश दिये गये थे। पूर्व में चौदह पट्टे भी निरस्त हुये थे। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने अब यहां अवैध खनन की जांच करने के साथ ही अखिलेश सरकार में तैनात रहे प्रशासन व खनिज विभाग के अधिकारियों का ब्यौरा भी अपने हाथ में ले लिया है।

याचिकाकर्ता ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

याचिकाकर्ता याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अपनी जान का खतरा बताते हुये सुरक्षा मांगी है। उन्होंने बताया कि अवैध खनन की सीबीआई जांच अंतिम दौर पर है। ऐसे में खनन माफिया उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश कर रहे हैं। लगातार परिवार समेत जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। हाल में ही जजी परिसर में दो बार खनन माफियाओं ने हमला किया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई और ईडी जांच में फंसने वाले आरोपित सपा और बसपा सरकार के राजनेता हैं जो उनकी हत्या करा सकते हैं। याचिकाकर्ता ने उच्च सुरक्षा की मांग करते हुये गृह सचिव और सीबीआई को पत्र दिया है।

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