प्रियंका गाँधी की पुलिस हिरासत में गांधीगीरी, सीतापुर गेस्ट हाउस में झाड़ू लगाकर जताया विरोध

लखीमपुर कांड अब सियासी रूप ले चुका है. पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लखीमपुर जा रही थी तभी यूपी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद प्रियंका को सीतापुर के गेस्ट हाउस में रखा गया है।
 
प्रियंका गाँधी की पुलिस हिरासत में गांधीगीरी, सीतापुर गेस्ट हाउस में झाड़ू लगाकर जताया विरोध 

लखीमपुर। लखीमपुर कांड अब सियासी रूप ले चुका है. पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लखीमपुर जा रही थी तभी यूपी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद प्रियंका को सीतापुर के गेस्ट हाउस में रखा गया है। गेस्ट हाउस से प्रियंका गांधी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे कमरे में झाड़ू लगाती दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस का कहना है कि झाड़ू लगाकर प्रियंका उन्हें हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रही हैं।

सीतापुर गेस्ट हाउस के कमरे में झाड़ू लगात हुई प्रियंका गांधी।

कांग्रेस ने प्रियंका के झाड़ू लगाने का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा- ये अनशन है अन्नदाता के अधिकार के लिए, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए। भाजपाई हुकूमत हमारे लोकतांत्रिक व संवैधानिक अधिकारों को नहीं कुचल सकती। गांधीजी के पथ पर चलते हुए अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।

प्रियंका गांधी को सीतापुर में हिरासत में रखे जाने को लेकर उनके पति रॉबर्ट वाड्रा ने सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रियंका को रोकने वालों के पास वारंट नहीं था। वाड्रा ने कहा कि प्रियंका की सोच बहुत मजबूत है और वे पीड़ित परिवारों से जरूर मिलेंगी। लखीमपुर खीरी में किसानों के ऊपर जिसने गाड़ी चढ़ाई, उन्हें सजा जरूर मिलनी चाहिए। सरकार को पीड़ित परिवारों की मदद करनी चाहिए।

रविवार की हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों से मिलने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी देर रात दिल्ली से लखनऊ पहुंची थीं। इसके कुछ देर बाद वे लखीमपुर के लिए रवाना हुईं। प्रियंका रूट बदलकर पुलिस की नजरों से बचते हुए लखीमपुर जा रही थीं, लेकिन सुबह 5:30 बजे पुलिस ने सीतापुर जिले में हरगांव बॉर्डर पर उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्हें पीएसी गेस्ट हाउस ले जाया गया है।

हिरासत में लिए जाने पर प्रियंका आग बबूला हो उठीं। उन्होंने पुलिस से कहा- 'अरेस्ट करो हम खुशी से जाएंगे, लेकिन जिस तरह धक्का-मुक्की की गई। इसमें फिजिकल असॉल्ट, अटेंप्ट टू किडनैप, किडनैप, अटेंप्ट टू मोलेस्ट, अटेंप्ट टू हार्म की धाराएं लगती हैं। समझे। मैं समझती हूं। छूकर देखो मुझे। जाकर अपने अफसरों मंत्रियों से वारंट लाओ, ऑर्डर लाओ। महिलाओं को आगे मत करो। मुझे धकेल कर लाए हो। तुम्हारे प्रदेश में यह नहीं चलेगा। देश का कानून चलेगा।

प्रियंका ने कहा- हेलो सीओ साहब ऑर्डर कहां है? ऑर्डर निकालिए। कौन से ऑर्डर से रोका है आपने मुझे। इसमें मुझे बिठाओगे? ये है लीगल स्टेटस तुम्हारा। इस पर सीओ ने पुलिस वालों को आदेश किया कि पहले (प्रियंका गांधी को) तो अरेस्ट करो।'