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अखिलेश पर भड़के पूर्व DGP, बोले-पिता से सियासी लड़ाई जैसी मासूम नहीं होती जमीन पर मुठभेड़, शर्म करिए

लखनऊ। कानपुर में पुलिस टीम के आठ सदस्यों के शहीद होने पर एक कार्टून को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विवादों में आ गये हैं।  अखिलेश ने शुक्रवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर एक कार्टून साझा किया था, जिसमें कानपुर पुलिस के अपराधी को पकड़ने के दौरान उसे चारों तरफ से घेरने की बात कही गई, जिस पर दूसरी ओर से ‘सेम टू यू’ का जवाब दिया गया। अखिलेश का इस कार्टून के जरिए पुलिस पर तंज कसना प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल को रास नहीं आया। 

बृजलाल ने ट्वीट कर दी नसीहत

उन्होंने शनिवार को सपा अध्यक्ष को आड़े हाथों लिया और उन्हें नसीहत दी कि ये मुठभेड़ वैसी नहीं थी, जैसी उन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को हटाकर स्वयं पार्टी अध्यक्ष पद पर कब्जा करके की थी। बृजलाल ने ट्वीट किया कि अखिलेश यादव जी,‘पिता’ से सियासी मुठभेड़ जैसी ‘मासूम’ नहीं होती है जमीन पर मुठभेड़। आप क्या जानें कि कैसे गरीब के लड़के समाज की रक्षा के लिए मुठभेड़ को अंजाम देते हैं, शहीद होते हैं। उन्होंने कहा कि इतना ‘अपराधी प्रेम’ कि पुलिस कर्मियों की  शहादत को भी अपमानित कर डाला। शर्म करिए…

हम बलिदान भूलते नहीं

बृजलाल ने पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद उन पर धोखे से हमला करने वाले अपराधी विकास दुबे और उसके पूरे गैंग के सफाया होने की भी बात कही है।
 
उन्होंने कहा कि 1981 में नथुवापुर थाना अलीगंज एटा में इंस्पेक्टर राजपाल सिंह सहित 9 पुलिस और पीएसी कर्मियों की हत्या राजनैतिक संरक्षण प्राप्त कुख्यात छविराम यादव गैंग ने किया था। परिणामस्वरूप कुछ महीने में छविराम और उसके 14-15 साथियों का सफाया कर दिया गया था। हम बलिदान भूलते नहीं। 
 
उन्होंने कहा कि इसी तरह वर्ष 2007 में कुख्यात ददुवा गैंग का सफाया यूपी एसटीएफ ने किया और उसी दिन उसके गुर्गे ठोकिया ने छह एसटीएफ जवानों को धोखे से हत्या कर दी। परिणामस्वरूप 8-10 महीनों में ही ठोकिया और ददुवा पटेल के सभी गुर्गों का सफाया कर दिया गया। 

विकास दुबे के पूरे गैंग का भी सफाया होगा

पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल के मुताबिक अब कानपुर की घटना के बाद अपराधी विकास दुबे के पूरे गैंग का भी सफाया होगा। उन्होंने कहा कि दबिश देने गई पुलिस टीम को दरअसल यह आभास नहीं था कि विकास दुबे ऐसा दुस्साहस कर सकता है। ऐसे वक्त में और मुश्किल बढ़ जाती है जब पुलिस नीचे और बदमाश ऊपर हों।

यह है मामला

गौरतलब है कि कानपुर में गुरुवार रात शातिर बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कानपुर नगर पहुंचकर शहीद पुलिस जवानों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं। अनेक टीमें गठित की गई हैं। पुलिस मुठभेड़ में 02 अपराधी मारे भी गए हैं। पुलिस जवानों के कुछ असलहे भी बरामद हुए हैं।

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