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Coronavirus

उत्तर प्रदेश में कम हुई कोरोना की रफ्तार

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना की रफ्तार अब पहले की तुलना में धीमी हो गई है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग उत्साहित है। ये स्थिति तब है, जब प्रदेश में 20 प्रयोगशालाओं में कोरोना के नमूनों की प्रतिदिन होने वाली जांच में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इसके बावजूद संक्रमण के मामले कम सामने आ रहे हैं।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, अमित मोहन प्रसाद ने शुक्रवार को बताया कि कोरोना संक्रमण के मामलों में पहले की अपेक्षा कमी दर्ज की गई है। राज्य में 04 मई को संक्रमण के 1939 मामले थे। 05 मई को ये संख्या घटकर 1862 हुई। 06 मई को इसमें और कमी दर्ज की गई तथा संक्रमण के 1831 मामले हो गये। 07 मई को थोड़ा इजाफा हुआ और संख्या 1868 पहुंच गई। लेकिन आज ये संख्या फिर घटकर 1821 हो गई है।

कोरोना से ठीक होने की दर 40.09 प्रतिशत

उन्होंने बताया कि इसी तरह राज्य में बेहतर इलाज की बदौलत मरीज भी तेजी से ठीक हो रहे हैं। मरीजों के ठीक होने की की राष्ट्रीय दर 29.35 प्रतिशत है। वहीं उत्तर प्रदेश में यह 40.09 प्रतिशत है। राज्य में अब तक 1261 मरीज बेहतर इलाज की बदौलत ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। अभी तक कुल 68 जनपदों से कुल 3145 प्रकरण सामने आये हैं। वहीं 63 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है।

373 पूल टेस्टिंग में 18 पूल की रिपोर्ट पॉजिटिव

प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य ने बताया कि इसके साथ ही राज्य में पूल टेस्टिंग लगातारी जारी है। गुरुवार को 373 पूल टेस्टिंग के जरिए 1799 सैम्पल की जांच की गई। इनमें 18 पूल पॉजिटिव और 355 पूल निगेटिव आये।

अभी तक 1,10,534 सैम्पल की हुई जांच

उन्होंने बताया कि प्रदेश में गुरुवार को 4,848 सैम्पल की जांच की गई। निजी एवं सरकारी लैब में की गई जांचों को मिलाकर प्रदेश में अब तक 1,16,030 कोरोना के टेस्ट किये जा चुके हैं। इस समय आइसोलेशन वार्ड में 1885 लोगों को रखा गया है। वहीं क्वारंटाइन फैसिलिटी में मौजूद लोगों की संख्या 9,575 हैं।

दो करोड़ से अधिक लोगों के बीच पहुंची स्वास्थ्य टीम

प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य ने कहा कि कोरोना को नियंत्रित करने के लिए सर्विलांस का काम तेजी से किया जा रहा है। राज्य में स्वास्थ्य विभाग की 60,147 टीमों ने 50,43,903 घरों का सर्वेक्षण किया। इसमें 2,52,15,344 लोगों से सम्पर्क किया गया। लक्षण मिलने पर उनकी जांच करायी गई। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रशिक्षण के बाद अब निजी अस्पताल भी इमरजेंसी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। अब इन अस्पतालों में मरीजों को नॉन कोविड केयर की सुविधा जैसे दिल की बीमारी, गुर्दे-फेफड़े आदि बीमारी से सम्बन्धित इलाज मिल सकेगा। इसलिए अस्पताल सभी सुरक्षा मानकों को अपनाते हुए बिना किसी डर के निर्भय होकर इलाज करें। ऐसे वक्त में ये उनका बहुत बड़ा योगदान होगा।

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