मुख्यमंत्री योगी बोले, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और जनता से मैत्रीपूर्ण व्यवहार करे पुलिस

-कहा, फाॅरेंसिक्स के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव केन्द्र को जल्द भेंजे

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध और अपराधियों के प्रति कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश देते हुए कहा है कि पुलिस को आमजन के प्रति मैत्रीपूर्ण व्यवहार रखते हुए कार्य करना होगा।

पुलिस व होमगार्ड की कार्यप्रणाली के प्रति दृष्टिकोण बदला 

उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुम्भ और प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजनों तथा कोरोना काल के दौरान पुलिस व होमगार्ड्स की कार्यप्रणाली के प्रति आमजन का दृष्टिकोण बदला है। इनकी छवि बेहतर हुई है। इसी कार्यप्रणाली और प्रबन्धन को आगे भी अपनाकर कार्य करते हुए जन अपेक्षाओं पर पुलिस बल को खरा उतरना होगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार प्रदेश की जनता की सुरक्षा हेतु प्रतिबद्ध है।

कोरोना काल के दौरान पुलिस बल के कार्य की हुई सराहना 

मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पर गृह, कारागार प्रशासन एवं सुधार तथा होमगार्ड्स विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान पुलिस बल ने जिस प्रकार से कार्य किया, उसकी सराहना हुई। आरम्भ में जब संसाधन उपलब्ध नहीं थे और सारी गतिविधियां बंद थीं, तब पीआरवी-112 ने होम डिलीवरी का कार्य किया। विभिन्न राज्यों में कार्यरत 40 लाख से अधिक कामगार और श्रमिक प्रदेश में वापस आए तथा अन्य प्रदेशों के लगभग 60 लाख श्रमिक व कामगार यहां से होते हुए अपने-अपने जनपदों में गए, जिनकी व्यवस्था का कार्य पुलिस और होमगाड्र्स ने अच्छे ढंग से किया। इसी प्रबन्धन का सिलसिला आगे भी जारी रखा जाए।

गृह तथा कारागार विभाग के निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से करें पूर्ण 

मुख्यमंत्री ने फाॅरेंसिक्स के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव केन्द्र सरकार को शीघ्र प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गृह तथा कारागार विभाग के तहत चल रहे निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। बजट स्वीकृतियों के सापेक्ष अवशेष कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।

आधुनिक तकनीक अपनाते हुए कार्य करना समय की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा हो। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा फील्ड विजिट किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच हो। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए कार्य किया जाना समय की आवश्यकता है। पुलिस आधुनिकीकरण के कार्यों में शिथिलता व विलम्ब न किया जाए। उन्होंने कहा कि ईओडब्ल्यू, एसआईटी तथा सीबीसीआईडी से सम्बन्धित लम्बित जांच प्रकरणों को शीघ्रता से निस्तारित किया जाए।

मेरिट के आधार पर हो पोस्टिंग, पुलिस कर्मी अच्छे कार्यों के लिए किए जाएं पुरस्कृत

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियोजन द्वारा महिलाओं व बालिकाओं के प्रति किए गए अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे ‘मिशन शक्ति’ तथा महिला सशक्तीकरण को बल मिला है। उन्होंने कहा कि अभियोजन और न्यायालय सम्बन्धी प्रकरणों में प्रभावी पैरवी करते हुए अपराधी को सजा दिलाने का कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि मेरिट के आधार पर पोस्टिंग हो। पुलिस कर्मियों को अच्छे कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में पुलिस लाइन्स नहीं है, वहां पर इनकी स्थापना सम्बन्धी कार्यवाही की जाए।

अव्यवस्था व अराजकता को किसी भी प्रकार की छूट न मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि अव्यवस्था व अराजकता को किसी भी प्रकार की छूट न मिले। समय रहते कार्रवाई हो। छोटी से छोटी घटना पर ध्यान दिया जाए। पीआरवी-112 निरन्तर पेट्रोलिंग करें। अभिसूचना से जानकारी प्राप्त होने पर तुरन्त कार्रवाई हो। संवेदनशील स्थानों पर पूरी सजगता और सतर्कता बरती जाए। अफवाहों को स्थान न मिले। सोशल मीडिया के प्रति निरन्तर सतर्कता रहे। अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित हो। कमजोर वर्गों, महिलाओं व बालिकाओं के प्रति अपराधों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। जेलों में अवस्थापना सुविधाओं के सुधार की कार्यवाही शीघ्रता से हो। जेलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगे।

इस दौरान अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव होमगार्ड्स अनिल कुमार, महानिरीक्षक कारागार आनन्द कुमार ने मुख्यमंत्री जी को विभागीय कार्यों और गतिविधियों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।