धोखाधड़ी कर सरकारी पैसों की बंदरबांट कर रही कैटेलिस्ट कंसल्टिंग कंपनी

सोशल मीडिया हैंडलिंग के नाम पर धोखाधड़ी कर सरकारी धन की बंदरबांट करने के मामले में कैटेलिस्ट कंसल्टिंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगाये गये हैं।
 
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 धोखाधड़ी

 
-प्रकरण की जांच के बाद कंपनी से हो सकती है रिकवरी, विभागीय अधिकारी करवा रहे गोपनीय जांच 
-अनुबंध के तहत गुणवत्ता पूर्ण नहीं कराया जा रहा काम, मनमाने ढंग से हो रही कमीशनखोरी 

नोएडा। सोशल मीडिया हैंडलिंग के नाम पर धोखाधड़ी कर सरकारी धन की बंदरबांट करने के मामले में कैटेलिस्ट कंसल्टिंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगाये गये हैं। इस कंपनी के डायरेक्टर विनीत गुप्ता ने ऊंची पहुंच और बेसिल कंपनी के औहदेदार लोगों से सांठ-गांठ कर न सिर्फ कई सरकारी विभागों व मिनिस्ट्री में काम हासिल किया बल्कि मनमाने ढंग मुनाफाखोरी में जुटे हैं। 
इस मामले में मिनिस्ट्री ऑफ कनज्यूमर अफेयर फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट की तरफ से जांच पड़ताल करवाये जाने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि डिपार्टमेंट की तरफ से सोशल मीडिया हैंडलिंग की जिम्मेदारी ब्रॉडकांस्टिंग इंजीनियरिंग कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड (बेसिल) कंपनी को अनुबंध के तहत सौंपी गई है। लेकिन अपनी पहुंच व सिफारिश के दम पर कैटेलिस्ट कंसल्टिंग कंपनी का बेसिल के साथ गुपचुप तरीके से करार हो गया और बैकडोर से मिनिस्ट्री का सारा काम काज मौजूदा समय में कैटेलिस्ट कंसल्टिंग कंपनी के जरिये कराया जाने लगा।

अनुबंध के तहत तय मानकों के तहत न तो विभाग का काम कराया जा रहा है न ही सोशल मीडिया के लिये स्किल्डि मैनपावर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसको लेकर मिनिस्ट्री के आला अधिकारी काफी नाराज हैं और उन्होंने इस पूरे प्रकरण की विभाग के द्वारा गुप्त जांच करवाने के आदेश दिये हैं। पता लगाया जा रहा है कि आखिर किन मानकों को ध्यान में रखकर कैटेलिस्ट कंसलटिंग को इतने महत्वपूर्ण विभाग का काम करने के लिये अधिकृत किया गया। प्रकरण की जांच के बाद कंपनी के डाइरेक्टर विनीत गुप्ता से रिकवरी भी हो सकती है।

इस तरह हो रही बंदरबांट 
मिनिस्ट्री ऑफ कनज्यूमर अफेयर फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट में सोशल मिडिया स्ट्रेटेजिस्ट और क्रियेटिव एक्सपर्ट के तौर पर बेसिल कंपनी को स्किल्डि मैनपॉवर मुहैया कराया जाना था, जिससे सरकारी योजनाओं व सूचनाओं का बेहतर तरीके से प्रचार प्रसार हो सके।  लेकिन बेसिल ने इन्हीं शर्तों के साथ यह काम कैटेलिस्ट कंसल्टिंग को सौंप दिया। कैटेलिस्ट कंसल्टिंग ने वहां पर ट्रेनी स्टॉफ लगाकर मुनाफाखोरी चालू कर दी। सूत्रों के मुताबिक जिस स्टॉफ के लिये विभाग से लाखों रुपये का भुगतान हो रहा है, उसके लिये कैटेलिस्ट कंपनी के डायरेक्टर विनीत गुप्ता ने मामूली सैलरी पर ट्रेनी लड़के लड़कों को नौकरी पर रखकर काम करवाना शुरू कर दिया । उनको भी समय पर तनख्वाह नहीं दी जाती है, जिससे उन्होंने वहां से नौकरी छोड़ दी। खुलासा हुआ कि जिन लोगों के लिये विभाग से लाखों रुपये का भुगतान लिया जा रहा है उनको बहुत मामूली तनख्वाह पर काम कराया जा रहा था। 

कॉमन स्टॉफ से कई विभागों का काम 
कैटेलिस्ट कंसल्टिंग कंपनी के डायरेक्टर व अधिकारी कॉमन स्टॉफ से एक साथ कई सरकारी विभागों का काम करवाते हैं। इससे विभागों की गोपनीयता भी भंग होती है। इस तरह से सरकारी विभागों के अधिकारियों को गुमराह करके इस कंपनी के जरिये बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जा रही है। एक कर्मचारी को दिखाकर कई सरकारी विभागों से भुगतान कराया जा रहा है। खास बात यह है कि इस मामले में बेसिल कंपनी को भी अंधेरे में रखा गया है और उनके कुछ लोगों की मदद से कमीशनखोरी की जा रही है।