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उत्तर प्रदेश

खाना बांटते-बांटते भीख मांगने वाली लड़की को दिल दे बैठा युवक, रचा ली शादी, देखें तस्वीरें

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कानपुर। एक युवक को लॉकडाउन में खाना बांटने के दौरान भीख मांगने वाली लड़की से प्यार हो गया जहां उसने उससे शादी कर अपना जीवन साथी बना लिया। ये मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर का है।

खाना बांटते-बांटते भीख मांगने वाली लड़की से हुआ प्यार, युवक ने की शादी

लड़की का नाम नीलम है। वह गरीबी के कारण फुटपाथ पर भिखारियों के साथ बैठकर भीख मांगा करती थी। इस दौरान लड़का अनिल अपने मालिक के साथ रोज सबको खाना देने आता था। उसमें नीलम भी शामिल थी। अनिल रोज नीलम के साथ शामिल लोगों को भी खाना देता था।

खाना बांटते-बांटते भीख मांगने वाली लड़की से हुआ प्यार, युवक ने की शादी

अनिल को जब पता चला कि नीलम के पिता नहीं हैं, मां पैरालिसिस से पीड़ित है। भाई और भाभी ने मारपीट कर घर से भगा दिया। तो अनिल को नीलम से प्यार हो गया। अनिल जब दिन में खाना बांटकर आता था, तो अपने मालिक लालता प्रसाद से नीलम के बारे में बातें करता। लालता भी उसकी भावना समझ गए।

खाना बांटते-बांटते भीख मांगने वाली लड़की से हुआ प्यार, युवक ने की शादी

इसके बाद लालता प्रसाद ने अनिल के पिता को शादी के लिए राजी किया। फिर युवक ने नीलम के साथ सात फेरे लेकर उसकी मांग भरी और सात जन्मों के लिए उसे अपनी दुल्हन बना लिया। सामाजिक सोच बदलने वाली इस शादी के बारे में जिसने भी सुना वो हैरान रह गया।

खाना बांटते-बांटते भीख मांगने वाली लड़की से हुआ प्यार, युवक ने की शादी

क्या बोले अनिल के मालिक लालता प्रसाद

लालता प्रसाद का कहना है कि अनिल खाना बांटने हमारे साथ जाता था फिर उसे उस लड़की से लगाव हो गया। मुझसे इस बारे में अनिल ने चर्चा की तो मैंने इसे रात में भी खाना देने को कहा। फिर अनिल खुद खाना बनाकर देने जाने लगा। इसके बाद मैंने अनिल के पिता को राजी किया फिर दोनों की शादी करवा दी।  भगवान की कृपा से दोनों बेटा-बेटी खुश हैं।

अनिल एक प्रापर्टी डीलर के यहां ड्राइवर है उसका अपना घर है। माता-पिता, भाई सब हैं, जबकि नीलम की जिंदगी फुटपाथ पर भीख मांगकर चलती थी। उसे तो ये भी उम्मीद ही नहीं थी कि कोई उससे भी शादी कर सकता है।

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उत्तर प्रदेश

औरैया में लावारिस हालत में मिली कार, अंदर मिले खून के छीटों से शक गहराया, कानपुर में भी तीन गाड़ियां बरामद

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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रविवार की सुबह औरैया दिबियापुर मार्ग पर एक नीले रंग की  लावारिस  कार मिली हैं। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के समक्ष का कार को खोला और महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिये। कार के बाहर एक चप्पल और ड्राइविंग सीट पर एक चप्पल पड़ी हुई थी जबकि ड्राइविंग सीट के नीचे एक खून से सना हुआ कागज भी पड़ा हुआ था। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और मामले की खोजबीन करने में जुट गई।

लखनऊ नम्बर की एक कार जो रविवार की सुबह करीब आठ बजे से औरैया दिबियापुर मार्ग पर स्थित एक गेस्ट हाउस के पास खड़ी हुई थी। काफी देर तक उसमें कोई भी हलचल नहीं हुई तो लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
 
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने गाड़ी का नम्बर डालकर उसके मालिक का पता लगाया। जिसका नाम अमित दुबे पुत्र कमलेश दुबे निवासी लखनऊ दिखाया गया। इसके बाद पहुंची फॉरेंसिक टीम ने कार की जांच पड़ताल की तो उसमें कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। कार में एक बच्चे का आईडी कार्ड भी मिला जिसमें लखनऊ जयपुरिया स्कूल का पता लिखा हुआ था। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि अमित दुबे कानपुर देहात के तिलकपुर लक्ष्मणपुर का मूल निवासी है और रात को वह वहां गया हुआ था।

मगर अमित के पिता द्वारा बताया गया कि वह शनिवार की रात को आगरा से निकला था। अब लोगों द्वारा बताई गई बात व उसके पिता द्वारा दी गई जानकारी में भिन्नता पाई जा रही है। वहीं, अचानक बढ़ी पुलिस की सक्रियता को देखते हुए मामला कोई बड़ा प्रतीत होने लगा है। कार को जब कोतवाली ले जाया गया उसके उपरांत पहुंचे सीओ व अपर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कोतवाली में फोर्स को बुलाया और सभी को असलहा व बुलेट प्रूफ जैकेट से लैस होकर टीमें बनाकर दबिश देने के लिए भेज दिया गया है।

इस संबंध में जब पुलिस से जानकारी करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी और कहा कि जब कोई ठोस जानकारी मिल जाएगी तो जरूर अवगत कराया जाएगा।  अचानक बढ़ी पुलिस की सक्रियता को देखते हुए लोगों में अब संदेह होने लगा है कि कहीं मामला कोई और तो नहीं। फिलहाल पुलिस टीमें गाड़ियों व बाइकों पर सवार होकर असलहो से लैस रवाना हो गए हैं।

 
इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने बताया कि अमित दुबे की कार औरैया दिबियापुर मार्ग पर संदिग्ध अवस्था में खड़ी पाई गई थी। उनके परिजन भी कोतवाली पहुंच गए हैं और अमित की तलाश के लिए टीमें गठित कर उनकी खोज कराई जा रही है।  

कानपुर में भी बरामद हुई तीन लक्जरी गाड़ियां

कानपुर में बरामद हुई तीन लग्जरी गाड़ियां।

औरैया में कार के लावारिस हालत में मिलने के बाद अभी पुलिस इसकी जांच कर ही रही थी कि कानपुर में भी भी तीन लग्जरी गाड़ियां लावारिस हालत में मिली हैं। बताया जा रहा है कि देर रात तीन लग्जरी गाड़ियां खड़ी कर युवक गायब हो गया है। ये सभी गाड़ियां विजयनगर तिराहे से 20 मीटर पहले बरामद की गई हैं। हुंडई वरना, ऑडी ए, टोयोटा फॉर्च्यूनर लग्जरी गाड़ियां काले रंग की हैं। बिना नंबर की लावारिस मिली इन गाड़ियों की अब पुलिस जांच कर रही है। यह गाड़ियां समाजसेवी जय बाजपेई की बताई जा रही हैं।

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उत्तर प्रदेश

सनसनीखेज खुलासा : चौबेपुर थाने से आया था विकास दुबे को फोन, सभी पुलिसवालों को मारने की थी तैयारी

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मुठभेड़ में गिरफ्तार विकास दुबे के नौकर ने पुलिस भेदिये पर लगाई मुहर

चौबेपुर थाना से फोन आने पर विकास ने बुलवाया था 50 असलहाधारी बदमाश

कानपुर। सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों के शहीद होने के बाद से हर व्यक्ति लगातार यही कयास लगा रहा था कि कोई न कोई पुलिस भेदिया जरुर है। देर रात पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर व घटना का मुख्य अभियुक्त विकास दुबे का नौकर भी इस बात पर मुहर लगा दी। प्राथमिक पूछताछ पर उसने बताया कि पुलिस दबिश की जानकारी विकास को चार घंटे पहले ही हो गयी थी और यह जानकारी थाना पुलिस ने दी थी। नौकर ने कहा कि थाना पुलिस की लापरवाही से आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गये।

चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरु गांव में गुरुवार की देर रात बिल्हौर सीओ देवेन्द्र मिश्रा की अगुवाई में तीन थाना क्षेत्र का फोर्स शातिर अपराधी व हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गया था। अपराधी ने गांव के मुख्य रास्ते को जेसीबी लगाकर रोक दिया था और जैसे ही पुलिस टीम पैदल गांव में प्रवेश की तो बदमाशों ने गोलीबारी करके सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों को शहीद कर दिया। इस वारदात के बाद से ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के द्वारा लगातार यह कयास लगाया जा रहा था कि कोई न कोई पुलिस भेदिया है जो पुलिस कार्रवाई की जानकारी विकास दुबे को दी। इसी के चलते वह सतर्क हो गया और घटना को अंजाम दिया। इस कयास की पुष्टि उस समय रविवार को हो गयी जब देर रात पुलिस मुठभेड़ में घायल विकास दुबे के नौकर दयाशंकर अग्निहोत्री को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान एसटीएफ ने उससे सघन पूछताछ की।

चार घंटे विकास ने की थी तैयारी, सबको कफन में भेजने की कह रहा था बात

नौकर ने बताया कि घटना के दिन घर पर विकास अकेले था और घर में मेरे लाइसेंसी असलहा के अलावा कोई भी असलहा नहीं था। करीब आठ बजे चौबेपुर थाना से एक फोन आया और पुलिस दबिश की बात कही गयी। इस पर विकास फोन से अपने साथियों को बुलाने लगा और मुझे कमरे में बंद करके मेरा लाइसेंसी असलहा लेकर बाहर चला गया। करीब डेढ़ घंटा बाद विकास वापस आया तो उसके साथ करीब 50 असलहाधारी थे। रात साढ़े बारह बजे पुलिस टीम पहुंचने से पहले उसके पास बराबर थाना पुलिस और अन्य लोगों के फोन आते रहे। फोन बंद होने पर विकास एक ही बात कहता रहा कि आने दो सभी को कफन में भिजवाऊंगा, ताकि दोबारा पुलिस कभी दबिश की जुर्रत न कर सके। नौकर ने बताया कि विकास ने करीब चार घंटे तक पूरी तैयारी की और असलहाधारी बदमाशों को अलग-अलग जगहों पर बैठाया। इसके बाद जैसे ही पुलिस टीम पहुंची तो उन पर फायरिंग की गयी और आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गये। उसने कहा कि अगर थाना पुलिस जानकारी न देती तो इतनी बड़ी घटना न होती।  

कल्याणपुर से गिरफ्तार हुआ दयाशंकर

कल्याणपुर पुलिस ने देर रात विकास दुबे के नौकर दयाशंकर अग्निहोत्री उर्फ कल्लू को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। वह वारदात के बाद से फरार था और कल्याणपुर के आसपास सक्रिय रहता था। यहीं पर विवादित जमीनों के कारोबार में विकास दुबे का साथ देता था, उसपर कल्याणपुर थाने में तीन मुकदमे दर्ज हैं। दो मुकदमे हत्या के प्रयास और एक मुकदमा आर्म्स एक्ट का है। पुलिस के मुताबिक कल्लू की लोकेशन जवाहरपुरम पुलिया के पास मिली। इसके बाद पुलिस टीमों ने घेराबंदी की तो कल्लू ने भागने का प्रयास किया। बचने के लिए उसने पुलिस पर फायरिंग की तो पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए उसे पकड़ लिया। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि मुठभेड़ में दयाशंकर अग्निहोत्री को गिरफ्तार कर लिया गया है, उसके बाएं पैर में गोली लगी है। उससे पूछताछ करके विकास दुबे के बारे में भी अन्य जानकारियां हासिल की जा रही हैं।

बचपन से विकास के घर पर रहता है दयाशंकर

बता दें कि देर रात पुलिस ने विकास दुबे के साथ रहने वाले दयाशंकर को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि दयाशंकर के पैर में गोली लगी है। पुलिस से पूछताछ में उसने बताया कि उसके परिवार को दो बेटियां और पत्नी है। पत्नी का नाम रेखा दो बेटियां मुस्कान और महक है। पूछताछ के दौरान दयाशंकर ने बताया कि तीन साल की उम्र में ही उसके माता-पिता का निधन हो गया था,  जिसके बाद से उसे विकास दुबे के माता-पिता ने पाला और शादी विवाह कराया। वह उनके घर में रहकर खाना बनाने और पशुओं को चारा पानी करने का काम करता था।

विकास पर हुआ एक लाख रुपये का इनाम

कानपुर जोन के एडीजी जय नरायन सिंह ने बताया कि विकास दुबे पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था जिसे अब बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं आइजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस वालों के सामूहिक हत्याकांड के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित विकास दुबे के अलावा उसके दस साथियों को नामजद और 60-70 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने मुठभेड़ में अतुल दुबे और प्रेम कुमार पांडेय को मार गिराया था। दोनों अभियुक्त नाजमद थे। आईजी ने बताया कि अब तक ज्ञात अन्य बदमाशों की संख्या 21 हो गयी है, जिनमें दो मारे गये और एक मुठभेड़ में पकड़ा गया। 18 चिन्हित बदमाशों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।  

शक के घेरे में कानपुर चौबेपुर थाना, सबूत मिले तो पुलिसवालों पर हत्या का केस

कानपुर आईजी मोहित अग्रवाल का कहना कि विकास दुबे के सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, और जल्द ही सफलता हासिल होगी। उन्होंने कहा कि अभी पूरा चौबेपुर थाना शक के घेरे में है। कितने पुलिसकर्मियों ने विकास दुबे से बात की, इस मामले की जांच चल रही है। मोहित अग्रवाल ने कहा कि अगर किसी पुलिस कर्मी की भूमिका सामने आई तो उसे किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, उन पर पुलिसकर्मियों की हत्या करने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी, 307 का मुक़दमा दर्ज़ किया जाएगा और बर्ख़ास्त भी होंगे।

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उत्तर प्रदेश

कानपुर कांड के बाद एक्शन में CM योगी, माफियाओं की हिट लिस्ट तैयार, मुख्तार-अतीक सहित कई बड़े नाम

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमले के बाद पूरा देश आक्रोश में है। प्रदेश से माफिया के खात्मे के लिए योगी सरकार ने माफियाओं की हिट लिस्ट तैयार करने को कहा है। जिस पर प्रशासन ने टॉप मोस्ट माफिया और गैंगस्टर पर लगाम लगाने की योजना तैयार कर ली है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को यूपी के माफियाओं की सूची जारी की है। जिनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। यह सूची यूपी एसटीएफ के इनपुट और रिपोर्ट के आधार पर लखनऊ स्थित डीजीपी कार्यालय से जारी की गई है।
यूपी पुलिस की लिस्ट में प्रदेश के शूटरों, बदमाशों समेत कई बाहुबली राजनेताओं के नाम दर्ज हैं। इस सूची में मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, अनिल भाटी व अनिल दुजाना सहित कई बड़े नाम शामिल हैं।
जिला गौतमबुद्ध नगर के छह गैंगस्टर सुंदर भाटी,अनिल भाटी, सिंह राज भाटी,अमित कसाना,अंकित गुर्जर, अनिल दुजाना के नाम शामिल हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने लखनऊ से आदेश मिलने के तुरंत बाद एक्शन शुरू कर दिया है। शनिवार को सुंदर भाटी की संपत्तियों कुर्क करने की कार्रवाई की गई। उसके भतीजे अनिल भाटी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पूरे प्रदेश में जिला गौतमबुद्ध नगर में ही सबसे ज्यादा गैंगस्टर सक्रिय हैं। ये छह बदमाश जिसने पुलिस के नाक में कर रखा है दम?

सुंदर भाटी

सुंदर भाटी अभी हमीरपुर के जेल में बंद है। सुंदर भाटी के खिलाफ लूटपाट,हत्या, अपहरण, वसूली समेत दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। विकास दुबे की तरह ही कई मुकदमों में सुंदर भाटी को गवाह और सबूत नहीं मिलने के कारण मुकदमे से क्लीनचिट भी से दिया गया था। गौतमबुद्ध नगर में संगठित अपराध का जनक सुंदर भाटी उर्फ नेताजी को माना जाता है। शनिवार की शाम गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने सुंदर भाटी की अवैध संपत्तियों को कुर्क किया था।

अनिल भाटी

अनिल भाटी सुंदर भाटी का भतीजा है। अनिल भाटी पर शनिवार को गौतम बुध नगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने 25 हजार का इनाम भी घोषित किया है। एक ट्रांसपोर्टर से रंगदारी मांगने के मामले में वह फरार चल रहा है। साल पहले अनिल भाटी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता शिव कुमार की हत्या की थी। इस मामले में उसे हाई कोर्ट से जमानत नहीं मिली थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से जमानत हासिल करके वह जेल से बाहर आ गया था।

सिंह राज भाटी

सुंदर भाटी का हि भाई सिंह राज भाटी है। वह अभी फैजाबाद के जेल में बंद है। सिंह राज ग्रेटर नोएडा में दनकौर थाना अंतर्गत गांव रामपुर माजरा का रहने वाला है। पुलिस ने करीब 2 साल पहले उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था। सिंह राज की गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से पुलिस ने बुलेट प्रूफ फॉर्च्यूनर कार और एके-47 बरामद की गई थी।

अनिल दुजाना

अनिल दुजाना उर्फ़ अनिल नागर भी उत्तर प्रदेश पुलिस की हिट लिस्ट में शामिल है। अनिल दुजाना ग्रेटर नोएडा के दुजाना गांव का रहने वाला है। अनिल दुजाना पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, बलवा, रंगदारी, अपहरण, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और एनएसए जैसे 50 मुकदमे दर्ज हैं। अनिल दुजाना को अभी महाराजगंज जिला कारागार में कैद है। अनिल दुजाना जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुका है, और जीत भी गया था। बिल्डरों प्रॉपर्टी डीलर और उद्यमियों से रंगदारी वसूल करने के लिए अनिल दुजाना कुख्यात है।

अमित कसाना

अमित कसाना गाजियाबाद के लोनी थाना अंतर्गत रिसतल गांव का रहने वाला है। लेकिन अमित जिला गौतमबुद्ध नगर में सक्रिय है।

अंकित गुर्जर

अंकित गुर्जर जारचा थाना अंतर्गत लतीफपुर गांव का रहने वाला है। अभी वह महाराजगंज की जिला जेल में कैद है। अंकित गुर्जर के खिलाफ करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं। उसे सुंदर भाटी गैंग का विरोधी माना जाता है। अंकित गुर्जर इतना शातिर है कि अब तक दो बार पुलिस की हिरासत से फरार भी हो चुका है।

सूची में इनके नाम

सूची में लखनऊ के लल्लू यादव, सोहराब व रुस्तम का भी नाम सूत्रों के अनुसार हिट लिस्ट मे मऊ के बाहुबली नेता और बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी, प्रयागराज के बाहुबली नेता अतीक अहमद और गौतमबुद्ध नगर के अनिल भाटी का नाम भी शामिल है। यूपी पुलिस की इस हिट लिस्ट में कुल 25 नाम हैं। इनमें बाकायदा अपराधी का नाम, पता लिखा गया है, इसके अलावा अपराधी किस जेल में बंद है या फिर जमानत पर बाहर है ये भी लिखा हुआ है। इस हिट लिस्ट को एसटीएफ से मिली जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसके अलावा हिट लिस्ट में उमेश राय, त्रिभुवन सिंह, खान मुबारक, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद सोहराब,मोहम्मद रुस्तम, बृजेश कुमार सिंह, सुभाष सिंह ठाकुर, ध्रुव कुमार सिंह,मुनीर,संजीव महेश्वरी, सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, सिंह राज भाटी, सुशील, अंकित गुर्जर, अमित कसाना, आकाश जाट, ऊधम सिंह, योगेश भदौड़ा, अजीत उर्फ हप्पू, लल्लू यादव, अजय सिंह, रमेश सिंह, संजीव द्विवेदी, मुलायम यादव, राजेश यादव, बच्चा पासी, दिलीप मिश्रा और ओम प्रकाश श्रीवास्तव का नाम शामिल है। बता दें कि कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुए हमले के बाद योगी सरकार ने अपराधियों से निपटने का मूड बना लिया है।
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