UP Election: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जमकर की योगी-मोदी की तारीफ, सीट बंटवारें पर कही ये बात

बांदा। यूपी में विधानसभा चुनाव 2022 के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। न सिर्फ भाजपा बल्कि भाजपा के सहयोगी दल भी अपनी चुनावी स्थिति मजबूत करने में जुट गए हैं। यूपी के बांदा में अपना दल कोटे से केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने विजय संकल्प रैली की है, इसके साथ ही अपना दल से मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भारतीय जनता पार्टी की योगी और मोदी सरकार को देश और प्रदेश के लिए जरूरी बताया है।

 
anu
UP Election: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जमकर की योगी-मोदी की तारीफ, सीट बंटवारें पर कही ये बात

बांदा। यूपी में विधानसभा चुनाव 2022 के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। न सिर्फ भाजपा बल्कि भाजपा के सहयोगी दल भी अपनी चुनावी स्थिति मजबूत करने में जुट गए हैं। यूपी के बांदा में अपना दल कोटे से केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने विजय संकल्प रैली की है, इसके साथ ही अपना दल से मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भारतीय जनता पार्टी की योगी और मोदी सरकार को देश और प्रदेश के लिए जरूरी बताया है।

भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी पार्टी अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल आज बांदा पहुंची, जहां उन्होंने बांदा के नरैनी में एक जनसभा को संबोधित किया। विजय संकल्प के नाम से यह रैली अपना दल ने आयोजित की थी जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर अपना दल ने अपना दावा मजबूत करने में जुटी है। रैली में भारी भीड़ देखकर अनुप्रिया पटेल भी उत्साहित हैं और भारतीय जनता पार्टी सरकार की तारीफ करते नहीं थकी। 

मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने टिकट बंटवारे को लेकर कुछ खास नहीं कहा और बुंदेलखंड को खासकर भाजपा सरकार में विकास की ओर अग्रसर बताया, सपा मुखिया अखिलेश यादव के सरदार पटेल की तुलना जिन्ना से करने पर उन्होंने इस को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और इसे महापुरुषों का अपमान बताया तो वही प्रियंका गांधी के महिला आरक्षण वाले मुद्दे पर वह सहमत नजर आयीं। प्रियंका गांधी के महिला आरक्षण के सवाल पर उनका कहना था कि यह बिल्कुल अच्छी बात है और होना चाहिए लेकिन कांग्रेस को पहले काँग्रेस शासित राज्यों में इस को शुरू करना चाहिए, इसके साथ ही जातिगत जनगणना पर वह सहमत दिखाई दी। अनुप्रिया पटेल का कहना था कि जातिगत जनगणना बेहद जरूरी है और वह इसका समर्थन करती हैं क्योंकि जातिगत आंकड़ों के बगैर किसी भी जाति का उद्धार पूरी तरह से संभव नहीं है।