"आतंक" के खिलाफ विरोध का आखिरी किला भी ढहा, तालिबान का पंजशीर पर कब्जे का दावा

आखिरकार वही हुआ जिसका डर था। आतंक के विरोध प्रतीक बनी पंजशीर घाटी पर तालिबान का कब्जा हो गया।
 
 Taliban
पंजशीर पर तालिबान का कब्जा

नई दिल्ली। आखिरकार वही हुआ जिसका डर था। आतंक के विरोध प्रतीक बनी पंजशीर घाटी पर तालिबान का कब्जा हो गया। तालिबान ने सोमवार को ऐलान किया है कि अब तक अजेय रहा पंजशीर प्रांत पूरी तरह उसके कब्जे में है। तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह ने एक बयान जारी कर कहा कि इस जीत से हमारा देश पूरी तरह से युद्ध के दलदल से निकल चुका है। उधर तालिबान के इस दावे को रेजिस्टेंस फोर्स ने गलत बताया है और कहा है कि पंजशीर घाटी में जंग जारी रहेगी।


बता दें कि 15 अगस्त को काबुल पर कब्जे के बाद से अब तक पंजशीर ही अफगानिस्तान का अकेला प्रांत था, जो तालिबान के नियंत्रण में नहीं था। एक समाचार एजेंसी के मुताबिक रविवार रात हजारों तालिबानी लड़ाकों ने पंजशीर के आठ जिलों पर कब्जा किया। 

पंजशीर में रेजिस्टेंस फोर्सेज के ठिकानों पर रविवार को हवाई हमले किए गए थे। अफगानी मीडिया की खबरों के मुताबिक यह हमले पाकिस्तानी पायलट्स ने किए थे। पंजशीर में रजिस्टेंस के प्रमुख नेता और देश के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह जिस घर में ठहरे थे, रविवार को उस पर हेलिकॉप्टर से हमला हुआ। इसके बाद सालेह ताजिकिस्तान चले गए।