टाटा के एयर इंडिया को खरीदने की खबर को सरकार ने किया खारिज, कहा- मीडिया रिपोर्ट गलत, अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है

एअर इंडिया को खरीदने के लिए टाटा ग्रुप की बोली मंजूर होने की खबर को सरकार ने खारिज कर दिया है।
 
tata and air india deal
एयर इंडिया

नई दिल्ली। एअर इंडिया को खरीदने के लिए टाटा ग्रुप की बोली मंजूर होने की खबर को सरकार ने खारिज कर दिया है। सरकार ने कहा है कि इस बारे में मीडिया रिपोर्ट्स गलत हैं, अभी कुछ तय नहीं किया गया है। जब भी इस बारे में कुछ फैसला होगा उसकी जानकारी मीडिया को दे दी जाएगी।

डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट के सचिव ने बताया है कि मीडिया रिपोर्ट गलत हैं। सरकार के निर्णय के बारे में मीडिया को सूचित किया जाएगा। बता दें कि DIPAM वित्त मंत्रालय के अधीन आता है। 

इससे पहले ब्यूमबर्ग रिपोर्ट में कहा गया था सरकार ने टाटा संस की बोली को मंजूर कर लिया है। टाटा ग्रुप ने स्पाइस जेट के चेयरमैन अजय सिंह से ज्यादा की बोली लगाई थी। 

 रिपोर्ट में ये भी कहा गया था कि मंत्रियों के एक पैनल ने एयरलाइन के अधिग्रहण के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। आने वाले दिनों में एक आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है। हांलाकि अभी नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

अगर ऐसा हुआ है तो कर्ज में डूबी सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन एयर इंडिया एक बार फिर टाटा ग्रुप के हाथों में चली जाएगी। दरअसल, एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की आखिरी तिथि 15 सितंबर थी। इस एयरलाइन के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों में टाटा संस भी शामिल थी। 

बता दें कि आपको बता दें कि जे आर डी टाटा ने 1932 में टाटा एयर सर्विसेज शुरू की थी, जो बाद में टाटा एयरलाइंस हुई और 29 जुलाई 1946 को यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी हो गई थी। 1953 में सरकार ने टाटा एयरलाइंस का अधिग्रहण कर लिया और यह सरकारी कंपनी बन गई। अब एक बार फिर टाटा ग्रुप की टाटा संस ने इस एयरलाइन में दिलचस्पी दिखाई है। अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है कि टाटा ने बोली जीत ली है तो करीब 70 साल बाद एक बार फिर एयर इंडिया टाटा ग्रुप के पास  आ जाएगी। टाटा संस की ग्रुप में 66 फीसदी हिस्सेदारी है, और ये टाटा समूह की प्रमुख स्टेकहोल्डर है।