भारतीय नौसेना में शामिल हुआ आईएनएस विशाखापत्तनम, आधुनिक टेक्नोलॉजी से युक्त है पोत

भारत में थल सेना, वायु सेना के साथ ही अब नौसेना की शक्ति बढ़ा दी गयी है। आज यानी रविवार को नौ सेना को आईएनएस (INS) विशाखापट्टनम मिल गया है। दरअसल, विध्वंसक आईएनएस (INS) विशाखापट्टनम नौ सेना के बाड़े में शामिल हो गया है।
 
नौसेना की ताकत में इजाफा, सेना को मिला आईएनएस विशाखापत्तनम  

नई दिल्ली। भारत में थल सेना, वायु सेना के साथ ही अब नौसेना की शक्ति बढ़ा दी गयी है। आज यानी रविवार को नौ सेना को आईएनएस (INS) विशाखापट्टनम मिल गया है। दरअसल, विध्वंसक आईएनएस (INS) विशाखापट्टनम नौ सेना के बाड़े में शामिल हो गया है। इसके शामिल होने से भारतीय नौ सेना की ताकत और भी ज्यादा बढ़ोतरी हो गया है। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि आईएनएस (INS)  विशाखापट्टनम अपने नाम को सार्थक करते हुए हमारी समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगा। उन्होनें कहा कि वह पोत पूरी तरह स्वदेशी है। इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता कि आने वाले समय में हर अपनी ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समुद्री जरूरतों को पूरा करेंगे। 

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह युद्धपोत 163 मीटर लंबा है। उन्होंने बताया कि यह पोत आधुनिकतम तकनीकों से युक्त है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक सेंसर और हथियारों के साथ यह युद्धपोत दुनिया के सबसे आधुनिक मिसाइल डिस्ट्रॉयर में से एक होगा। रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि इसके निर्माण में प्रयोग किए गए फीचर्स न केवल आज की, बल्कि भविष्य की जरूरतों पर भी खरे उतरने वाले हैं। इसका सेना में शामिल होना भारत की पुरातन और मध्यकालीन समुद्री ताकत और उसके गौरवमयी इतिहास को दर्शाता है।  

आईएनएस विशाखापत्तनम की खासियत 

आईएनएस(INS) विशाखापट्टनम को मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड में बनाया गया है. इस युद्धपोत की सबसे खास बात है कि 75 फीसदी हिस्सा पूरी तरह से स्वदेशी है. आने वाले सालों में इस क्लास के तीन और युद्धपोत 35,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाएंगे।

INS विशाखापट्टनम 163 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा है. इसका वजन 7,400 टन है. ये युद्धपोत काफी आधुनिक है. ये भारत में निर्मित सबसे लंबा विध्वंसक युद्धपोत हैं जिसपर 50 अधिकारी सहित करीब 300  नौसैनिक तैनात किए जा सकते हैं.

कई सालों तक अलग-अलग परीक्षणों से गुजरने के बाद दुश्मनों का विनाशक INS विशाखापट्टनम अब नौसेना में शामिल होने के लिए तैयार है. इस जंगी जहाज पर कई आधुनिक हथियार तैनात किए गए हैं. INS विशाखापट्टनम पर स्वदेशी एंटी शिप ब्रह्मोस मिसाइल तैनात की गई है. इस पर तैनात मिसाइल 70 किलोमीटर की दूरी से हवा में उड़ रहे दुश्मन के फाइटर जेट को बर्बाद कर सकती है.

आईएनएस विशाखापट्टनम ऑटोमिक, बायोलॉजिकल और केमिकल हमलों के दौरान ना सिर्फ अपना सीना चौड़ा करके खड़ा रह सकता है बल्कि समुद्र में एक किलोमीटर की गहराई में सबमरीन में छिपे दुश्मनों की कब्र भी खोद सकता है. और यही वजह है कि ये नौसेना को सबसे बड़ी ताकत और जरूरत है.