इंदौर: ब्लैक में रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचते लैब टेक्नीशियन गिरफ्तार

रेमडेसिविर इंजेक्शन
रेमडेसिविर इंजेक्शन
इंदौर । कोरोना संकट गहराने के साथ-साथ रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी भी जारी है। एक दिन पहले पुलिस ने ऐसे ही मामले में एक नर्स, डॉक्टर और एमआर को गिरफ्तार किया था। कनाड़िया क्षेत्र में सोमवार को पकड़ा गया लैब टेक्नीशियन 52 हजार रुपये में रेमेडेसिविर के दो इंजेक्शन बेच रहा था।
थाना प्रभारी राजीव भदौरिया ने बताया कि पीड़ित ने रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेचे जाने की शिकायत की थी। पुलिस ने घेराबंदी करके सोमवार सुबह पंजाब राव निवासी आजादनगर को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया युवक नोबल लैब में टेक्नीशियन है। पीड़ित व्यक्ति से 52 हजार रुपए में 2 इंजेक्शन देने की बात हुई थी। इसके पहले रविवार को बापट चौराहा स्थित बारोड़ हॉस्पिटल के आईसीयू में कार्यरत नर्स कविता चौहान 70 हजार रुपए में दो इंजेक्शन बेचते रंगे हाथों पकड़ी गई थी। उसके दो साथी रेमडेसिविर निर्माता कंपनी जेडेक्स में एमआर शुभम पिता पुरुषोत्तम परमार व उसके भाई बीएचएमएस डॉक्टर भूपेंद्र पिता पुरुषोत्तम परमार भी गिरफ्तार किए गए थे।