Lakhimpur Kheri violence : योगी सरकार की स्टेटस रिपोर्ट से सुप्रीम कोर्ट नाराज

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri violence) मामले में योगी सरकार की स्टेटस रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है।
 
Lakhimpur Kheri Violence Case and suprem court pic
Lakhimpur Kheri violence- Supreme court

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri violence) मामले में योगी सरकार की स्टेटस रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court ) ने नाराजगी जताई है। जांच की प्रगति से नाखुश शीर्ष अदालत ने कहा कि यह हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर स्टेटस रिपोर्ट में यह कहने के अलावा कुछ भी नहीं है कि और गवाहों से पूछताछ की गई है। 

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court ) ने लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri violence) मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में कराने का सुझाव दिया और उत्तर प्रदेश सरकार से शुक्रवार तक अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। बता दें कि लखीमपुर खीरी केस में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे।

सुप्रीम कोर्ट  (Supreme court ) ने फटकार लगाते हुए यूपी सरकार से पूछा कि केवल आशीष मिश्रा का फोन ही क्यों जब्त किया गया है और दूसरों के क्यों नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि केस में सबूतों का कोई घालमेल न हो, हम मामले की जांच की निगरानी के लिए एक अलग उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज को नियुक्त करने के इच्छुक हैं।

शीर्ष अदालत ने सुझाव दिया कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन (सेवानिवृत्त) या न्यायमूर्ति रंजीत सिंह (सेवानिवृत्त) लखीमपुर खीरी जांच की देखरेख कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट  (Supreme court ) ने लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri violence) मामले में अलग-अलग एफआईआर में गवाहों की मिलीभगत पर असंतोष व्यक्त किया और चल रही जांच की निगरानी के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश को नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा।