लखीमपुर खीरी हिंसा केस : किसानों और यूपी सरकार में समझौता, मृतकों परिवारों को 45-45 लाख रुपये, सरकारी नौकरी भी मिलेगी

लखीमपुर खीरी जिले में हुई हिंसा के मामले में किसानों और  यूपी सरकार में समझौता हो गया है। इसके सभी मृतक किसानों के परिवार को  45-45 लाख रुपये व घायलों को 10-10 लाख रुपये कह आर्थिक सहायता दी जाएगी।
 
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लखीमपुर खीरी हिंसा 

लखनऊ। लखीमपुर खीरी जिले में हुई हिंसा के मामले में किसानों और  यूपी सरकार में समझौता हो गया है। इसके सभी मृतक किसानों के परिवार को  45-45 लाख रुपये व घायलों को 10-10 लाख रुपये कह आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं मामले की न्यायिक जांच होगी, इसके अलावा परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी। 

इससे पहले  किसानों से मिलने लखीमपुर खीरी के लिए निकलीं कांग्रेस की राष्अ्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सीतापुर पुलिस ने हरगांव में सुबह 4 बजे हिरासत में ले लिया। वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिंसाग्रस्त जिले जाने से रोक दिया गया जिसके विरोध में सपा मुखिया अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। 

कुछ देर बाद अखिलेश को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सपा के सैकड़ों समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। इस बीच गौतमपल्ली थाने के पास कुछ अराजक तत्वों ने एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया।

उधर प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव को इंजीनियरिंग कॉलेज , जानकीपुरम के पास प्रशासन ने रोका। शिवपाल यादव कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में, पुलिस लाइन ले जाया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे पर हत्या का केस
लखीमपुर में हुई हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 14 लोगों पर हत्या, आपराधिक साजिश और बलवे का केस दर्ज हुआ है। यह केस बहराइच के नानपारा के रहने वाले जगजीत सिंह की तहरीर पर तिकुनिया थाने में लिखा गया है। लखीमपुर खीरी में रविवार को किसान आंदोलन के बीच भड़की हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, सोमवार सुबह एक पत्रकार का शव भी बरामद हुआ है। इसको मिलाकर अब तक मरने वालों की संख्या 9 हो गई है।