Kamal Khan Death: नहीं रहे यूपी के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान, देर रात तक की रिपोर्टिंग, सुबह अचानक हो गई मौत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। 61 साल के कमाल खान ने देर रात तक रिपोर्टिंग की, लेकिन सुबह अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और हार्टअटैक से निधन हो गया। कमाल खान के निधन खबर फैलते पत्रकारों समेत उनके चाहने वाले लोगों में शोक की लहर डूब गई। बता दें, वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान बीते तीन दशकों से पत्रकारिता में थे। कमाल खान NDTV में एग्जिक्यूटिव एडिटर के पोस्ट पर थे। वे लखनऊ समेत देश के अन्य इलाकों से विभिन्न मुद्दों पर रिपोर्टिंग भी करते थे।

 
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Kamal Khan Death: नहीं रहे यूपी के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान, देर रात तक की रिपोर्टिंग, सुबह अचानक हो गई मौत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। 61 साल के कमाल खान ने देर रात तक रिपोर्टिंग की, लेकिन सुबह अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और हार्टअटैक से निधन हो गया। कमाल खान के निधन खबर फैलते पत्रकारों समेत उनके चाहने वाले लोगों में शोक की लहर डूब गई। बता दें, वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान बीते तीन दशकों से पत्रकारिता में थे। कमाल खान NDTV में एग्जिक्यूटिव एडिटर के पोस्ट पर थे। वे लखनऊ समेत देश के अन्य इलाकों से विभिन्न मुद्दों पर रिपोर्टिंग भी करते थे।

यूपी के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान के निधन पर राजनेताओं ने भी शोक प्रकट किया। सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा सपा मुखिया अखिलेश यादव व अन्य नेताओं ने भी दुख जाहिर किया है। सीएम योगी ने कहा कि उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना है। पत्रकारिता की यह अपूरणीय क्षति है। कमाल चौथे स्तंभ और निष्पक्ष पत्रकारिता के एक मजबूत प्रहरी थे। परवर दिगार उनकी आत्मा को शांति दे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कमाल खान के असामयिक निधन पर संवेदना प्रकट की है।

कमाल खान के निधन पर उनके NDTV साथियाों का कहना है कि गुरूवार शाम के 7 बजे और रात 9 बजे के प्राइम टाइम में उनकी खबरें चली थीं। रात 9 बजे प्राइम टाइम शो में कांग्रेस के 150 उम्मीदवारों की सूची पर कमाल खान ने बात की थी। प्राइम टाइम शो को होस्ट कर रहीं नगमा ने बताया उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि कमाल उनके बीच नहीं रहे।

कमाल खान को कभी नहीं भूल पाएंगे

पत्रकारों ने कहा कि कमाल खान का निधन बेहद कष्टप्रद है। उनका ना रहना पत्रकारिता जगत के लिए बहुत क्षति है। देर रात तक वो दायित्वों का निर्वहन करते रहे। सबसे वरिष्ठ होने के बाद भी फील्ड रिपोर्टिंग कभी नही छोड़ी। खबर पेश करने का उनका अंदाज देशभर में पत्रकारों को प्रेरित करता था। उन्हें कभी नहीं भूल पाएंगे। बता दें, कमाल खान को उनकी बेहतरीन पत्रकारिता के लिए रामनाथ गोयनका अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका था। इसके अलावा उन्हें भारत के राष्ट्रपति से गणेश शंकर विद्यार्थी अवार्ड भी मिल चुका था।