अनंत यात्रा पर कल्याण, नम आखों से दी गई अंतिम विदाई

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान-हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए।
 
Kalyan Singh's funeral

कल्याण सिंह का अंतिम संस्कार

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान-हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। राजकीय सम्मान के साथ बुलंदशहर जिले के नरौरा स्थित बंशी घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे राजवीर सिंह ने मुखाग्नि दी।

इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत कई बड़े नेताओं ने पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि दी।


पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह 'बाबू जी' की अंतिम यात्रा में भारी सैलाब उमड़ा। जिस भी रास्ते से बाबू जी का पार्थिव शरीर गुजरा, लोगों की आंखें नम हो गईं। महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चों ने उन पर पुष्प वर्षा की। कई घंटों तक लोग अलीगढ़ के स्टेडियम से बुलंदशहर के नरौरा घाट तक सड़कों के दोनों तरफ खड़े रहे। सुबह 9 बजे से शुरू हुई ये यात्रा शाम तीन बजे नरौरा घाट पहुंची। घाट पर पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा है। घाट को चारों तरफ से बंद कर दिया गया है।

इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 'आज मैं यहां कल्याण सिंह जी के अंतिम दर्शन के लिए आया हूं। उनका जाना भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। भाजपा ने एक दिग्गज नेता खोया है। देशभर में दबे, कुचले, पिछड़ों ने अपना एक अच्छा नेता गंवाया है। राम मंदिर आंदोलन में कल्याण सिंह जी बड़े नेता रहे। आंदोलन के लिए सत्ता त्याग करने के लिए तनिक भी नहीं सोचा। जब राम मंदिर का शिलान्यास हुआ उसी दिन मेरी बाबू जी से बात हुई थी। बड़े हर्ष और संतोष के साथ बताते थे कि मेरा सपना पूरा हुआ। उनका पूरा जीवन उत्तर प्रदेश के गरीब, पिछड़ों के लिए समर्पित रहा।'