पाक सीमा के पास इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड का उद्घाटन, राजनाथ बोले- आज एक ऐतिहासिक दिन

राजस्थान के बाड़मेर में बने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने आपात लैंडिंग फील्ड (ईएलएफ) का आज उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया समेत कई लोग शामिल हुए।
 
पाक सीमा के पास इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड का उद्घाटन, राजनाथ बोले- आज एक ऐतिहासिक दिन 

नई दिल्ली। राजस्थान के बाड़मेर में बने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने आपात लैंडिंग फील्ड (ईएलएफ) का आज उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया समेत कई लोग शामिल हुए। हवाई पट्टी पर वायुसेना के लड़ाकू विमान ने अपना दमखम दिखाया। देश में पहली बार है कि लड़ाकू विमान सुखोई 30 को किसी हाइवे पर उतारा गया है। 

पाकिस्तान के साथ लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर देश की वायुसेना ने आज इतिहास रच दिया। बाड़मेर-जालोर बॉर्डर के अड़गावा में बनी इमरजेंसी हाइवे हवाई पट्टी का उद्घाटन करने के लिए दोनों केंद्रीय मंत्री एक साथ दिल्ली से हरक्यूलिस विमान में सवार होकर बाड़मेर पहुंचे। उद्घाटन करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आज एतिहासिक दिन है। पहले सड़क पर वाहन चला करते थे, लेकिन 21वीं सदी में सड़क पर भी विमान उतरेंगे। भारत किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। 

बुधवार को वायुसेना ने इस हवाई पट्टी पर अपनी पहली रिहर्सल की। इस दौरान तीन फाइटर विमान उतारे। सबसे पहले हरक्यूलिस प्लेन को लैंड कराया गया। इसके बाद सुखोई, मिग और अगस्ता हेलिकॉप्टर की लैंडिंग कराई गई।देश में यह पहली बार हुआ है जब किसी नेशनल हाइवे का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना के विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए किया जा रहा है। इस दौरान एसयू-30 एमकेआई, सुपर हरक्यूलिस एंड जगुआर फाइटर विमानों का फ्लाईपास्ट हुआ। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए 24 महीने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन  इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड का निर्माण 19 महीनों के भीतर ही कर लिया गया। जुलाई 2019 में इसकी शुरुआत की गई थी और इसी साल जनवरी में पूरा कर लिया गया।