स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 लिस्ट जारी : राष्ट्रपति कोविंद 342 शहरों को किया सम्मानित, इंदौर पांचवीं बार टॉप पर

दिल्ली में स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की लिस्ट जारी हो गई है। इस बीच, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज यानी शनिवार को देश के 342 साफ शहरों को सम्मानित किया। इन शहरों को  'स्वच्छ सर्वेक्षण 2021' में स्वच्छ और कचरा मुक्त होने के लिए कुछ स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है।
 
स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 लिस्ट जारी : राष्ट्रपति कोविंद 342 शहरों को किया सम्मानित, इंदौर पांचवीं बार टॉप पर  

ग्वालियर। दिल्ली में स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की लिस्ट जारी हो गई है। इस बीच, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज यानी शनिवार को देश के 342 साफ शहरों को सम्मानित किया। इन शहरों को  'स्वच्छ सर्वेक्षण 2021' में स्वच्छ और कचरा मुक्त होने के लिए कुछ स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है। दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इंदौर शहर को पांचवीं बार स्वच्छ शहर का सम्मान मिला है। राष्ट्रपति कोविंद ने इंदौर के अधिकारी को पुरस्कार से सम्मानित किया। वहीं, दूसरे और तीसरे नंबर के शहरों को भी सम्मानित किया गया। 

10 लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों में ग्वालियर की स्वच्छता रैंक 15वीं रही है। बीते वर्ष शहर की रैंक 13वीं थी। इससे शहर वासियों की उम्मीद को गहरा झटका लगा है। सिर्फ गार्वेज फ्री सिटी से ही शहर को संतोष करना पड़ेगा। खास बात यह है की मध्यप्रदेश का इंदौर शहर पांचवी बार टॉप पर बरक़रार है। पूरे देश में कुल शहरों में ग्वालियर 42वें नंबर पर रहा है, जबकि बीते वर्ष 28वीं रैंक पर थे।

इस बीच, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज यानी शनिवार को देश के 342 साफ शहरों को सम्मानित किया। इन शहरों को  'स्वच्छ सर्वेक्षण 2021' में स्वच्छ और कचरा मुक्त होने के लिए कुछ स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है। दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इंदौर शहर को पांचवीं बार स्वच्छ शहर का सम्मान मिला है। राष्ट्रपति कोविंद ने इंदौर के अधिकारी को पुरस्कार से सम्मानित किया। वहीं, सूरत (गुजरात) और विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) को देश का दूसरा और तीसरा सबसे स्वच्छ शहर होने के लिए सम्मानित किया गया। 

मंत्रालय के अनुसार, इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहरों को शामिल किया गया है जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है. साल 2016 में इस कदम की शुरुआत पर सिर्फ 73 प्रमुख शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया था।  मंत्रालय ने कहा कहा, ‘‘इस साल के सर्वेक्षण की सफलता इस बार नागरिकों से मिले फीडबैक की संख्या के आधार पर आंकी गई है। इस बार पांच करोड़ से अधिक फीडबैक आए। यह संख्या पिछले साल 1.87 करोड़ थी।’’

मध्य प्रदेश का इंदौर इस बार भी टॉप पर रहा है। अफसरों ने काफी प्रयास तो किए, लेकिन मैदानी अमला से समन्वय नहीं होने से रैंक पाने से चूक गए हैं। शनिवार को दिल्ली में ग्वालियर नगर निगम को गार्वेज फ्री सिटी का तमगा जरूर मिल गया है। अवार्ड लेने के लिए नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल, अपर आयुक्त संजय मेहता एवं स्वच्छता के नोडल अधिकारी श्रीकांत काटे दिल्ली में ही हैं।