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बरेली : शुभलेश की कुर्सी जाते ही शुरू हुआ अटकलों का दौर, …तो क्या फिर मिलेगी वीरपाल को सपा की कमान!

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एक पूर्व मंत्री ने वीरपाल कुछ पास भिजवाया घर वापसी का पैगाम, वीरपाल बोले, अब कदम बहुत आगे बढ़ चुके हैं

शुएब/ संजीव गंभीर

बरेली। …तो क्या वीरपाल सिंह फिर ज़िले में समाजवादी पार्टी की कमान संभालेंगे ! इस बात के कयास लगाए जाने लगे हैं। ये अटकलें बेवजह भी नहीं हैं। इनके पीछे वजह वीरपाल का सपा को खड़ा करने में वीरपाल उनकी भूमिका,मुलायम सिंह के प्रति उनकी वफादारी और मौजूदा हालात में अखिलेश का सेक्युलर मोर्चा को अस्तित्वहीन करने की मजबूरी अहम है। शुभलेश को जिला अध्यक्ष पद से हटाने और फिर उनको उत्तरांचल में ज़िम्मेदारी भी दे दिए जाने से ये संकेत भी मिल रहे हैं कि सपा हाईकमान यहां सर्वमान्य हल निकालने की जुगत में है।

माने जाते हैं मुलायम के वफादार

पूर्व सांसद वीरपाल सिंह मुलायम सिंह के वफादारों में से एक और बरेली में उनके सबसे खास माने जाते हैं। बरेली में सपा को खड़ा करने में उनकी भूमिका भी अहम रही है। 2012 कि विधानसभा चुनाव में बरेली ज़िले की 9 विधानसभा सीटों में से 7 पर सपा का परचम फहरने की उपलब्धि उन्हीं की ज़िलाध्यक्षी में लिखी हुई है। सपा के इस कद्दावर नेता की सांगठनिक क्षमता का लोहा राजनीतिक गलियारों में माना जाता है, लेकिन 2012 में बनी अखिलेश सरकार में वीरपाल को कई मौक़ों पर उपेक्षा का दर्द झेलना पड़ा।

वीरपाल को किनारे करने की रणनीति बनाकर काम किया

दरअसल अखिलेश सरकार में ज़िले के कुछ विधायकों ने वीरपाल को किनारे करने की रणनीति बनाकर काम किया।ज़िले में अपना दबदबा बनाने के लिए उनके सामने वीरपाल ही सबसे अहम चुनौती थे और फिर वीरपाल उनके हाथों मात भी खा गए। अखिलेश ने कई मौक़ों पर उनके पर कतरे। अखिलेश अपनी यूथ विंग पर ज़्यादा भरोसा करते हुए वीरपाल को किनारे करते रहे।

तब भी मुलायम के साथ खड़े हुए थे !

2017 के चुनाव से ठीक पहले जब मुलायम और शिवपाल अखिलेश से अलग अपना अस्तित्व दिखाने खड़े हुए, तो वीरपाल मुलायम के साथ ही खड़े हुए। मुलायम से उन्होंने उन सपा विधायकों के खिलाफ दूसरों को टिकट भी दिला दिए। उस वक़्त अखिलेश के खास लोगों ने वीरपाल के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और उनको हर तरह से बुरा कहा। चुनाव आने तक सपा का कुनबा एक हो गया और चुनाव में वीरपाल को बिथरी से टिकट भी मिल गया।

वीरपाल को फिर सबसे मजबूत साबित कर दिया

कहा तो ये जा रहा था कि वीरपाल की परफॉर्मेंस ज़िले भर के सपाइयों में सबसे फिसड्डी होगी और सपा हाईकमान ने उनको टिकट देकर उनकी हैसियत सामने लाने और उनको ठिकाने लगा देने के मंसूबे से ही उनको टिकट दिया है।अखिलेश ने तो उनके क्षेत्र में मीटिंग भी नहीं की, लेकिन चुनाव के नतीजों ने वीरपाल को फिर सबसे मजबूत साबित कर दिया।वीरपाल ज़िले भर के सपा प्रत्याशियों में सबसे कम वोट से हारे। खुद वीरपाल ने कहा भी कि अगर अखिलेश उनके क्षेत्र में एक मीटिंग कर लेते तो वो चुनाव जीत जाते।

एक दूसरे के खिलाफ कान भरने का काम चलता रहा

प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने और सपा के बरेली ज़िले की सभी 9 सीटों से सफाया होने के बाद सपा की ज़िले में हालत सुधारने पर काम तो नहीं हुआ अलबत्ता कांट छांट और एक दूसरे के खिलाफ कान भरने का काम चलता रहा। सपा के जिलाध्यक्ष शुभलेश का कद विधायक रहे कई नेताओं से छोटा बैठता और शुभलेश अपनी बचाने के लिए उनको साधने में ही लगे रहे। कुछ ने शुभलेश को मोहरे की तरह इस्तेमाल किया। अपनी हैसियत बढ़ाने और वीरपाल को ठिकाने लगाने में। वीरपाल ने इन दिनों में भी अपनी हैसियत दिखाने की कोशिश की, लेकिन उनके खिलाफ खड़े नेताओं की जमात ने उनको किनारे करने में अपनी ताकत झोंके रखी।

वीरपाल ने ढील से लड़ाया पेंच और शुभलेश की कट गई पतंग!

शिवपाल ने जब सेक्युलर मोर्चा बनाया तो वीरपाल उनके साथ जा खड़े हुए। मुलायम भी शिवपाल के साथ नज़र आए तो वीरपाल ये कहते हुए के वो तो नेताजी के सिपाही हैं, सपा को छोड़ गए। इसके बाद जब ब्यानबाज़ियों का दौर चला तो शुभलेश ने ज़्यादा आक्रामक रूप ले लिया। शुभलेश ने वीरपाल के खिलाफ उस तरह ही बयानबाज़ी शुरु कर दी, जैसे वीरपाल के मुखालिफ सपा नेता करते हैं। एक से बढ़कर एक तीखे बयान देने की होड़ लग गई।

शुभलेश समझ नहीं पाए

हद तो यह हो गई कि कुर्सी के नशे में चूर शुभलेश ने वीरपाल की हैसियत तक पूछ ली और यह भी कहा कि अगर वीरपाल को सपा छोड़ने का पछतावा हो रहा हो तो वो नेता जी और अखिलेश जी से माफी मांगवाकर पार्टी में वापसी करवा लेंगे।
वीरपाल ये पेंच ढील से लड़ाते रहे और शुभलेश समझ नहीं पाए।नतीजा शुभलेश की पतंग कट गई और एकाएक उनसे ज़िलाध्यक्षी छीन ली गई। साथ ही क़दीर अहमद को भी चलता कर दिया गया। सूत्र बताते हैं कि इस बयानबाज़ी की गाज तो कुछ और पर भी गिरनी थी, लेकिन वो सीधे कार्रवाई की ज़द में नहीं आ रहे थे, जैसे ज़िला या महानगर संगठन। बताते हैं कि हाईकमान ने अपनी नाराजगी उनसे ज़ाहिर भी कर दी है।

….तो सेक्युलर मोर्चे को होगा बड़ा नुकसान !

चंद रोज़ में बदले इस परिवेश में वीरपाल के फिर घर वापसी की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। कहा जा रहा है कि वीरपाल को फिर ज़िले में सपा की कमान दी जा सकती है। मुलायम सिंह अखिलेश के पाले में खड़े हैं और इतना वीरपाल को घर वापस आने का सहारा व आधार काफी है। ये भी माना जा रहा है कि अखिलेश इस वक़्त किसी भी सूरत में सेक्युलर मोर्चे को मजबूत होने देना नहीं चाहते। चुनाव से पहले अखिलेश इस खुशफहमी में थे कि वो चुनाव जीत रहे हैं और ये मुग़ालता उनके अंदर घमंड भी डाले हुए था।

अखिलेश अब ज़मीनी हक़ीक़त जानकर क़दम उठा रहे

इसी घमंड में वो उस वक़्त झुकने के लिए तैयार नहीं थे। उनके साथी विधायक भी उनको अकेले दम पर जीत हासिल कर लेने का ख्वाब दिखाए हुए थे। अब स्थिति उलट है। अखिलेश अब ज़मीनी हक़ीक़त जानकर क़दम उठा रहे हैं। कल ही आज़म खान का स्टैंड भी इस बात को ज़ाहिर कर रहा है कि अखिलेश अब मुलायम सिंह को पूरी तरह अपने साथ लेकर काम कर रहे हैं। खैर सपा की ज़िले में राजनीति किस करवट बैठती है, ये तो वक़्त बताएगा।

शुभलेश को भी पूरा सम्मान दिया जाएगा

अखिलेश वीरपाल को अपने साथ लाते हैं और वीरपाल फिर उनमें आस्था जताते हैं, ये सब बातें भी वक़्त की आगोश में हैं, लेकिन इतना तय है कि अगर वीरपाल फिर सपा में पहुंच गए तो सेक्युलर मोर्चे का ज़िले में कोई खास वजूद नहीं बचेगा।दूसरी तरफ ये भी लग रहा है कि अगर इस तरह के राजनीतिक समीकरण बनते हैं तो शुभलेश को भी पूरा सम्मान दिया जाएगा, इसकी झलक दिखाई भी दी है।

सपा में उठा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा

उधर इस मामले में सपा सरकार में मंत्री रहे एक नेता ने वीरपाल सिंह के पास सपा में वापसी का पैगाम भिजवाया तो वीरपाल यादव ने साफ कहा अब वो बहुत आगे निकल चुके हैं और लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। वीरपाल यादव ने मीडिएटर से सवाल भी पूछा कि क्या मंत्री जी को नेता जी या अखिलेश जी ने इस काम के अधिकृत कर रखा है?
बहरहाल सपा में उठा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। सपा के तमाम पार्षद एक पूर्व मंत्री का संकेत मिलते ही लखनऊ दौड़े थे और कदीर अहमद की हिमायत की थी वरना जफर बेग की ताजपोशी महानगर अध्यक्ष पद के लिए हो चुकी होती। https://www.kanvkanv.com

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बहराइच में हुईं मतदाता जागरूकता फोरम की लांचिंग

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राधेश्याम मिश्र

बहराइच । भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित किये जा रहे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का एक मात्र उद्देश्य यह है कि देश के सभी अर्ह स्त्री-पुरूष लोकतन्त्र के महापर्व में सम्मिलित हों और अच्छे से अव्छे व्यक्ति निर्वाचित होकर लोकसभा, विधानसभा तथा अन्य सदनों में हमारा नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में सभी को समान अधिकार दिये गये हैं। उन अधिकारों में से सबसे सशक्त अधिकार है मतदान का अधिकार। मतदान के माध्यम से हम स्वतन्त्र रूप से निष्पक्ष रहते हुए बिना भय व प्रलोभन के अपनी पसन्द के व्यक्ति को चुनने के लिए अपना मत दे सकते हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता जागरूकता फोरम के लांचिंग के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने उक्त विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि समय के साथ-साथ समाज नैतिक पतन की ओर अग्रसर है। आवश्यकता इस बात की है कि हम लोकतन्त्र के सहारे अपनी सभ्यता के पुराने मूल्यों को बचाने का प्रयास करें। एक स्वतन्त्र राष्ट्र के नागरिक होने के नाते हमारा फर्ज़ है कि हम सब मिलकर इस बात का प्रयास करें कि सभी जनपदवासी अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर मज़बूत लोकतन्त्र के आधार पर देश को विश्व के शिखर पर स्थापित करने में सहयोग प्रदान करें।
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि कलेक्ट्रेट की भाॅति जनपद के सभी सरकारी कार्यालयों में मतदाता जागरूकता फोरम का गठन करायें। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सरकारी विभाग अपने-अपने विभाग के नाम से फोरम बनाकर नोडल अधिकारी नामित करेंगे जिससे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सभी अर्ह नागरिकों को मतदाता सूची में सम्मिलित कराते हुए शत-प्रतिशत मतदाताओं को जागरूक कर मतदान के लिए प्रेरित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि आगामी 25 जनवरी को जनपद में समारोहपूर्वक राष्ट्रीय मतदाता दिवस आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाॅ कर ली जायें। इस अवसर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किये जायें जिसमें अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम के माध्यम से हमें लोगों को यह बताने की ज़रूरत है कि आपका एक वोट राष्ट्रीय महत्व का है इसलिए जब भी अवसर मिले इसका प्रयोग अवश्य करें।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट के लिए गठित किये गये मतदाता जागरूकता फोरम के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मोहम्मद असलम खाॅ को नोडल, प्रशासनिक अधिकारी रामदीन व आबिद अली को सहायक नोडल अधिकारी तथा नाज़िर सदर मोहम्मद शरीफ, डीएलआरसी मोहर सिंह, सामान्य लिपिक वीरेन्द्र कुमार, स्टाम्प लिपिक शिव करन लाल आर्य, रीडर अनुरूद्ध कुमार श्रीवास्तव, एलआरसी हनुमान प्रसाद गुप्ता व एपीआरके सुरेन्द्र पाण्डेय को सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी राम सुरेश वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार यादव सहित कलेक्ट्रेट के पटल सहायकगण मौजूद रहे। https://www.kanvkanv.com

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श्रावस्ती : आंख बचावे खातिर डर के मारे देईत है पैसा, चिकित्सा अधीक्षक बोले, दंडित होंगे जिम्मेदार

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राधेश्याम मिश्र

श्रावस्ती|अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत मोतिया¨बद के ऑपरेशन से लेकर चश्मा वितरण तक सबकुछ नि:शुल्क है। आंख की रोशनी सही सलामत वापस आ जाए, इसके लिए डर कर लोग पैसे की हर मांग पूरी करते हैं। जिम्मेदार आम आदमी के डर का फायदा उठाकर चश्मे की दुकान चला रहे हैं।
टडंवा ,रमनगरा और बीरपुर गांव के उमादत्त शुक्ल ,ऱामराजी और हमीद ने अपने अपने-अपने लहजे में बताया कि शरीर मा आंखै सबकुछ है। ऑपरेशन के बाद रोशनी वापस आवै यहि से साहब लोग जवन कुछ रुपया मांगत हैं दै दीन जात है। साहब लोग पैसा न मिलय पर नाराज होइकै आंख खराब न कै देय। यह कै डर हमका हरदम लाग रहत है। रेखा देवी ने बताया कि बाहर ऑपरेशन कराने जाने पर भी खर्च लगता है। यहां यही संतोष कर पैसा दे देते हैं कि कम से कम भटकना नहीं पड़ेगा और आसानी से काम हो जाएगा|रामराज ने बताया कि चश्मा के लिए पैसा मांगने पर टोका था, लेकिन बताया गया कि सब फ्री नहीं मिलता है। चश्मे की कोई रसीद भी नही मिली तो भ्रष्टाचार का अंदेशा हो गया था, लेकिन किससे अपना दर्द बताएं। मुन्नी देवी ने बताया कि मेरे गांव के कई लोगों ने आंख का ऑपरेशन कराया है। सबसे चश्मे का पैसा लिया गया है। पैसा न देने पर जलालत भी झेलनी पड़ती है।
वही पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यूसी तिवारी ने कहा कि चश्मा वितरण कार्यक्रम का संचालन सीएमओ के स्तर से होता है। अंधता निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी इसकी निगरानी करते हैं। जिला अस्पताल के कर्मियों से पूछताछ की गई है। यहां कोई दुकान नहीं चलनी चाहिए। इसके सख्त निर्देश भी दिए गए हैं।बावजूद अगर कोई नियम के विपरीत कार्य करता है तो  जब तक उनके पास ठोस जबाब देने वाला प्रार्थनी नही आ जाता है तब तक वह किस विनय.पर.किसी.डाक्टर या कर्मचारीचारी को दंडित नही कर सकते है| https://www.kanvkanv.com

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श्रावस्ती : लालपुर गांव में फैला खसरा, 10 बीमार, समय बीतने के बाद चेता विभाग

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अशुतोष मिश्र

श्रावस्ती। जिला का स्वास्थ्य विभाग शासन प्रशासन के तमाम चेतावनी के बाद भी अपने दायित्यों के प्रति समय से सचेत नही हो रहा है |यही कारण है कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा देश के इस अति पिछड़े जिला को स्वास्थ्य में विशेष पैकेज और वरियता देने के बाद भी यहां की स्थिति  स्वास्थ्य के दिशा में सुधरने का नाम नही ले रही है,और जिम्मेदार समय बीतने के बाद लाठी पिटने का काम मौके पर जाते हैं,जनता  यह सवाल उठा रही है कि विभाग समय पर अपने दायित्वों के प्रति सजग क्यों नही रहता है|

एक सप्ताह से खसरा फैला हुआ है

जिला के समाजसेवी व पूर्व प्रवक्ता  लाल जी पाठक का कहना है कि जिम्मेदार यह क्यों भूल जा रहे हैं कि हम उस देश में जी रहे है,जहां पर सरकारी क्षेत्रों में नौकरी नही है और निजी इलाके में ऐसे ऐसे टैलेन्टेड लोग एमबीए और एमसी करके दो से पांच हजार की नौकरी करने के लिए बाध्य हैं,किन्तु जिन लोगों को नौकरी मिल गई है वह कार्य नही करना चाहते है,और कार्य के नाम पर बहाने ढूड़ते रहते हैं यही कारण है कि दुर्घटनाएं हो जाने के बाद सरकारी विभाग को जिम्मेदारी की याद सिर्फ कोरम पूरा होने के लिए याद.आती है,और.कोरम पूरा करने की बला टालकर सरकारी कर्मचारी पुन: अपने पूरे सुबिधा शुल्क के ढारे पर वापस आ जाता है,श्री पाठक कहते है कि उनके समय में सरकारी सेवा समाज सेवा था,और आज सरकारी सेवक जनता को लूटने का अपना सबसे बड़ा हथियार बना चुके है,उसमें भी स्वास्थ्य और शिछा तो एक नम्बर पर है|बता दे कि जिला के सिरसिया विकास खंड अन्तर्गत के ग्राम पंचायत लालपुर में एक सप्ताह से खसरा फैला हुआ है। गांव में 10 लोग बीमार हैं। सूचना के बाद भी स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची है। संक्रमण के चलते बीमारी तेजी से फैल रही है।

ये हुए बीमार

जिसके अन्तर्गत लालपुर गॉव के अवशेष (15), राजन (10) व लवकुश (7) पुत्रगण समयदीन, वसीम (18) पुत्र हजद राईनी, साहिल (30) पुत्र फजल राइनी, किस्मत अली (3) पुत्र ¨झगई व करिश्मा (5) पुत्री ¨झगई आदि खसरे से पीड़ित चल रहे हैं। रामदीन ने बताया कि एक सप्ताह से गांव में बीमारी फैली हुई है। एक घर से शुरू हुई बीमारी का संक्रमण अन्य घरों तक तेजी से फैल रहा है। फजल राइनी ने बताया कि बीमारी की सूचना स्वास्थ्य केंद्र पर दी गई है, लेकिन कोई देखने नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर नीम-हकीम के सहारे पीड़ितों का इलाज चल रहा है। सीएमओ डॉ. बी के सिंह ने फोन नही उठाया,उनके एक अन्य सहयोगी ने बताया कि स्वास्थ्य टीम गांव में भेज कर पीड़ितों का इलाज शुरू कर दिया गया है। https://www.kanvkanv.com

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