अमेरिका ने लिया SIS-K से बदला, काबुल धमाकों के हमला के मास्टर माइंड को किया ढेर ,जानिए ISIS-K के बारे में

काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुए बम धमाकों का बदला अमेरिका ने ले लिया है। अमेरिका ने अफगानिस्तान में ISIS-खुरासान (ISIS-K) ग्रुप के ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया है। 
 
Bomb blast outside Kabul airport
काबुल धमाकों का मास्टर माइंड ढेर

काबुल। काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुए बम धमाकों का बदला अमेरिका ने ले लिया है। अमेरिका ने अफगानिस्तान में ISIS-खुरासान (ISIS-K) ग्रुप के ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया है।  ये हमला अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में किया गया है, जो कि पाकिस्तानी सीमा से लगा हुआ है । इस इलाके को ISIS का गढ़ माना जाता है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक यहां हुए अमेरिकी हमले में काबुल धमाकों का मास्टरमाइंड मारा गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता कैप्टन बिल अरबन ने ये जानकारी दी है।

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक अमेरिकी ड्रोन ने मध्य-पूर्व की किसी अज्ञात लोकेशन से बीती रात उड़ान भरी और ISIS-K के आतंकी को उस वक्त निशाना बनाया जब वह अपने दूसरे सहयोगी के साथ कार में सवार था, ये दोनों अमेरिकी हमले में मारे गए हैं।

क्या है ISIS-K?
ISIS-K का नाम उत्तरपूर्वी ईरान, दक्षिणी तुर्कमेनिस्तान और उत्तरी अफगानिस्तान में आने वाले इलाकों के नाम पर रखा गया है। यह संगठन सबसे पहले 2014 में पूर्वी अफगानिस्तान में सक्रिय हुआ था। इसने पिछले कुछ सालों पूर्वी अफगानिस्तान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। खासतौर से अफगानिस्तान के नंगरहार और कुनार प्रांतों में इसकी अच्छी पहुंच है। इस संगठन ने काबुल में स्लीपर सेल तैनात किए हैं, जिन्होंने 2016 से बड़ी संख्या में काबुल और उसके बाहर आत्मघाती हमले किए हैं। ISIS-K शुरुआती तौर पर सिर्फ पाकिस्तान से सटे कुछ इलाकों तक सीमित था, लेकिन अब यह जाज्वान और फरयाब समेत उत्तरी प्रांतों में भी दूसरा प्रमुख गुट बन गया है।