अब अफगानिस्तान के क्रिकेटर भी बोल रहे तालिबान की भाषा, जानिए ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को क्या कहा ?

अफगानिस्तान पर तालिबान ने कब्ज़ा कर लिया है। इस बीच खबर है की अफगान के क्रिकेट टीम के कप्तान असगर ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान टिम पेन के उस बयान पर भड़क गये हैं जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान से क्रिकेट न खेलने की सलाह सभी देशों को दी थी

 
अब अफगानिस्तान के क्रिकेटर भी बोल रहे तालिबान की भाषा, जानिए ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को क्या कहा ?

नई दिल्ली। अफगानिस्तान पर तालिबान ने कब्ज़ा कर लिया है। इस बीच खबर है की अफगान के क्रिकेट टीम के कप्तान असगर ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान टिम पेन के उस बयान पर भड़क गये हैं जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान से क्रिकेट न खेलने की सलाह सभी देशों को दी थी.

असगर ने कहा कि हम अपनी मेहनत से क्रिकेट में इस मुकाम तक पहुंचे हैं और उन्हें अपनी टीम की क्षमताओं को ध्यान में रखकर कोई भी बात कहनी चाहिये. अफगान ने चेतावनी भरे लहजे में तालिबान के फैसले का समर्थन करते हुए अपनी बात कही. तालिबान ने महिलाओं के खेलने पर रोक लगा दी है. इससे नाराज होकर टिम पेन ने अफगानिस्तान से क्रिकेट न खेलने का समर्थन किया था.

असगर ने कहा कि हमने मेहनत करके क्रिकेट में बड़ी बड़ी टीमों को हराया है. हमें नियमों के मुताबिक आईसीसी की हर इवेंट में भाग लेने का अधिकार है और कोई भी हमें नहीं रोक सकता. हमारे राष्ट्रीय हीरो क्रिकेट और पूरे देश में अच्छा काम करेंगे इंशाअल्लाह…….

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के टेस्ट कप्तान टिम पेन ने कहा है कि वह उस देश के खिलाफ नहीं खेलना चाहेंगे जो अपनी आधी आबादी के साथ भेदभाव करता है. ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के बीच इस साल नवंबर में एकमात्र टेस्ट मैच होना है.

अफगानिस्तान की नवनिर्वाचित तालिबान सरकार द्वारा महिलाओं के क्रिकेट खेलने के विरोध की घोषणा के बाद ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान की पुरुष टीमों के बीच टेस्ट को रद्द किया जाना तय माना जा रहा है. 

पेन ने कहा था कि मुझे नहीं लगता कि हम उन देशों के साथ जुड़ना चाहते हैं जो अपनी आधी आबादी से अवसर या चीजें छीन रहे हैं. यह दुख की बात है . टेस्ट कप्तान ने कहा कि हमने आईसीसी से कुछ भी नहीं सुना है.

एक महीने में टी20 विश्व कप है . मुझे लगता है कि इसमें अफगानिस्तान के लिए भाग लेना असंभव है . टिम पेन ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हम उन देशों से जुड़ना चाहते हैं, जिनके फैसले अपनी आधी आबादी को ही ध्यान में रखकर लिए जाते हैं.