Tuesday, August 16, 2022
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श्रीलंका में जनता की बगावत के बाद घर छोड़कर भागे राष्ट्रपति राजपक्षे, प्रेसिडेंट हाउस पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा

कोलंबो। आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में जनता सड़कों पर है। प्रदर्शनकारियों के घेराव और गुस्से को देखते हुए राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अपना आवास छोड़कर भाग खेड़े ​हुए। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों राष्ट्रपति आवास पर कब्जा कर लिया है। यह घटना उस वक्त है जब पुलिस ने हजारों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे

जानकारी के मुताबिक श्रीलंका में आर्थिक हालात से त्रस्त प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास को घेर लिया। जनाक्रोश को भांप कर राष्ट्रपति राजपक्षे परिवार समेत अपने आवास को छोड़ कर भाग गए हैं। श्रीलंका के रक्षा सूत्रों की ओर से राष्ट्रपति राजपक्षे के भागने की पुष्टि की गयी है।

श्रीलंका में प्रेसिडेंट हाउस पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा

उल्लेखनीय है कि दो माह पूर्व 11 मई को तत्कालीन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को भी इसी जनाक्रोश का सामना करना पड़ा था। तब उग्र भीड़ द्वारा सरकारी आवास घेर लिये जाने पर महिंदा राजपक्षे को भी परिवार के साथ घर छोड़कर भागना पड़ा था।

श्रीलंका में लगातार बिगड़ते आर्थिक संकट के लिए राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को जिम्मेदार मानकर उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है। इसके लिए श्रीलंका में सरकार विरोधी रैली चल रही है। शनिवार को गुस्साए लोगों की भीड़ ने कोलंबो स्थित राष्ट्रपति आवास को घेर लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आवास पर जमकर तोड़फोड़ की।

इससे पहले शुक्रवार को श्रीलंका में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाकर सेना को हाई अलर्ट पर कर दिया गया था।

पुलिस प्रमुख चंदना विक्रमरत्ने ने कहा कि राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार रात नौ बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को सत्ता से हटाने के लिए शुक्रवार को कोलंबो में प्रवेश किया था, जिसके बाद कर्फ्यू का फैसला लिया गया।

श्रीलंका में खाद्य संकट

बता दें कि केमिकल फर्टिलाइजर पर बैन के चलते देश में खाद्य संकट पैदा हो गया है। गैस की कमी के कारण लोग घरों में चूल्हा जला रहे हैं। श्रीलंका के मध्यमवर्गीय परिवारों ने भी अपने भोजन की खपत को कम कर दिया है, क्योंकि वे इतनी महंगी खाद्य सामग्री लेने से कतरा रहे हैं। मई में जो महंगाई 39.1% थी, वो जून में बढ़कर 54.6% हो गई है। अगर सिर्फ खाद्य महंगाई को देखें तो मई में जो 57.4% थी, वो जून में बढ़कर 80.1% हो गई है।

आजादी के बाद सबसे बड़ा आर्थिक संकट
श्रीलंका में लोगों को रोजमर्रा से जुड़ी चीजें भी नहीं मिल पा रही हैं या कई गुना महंगी मिल रही हैं। विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खत्म हो चुका है, जिससे वो जरूरी चीजों का भी आयात नहीं कर पा रहा है। सबसे ज्यादा ईंधन की कमी है। पेट्रोल-डीजल पर कई किलोमीटर लंबी लाइनें हैं। विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं।

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