Thursday, August 18, 2022
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कोरोना-मंकीपॉक्स के बीच अब मारबर्ग वायरस ने बढ़ाई टेंशन, जानिए क्या है लक्षण

जेनेवा। पूरी दुनिया अभी कोरोना वायरस और मंकीपॉक्स के प्रकोप से जूझ ही रही है, वहीं अब मारबर्ग वायरस (Marburg virus) का खतरा मंडराने लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस बाबत चेतावनी जारी करते हुए हालात बेकाबू होने की संभावना भी जताई है।

बीते दो वर्ष से दुनिया कोरोना वायरस के प्रकोप से पूरी तरह उबरी भी नहीं थी कि अब एक नए वायरस मारबर्ग की आहट ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। मारबर्ग वायरस के कारण घाना में पिछले महीने दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ये दोनों लोग मारबर्ग वायरस से संक्रमित पाए गए थे। अब प्रशासन ने दोनों के संपर्क में आने वाले लोगों को एतिहातन आइसोलेट कर दिया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी मारबर्ग वायरस को लेकर चेतावनी जारी की है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि यदि मारबर्ग वायरस को लेकर तुरंत जागरुकता के साथ सावधानी नहीं बरती गयी तो स्थिति बिगड़ सकती है। डब्ल्यूएचओ ने साफ कहा कि मारबर्ग वायरस का प्रसार हुआ तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। जानकारों के मुताबिक मारबर्ग वायरस के कारण मारबर्ग वायरस डिजीज (एमवीडी) का खतरा होता है और इसकी मृत्युदर 88 फीसदी से अधिक हो सकती है।

क्या है मारबर्ग वायरस?

मारबर्ग वायरस कोरोना की ही तरह चमगाड़ों के स्रोत के कारण होने वाली बीमारी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, संक्रमित जानवर से इंसानों में वायरस के क्रॉसओवर के बाद इसका एक से दूसरे व्यक्ति में संचरण हो सकता है। जानकारों के मुताबिक, मारबर्ग वायरस के कारण मारबर्ग वायरस डिजीज (MVD) का खतरा होता है और इसकी मृत्युदर 88 फीसदी से अधिक हो सकती है। आपको बता दें कि ये वायरस भी इबोला परिवार का ही सदस्य है। बताया जा रहा है कि मारबर्ग इबालो से भी ज्यादा तेजी से संक्रमण फैलाता है। साल 1967 में जर्मनी के मारबर्ग और फ्रैंकफर्ट में सबसे पहले इस वायरस का प्रकोप देखा गया था।

मारबर्ग वायरस के लक्षण

इसके लक्षण 2 से 21 दिनों के बीच कभी भी शुरू हो सकते हैं। इसके बाद आपको तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द और गंभीर सिरदर्द जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। तीसरे दिन के आसपास रोगी पेट में दर्द, उल्टी, गंभीर पानी वाले दस्त और ऐंठन की शिकायत कर सकता है। 5 और 7 दिनों के बीच रोगी नाक, मसूड़ों से रक्तस्राव और उल्टी और मल में खून आने की शिकायत कर सकता है। अक्सर लक्षण शुरू होने के 8 से 9 दिनों के बीच खून बहने से रोगी की मौत हो जाती है।

 

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